देश में अक्सर धर्म और जाति के नाम पर विवाद और तनाव की खबरें सामने आती हैं, लेकिन इन सबके बीच हरदा जिले से आपसी भाईचारे और इंसानियत की मिसाल पेश करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां आर्थिक तंगी और महंगाई के चलते गणेश उत्सव नहीं मना पा रहे हिंदू परिवारों की मदद के लिए मुस्लिम समाज का एक युवक आगे आया। उन्होंने अपने खर्च से गणेश प्रतिमा दिलवाई और कॉलोनी के लोगों से उत्सव मनाने की अपील की। अब पूरी कॉलोनी में उत्साह और उमंग के साथ गणेश उत्सव मनाया जा रहा है।

हरदा जिले के ग्राम चारखेड़ा के टीटी नगर में हर साल गणेश उत्सव धूमधाम से मनाया जाता था, लेकिन महंगाई और आर्थिक परेशानी के चलते पिछले कुछ वर्षों से यहां गणेश उत्सव का आयोजन नहीं हो पा रहा था।

इस बार कॉलोनी के मुस्लिम युवक फारूक शाह ने पहल की। उन्होंने कॉलोनी के लोगों के साथ मिलकर चंदा एकत्रित किया, लेकिन राशि पर्याप्त नहीं हो सकी। इसके बाद एक बार फिर उत्सव फीका पड़ने की स्थिति बन गई।

इसी दौरान फारूक शाह ने गणेश उत्सव समिति के सदस्यों को गणेश प्रतिमा अपने खर्च से दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आप लोग उत्सव की तैयारियां कीजिए, आयोजन में आगे भी किसी तरह की जरूरत पड़ेगी तो वे अपनी ओर से मदद करेंगे।

फारूक की इस पहल के बाद कॉलोनी में खुशी का माहौल है और गणेश उत्सव पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है।

फारूक शाह का कहना है कि धर्म और आस्था हर व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है और सभी को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। आर्थिक परेशानी के कारण किसी के धार्मिक उत्सव में बाधा न आए, इसी सोच के साथ उन्होंने अपने हिंदू भाइयों की मदद की।

चारखेड़ा की यह तस्वीर बताती है कि आपसी भाईचारा और इंसानियत किसी धर्म की सीमा में बंधी नहीं होती। अगर समाज में इसी तरह एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान और जरूरत के समय सहयोग करने की भावना बनी रहे, तो आपसी सौहार्द और भाईचारे को और मजबूत किया जा सकता है।