मोबाइल और छाता लिए होलिका की प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र

संवाददाता सतीष सेन सागर देवरी 

देवरी कला, सागर जिला: शिक्षा सदन चौराहे पर स्थापित भक्त प्रहलाद की बुआ होलिका की नये मॉडल की प्रतिमा इस बार चर्चा का विषय बनी हुई है। इस प्रतिमा में होलिका को आधुनिक रूप में हाथ में मोबाइल और छाता लिए हुए दिखाया गया है।

महाकाली गणेश उत्सव समिति द्वारा तैयार इस प्रतिमा ने सोशल मीडिया पर भी धूम मचाई है। जबलपुर की तर्ज पर बनी यह प्रतिमा 2 मार्च को होने वाले होलिका दहन समारोह का मुख्य आकर्षण बनने जा रही है।

शिक्षा सदन चौराहे पर सबसे पुरानी होलिका का दहन

देवरी नगर में होलिका दहन की परंपरा लगभग 17 वर्षों से चली आ रही है, जहां शिक्षा सदन चौराहे पर सबसे बड़े रूप में होलिका दहन किया जाता है। इस बार भी महाकाली गणेश उत्सव समिति द्वारा विशेष सज्जा की गई है।

प्रतिमा की विशेषताएं

  • होलिका की प्रतिमा में छाता और मोबाइल का समावेश, जो आधुनिक समाज की झलक प्रस्तुत करता है।
  • भक्त प्रहलाद की प्रतिमा भी होलिका दहन में प्रदर्शित की जाएगी।

महाकाली गणेश उत्सव समिति के सदस्य राहुल नामदेव के अनुसार, "हर साल कुछ नया करने की परंपरा के तहत इस बार जबलपुर की तर्ज पर प्रतिमा तैयार की गई है।"

समारोह की तैयारियां

शहर के विभिन्न स्थानों पर 20 से 30 स्थानों पर होलिका दहन की तैयारी हो रही है। शिक्षा सदन चौराहे पर होलिका दहन की शुरुआत 2008 में की गई थी, जो आज भी जारी है। बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष विधिवत पूजन अर्चना के साथ रात्रि में होली दहन करते हैं।

समिति के प्रमुख सदस्य: राहुल नामदेव, दीपक नामदेव, राम अवतार प्रजापति, गोलू मिश्रा, विक्की नामदेव, अमित रैकवार, बंटी खत्री, उमेश सेन, सोनू सावलानी, पवन लखेरा, अमर नामदेव, हर्ष नामदेव।

इस बार का होलिका दहन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि समाज के आधुनिक परिवर्तन का प्रतीक भी बनेगा।