गुमशुदा नाबालिगों की दस्तयाबी में गुना पुलिस की सतत कार्यवाही

मधुसूदनगढ़ थाना पुलिस ने अपहृत नाबालिग बालिका को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया

गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में जिले में नाबालिग बालक-बालिकाओं के अपहरण एवं गुमशुदगी के मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इन प्रकरणों की शीघ्र दस्तयाबी के लिए निरंतर प्रभावी और परिणाममुखी कार्यवाहियां की जा रही हैं।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन और डीएसपी मुख्यालय एवं प्रभारी एसडीओपी श्री जमीलउद्दीन सिद्दीकी के पर्यवेक्षण में मधुसूदनगढ़ थाना पुलिस ने थाना क्षेत्र से लापता एक नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों से मिलाने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।

दिनांक 16 जून 2026 को एक पिता ने अपनी 15 वर्षीय नाबालिग पुत्री के 14 मई 2026 से लापता होने की सूचना मधुसूदनगढ़ थाने में दर्ज कराई थी। इस आधार पर मधुसूदनगढ़ थाने में अपराध क्रमांक 95/26 अंतर्गत धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया और पुलिस द्वारा बालिका की तलाश प्रारंभ की गई।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपहृत बालिका की तलाश हेतु मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और विभिन्न तकनीकी संसाधनों एवं अन्य माध्यमों से बालिका की व्यापक खोजबीन की। पुलिस की सतत सूचना संकलन एवं संभावित स्थानों पर सघन खोजबीन के परिणामस्वरूप, 30 जून 2026 को बालिका की जानकारी प्राप्त हुई। इसके बाद, मधुसूदनगढ़ थाना पुलिस ने नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाब किया और विधिवत कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया।

बाल कल्याण समिति की अध्‍यक्षा श्रीमति डॉ. नीरू शर्मा और समिति सदस्यों द्वारा आवश्यक कार्यवाही पूरी कर बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

  • थाना प्रभारी उपनिरीक्षक गोपाल चौबे
  • सउनि अजय सिंह चौहान
  • प्रधान आरक्षक संदीप कुमार
  • आरक्षक रामनिवास गुर्जर
  • आरक्षक विनीत मौर्य
  • महिला आरक्षक हेमा चंदेल

उपरोक्त पुलिसकर्मियों की टीम ने इस कार्यवाही में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस सफलता के लिए मधुसूदनगढ़ थाना पुलिस की सराहना की जानी चाहिए।