केसली (सागर): भीषण हो रही गर्मी, अब प्री मानसून की आस
नौतपा के दिनों की भीषण गर्मी के बाद भी क्षेत्र में आम जनजीवन को राहत नहीं मिल रही है। नौतपा के मध्य में मौसम के मिजाज थोड़े नरम पड़े थे, लेकिन इसके समाप्त होते ही धूप फिर से तीखी हो गई है। हवा की गति थमने से वातावरण में भारी उमस है, जिससे लोग परेशान हैं। अब हर कोई प्री-मानसून की दस्तक का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
मौसम के आंकड़े
बीते रविवार को क्षेत्र का अधिकतम तापमान लगभग 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान के अधिक होने के कारण रातों में भी उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
बादल छाए, पर बारिश नहीं
आमतौर पर नौतपा के बाद प्री-मानसून की गतिविधियां शुरू हो जाती हैं, लेकिन इस बार आसमान में छाए बादल बिना बरसे ही लौट रहे हैं। सूखी जमीन और तपते मौसम ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
किसानों की चिंता
प्री-मानसून की देरी का सबसे बड़ा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है। किसान बारिश की आस में आसमान को निहार रहे हैं। मानसून की पहली फुहारों के साथ ही खरीफ फसलों की बोवनी और बखरनी शुरू होती है।
क्षेत्र के किसानों ने इस वर्ष भी मक्का की बोवनी की तैयारी कर रखी है। यदि बोवनी में देरी होती है, तो फसलों की कटाई और थ्रेसिंग में भी देरी होगी, जो रबी फसलों की बोवनी पर असर डालेगी।
विकल्पों की तलाश
मौसम की बेरुखी को देखते हुए किसान वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर विचार कर रहे हैं। स्थानीय किसान ने बताया, "हम पूरी तरह मानसून पर निर्भर हैं। यदि प्री-मानसून की बारिश नहीं होती, तो हमें सूखे खेतों में बोवनी करनी पड़ेगी और स्प्रिंकलर के जरिए सिंचाई करनी पड़ेगी।"
फिलहाल, केसली को बादलों के बरसने और मानसून की पहली बारिश का इंतजार है, ताकि इंसानों को गर्मी से और खेतों को सूखे से राहत मिल सके।

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