राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में गुलाबगंज के दांगी धर्मशाला में एक प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में संघचालक शिवप्रसाद तिवारी और विभाग संयोजक सामाजिक सद्भाव विदिशा के प्रकाश शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र पर पुष्पार्पण से की गई। मुख्य वक्ता प्रकाश शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि अंग्रेजों की 'फूट डालो और शासन करो' की नीति के बावजूद लोग आज भी विभाजित विचारधाराओं का अनुसरण कर रहे हैं। उन्होंने नवीन शिक्षा नीति की सराहना करते हुए कहा कि यह इस समस्या का समाधान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य बिंदु:

  • प्रत्येक व्यक्ति को महीने में एक बार अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहिए।
  • बच्चों की दिनचर्या पर ध्यान देते हुए उन्हें अच्छे नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
  • गुलाबगंज को शशक्त बनाने के लिए स्थानीय लोगों को जिम्मेदार पदों पर पहुंचना चाहिए।
  • पॉलीथिन का उपयोग कम करने और पेड़-पौधों की सुरक्षा पर जोर देना चाहिए।
  • गौमाता के पालन को बढ़ावा देकर विभिन्न रोगों के उपचार में इसका उपयोग करना चाहिए।
  • बच्चों को व्यसनों और मोबाइल की लत से दूर रखना चाहिए।

प्रकाश शर्मा ने समाज में व्याप्त बुराइयों के कारण मतांतरण के बढ़ते खतरों के प्रति भी आगाह किया। उन्होंने समाज के सभी वर्गों को एक साथ मिलकर चलने पर जोर दिया।

इस कार्यक्रम में गुलाबगंज की प्रतिभाओं का भी उल्लेख किया गया जिन्होंने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। समाज के प्रत्येक वर्ग के प्रमुख लोगों को इस गोष्ठी में आमंत्रित किया गया था, जिनमें पत्रकार, वकील और अन्य श्रेणियों के प्रमुख जन शामिल थे।

कार्यक्रम के अंत में 'वन्दे मातरम्' का गान किया गया और 'भारत माता की जय' के नारों से परिसर गूंज उठा।