एक्टिविज्म का असर: हिनौती स्कूल से हटाया गया खतरनाक बिजली का तार
रीवा, मप्र, 01 जुलाई 2026: हिनौती शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में खतरनाक रूप से झूल रहे बिजली के तार और खंभों को आखिरकार शिफ्ट कर दिया गया है। इस कार्यवाही को कार्यपालन अभियंता आशीष बैन और सहायक यंत्री उमाशंकर द्विवेदी के निर्देशन में अंजाम दिया गया।
इससे पहले, सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने इस गंभीर मुद्दे को उठाया था, जिससे शिक्षकों और 700 छात्रों के जीवन पर मंडरा रहा खतरा दूर हो सका।
खतरनाक तार और खंभों का हटना: एक बड़ी उपलब्धि
गंगेव जनपद के हिनौती विद्यालय में दशकों से खुले बिजली के तार छात्रों और शिक्षकों के लिए चिंता का विषय बने हुए थे। शिक्षकों और प्राचार्य ने विभागीय अधिकारियों से कई बार इस समस्या का समाधान करने का आग्रह किया, परंतु यह पत्राचार मात्र औपचारिकता साबित हुआ।
शिवानंद द्विवेदी की पहल पर बिजली विभाग ने त्वरित कार्रवाई की और परिसर से तारों को हटाकर उन्हें बाउंड्री के बाहर स्थापित किया। इससे न केवल छात्रों और शिक्षकों का जीवन सुरक्षित हुआ, बल्कि अभिभावकों की चिंता भी दूर हुई।
अन्य स्कूलों में भी हुआ सुधार
हिनौती स्कूल के अलावा, आसपास के कई अन्य स्कूल परिसरों से भी हाई टेंशन और एलटी लाइन के तार हटाए गए। शिवानंद द्विवेदी ने सरकार से अपील की है कि प्रदेश भर में स्कूल परिसरों से इस प्रकार के खतरनाक तारों को हटाने के लिए विधिवत् अभियान चलाया जाए।
उन्होंने कहा, "प्रशासनिक इच्छाशक्ति और विभागीय तालमेल के माध्यम से यह कार्य प्रदेश भर में युद्ध स्तर पर किया जाना चाहिए।"
इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि जब समाज के लोग एकजुट होकर आवाज उठाते हैं, तो किसी भी समस्या का समाधान संभव है।
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