खेत में सोयाबीन कट चुकी है, ट्रैक्टर तैयार है, पर सुबह की हवा में वह ठिठुरन नहीं जो गेहूं बोने का इशारा देती है। किसान उलझन में हैं: अभी बोएँ या ठंड का इंतज़ार करें।

IMD के आंकड़े साफ करते हैं कि यह साल अलग है। जून से सितंबर में देश में औसत का 87 प्रतिशत पानी गिरा, जो 2015 के बाद सबसे कम है।

एक नज़र में: मौसम और रबी 2026-27

क्याजानकारीस्रोत
मानसून की पूरी विदाई15 अक्टूबर 2026IMD
मानसून की बारिशLPA का 87%IMD
अक्टूबर में बारिशसामान्य से कमIMD आउटलुक
ENSO स्थितिमज़बूत एल नीनोIMD
रबी उत्पादन लक्ष्य177.72 मिलियन टनकृषि मंत्रालय
किसान कॉल सेंटर1800-180-1551केंद्र सरकार

1. ला नीना नहीं, एल नीनो: यही है असली कहानी

ला नीना और कड़ाके की ठंड की चर्चा के उलट, IMD के 30 सितंबर के आउटलुक के अनुसार भूमध्यरेखीय प्रशांत में मज़बूत एल नीनो है और मॉडल साल के अंत तक इसके और मज़बूत होने का संकेत दे रहे हैं। इसके नवंबर में चरम पर पहुँचने और मार्च से कमज़ोर पड़ने का अनुमान है।

2. गर्म रातें, देर से आती ठंड

IMD का अनुमान है कि अक्टूबर में देश के ज़्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा और न्यूनतम तापमान भी लगभग हर जगह सामान्य से अधिक। यानी उत्तर की ठंडी हवा का असर अभी कमज़ोर है। नवंबर का आउटलुक महीने के आखिर में आएगा।

3. पानी देखकर फसल चुनें: केंद्र और राज्य की सलाह

29 सितंबर के राष्ट्रीय रबी सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने राज्यों से कहा कि कम नमी और सीमित सिंचाई वाले इलाकों में ज़्यादा पानी वाली फसलें न लें, दलहन-तिलहन को आगे रखें। पश्चिमी MP में बारिश सामान्य से कम बताई जा रही है, वहाँ चना और सरसों अहम विकल्प हैं।

जानकारी के अनुसार प्रदेश के कृषि विभाग ने भी पानी के हिसाब से क्षेत्रवार फसल योजना बनाई है और जल्दबाज़ी न करने की सलाह दी है।

4. खाद, बीज और खेत बचाओ अभियान

कृषि मंत्रालय के अनुसार रबी के लिए खाद का भंडार 163 लाख मीट्रिक टन से ज़्यादा है। 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक खेत बचाओ अभियान चलेगा। आम लोगों के लिए: गुलाबी ठंड में देर हो सकती है, पर अचानक बदलाव के लिए IMD की चेतावनी देखते रहें।

आज ही कर लें ये 5 काम

  1. खेत की नमी जाँचकर ही बोवनी का दिन तय करें।
  2. कम पानी वाले खेत में चना या सरसों पर विचार करें।
  3. प्रमाणित बीज और पक्का बिल लें, बीजोपचार करें।
  4. मिट्टी परीक्षण के हिसाब से खाद डालें।
  5. Meghdoot ऐप या कृषि विज्ञान केंद्र से मौसम सलाह लें।

यह खबर 21 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। मौसम के अनुमान बदल सकते हैं। बोवनी से पहले mausam.imd.gov.in, अपने ज़िले के कृषि विभाग या कृषि विज्ञान केंद्र से पुष्टि कर लें।