कान्हा में 100 साल बाद जंगली भैंसा की वापसी: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का बड़ा कदम
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कान्हा के जंगल में जंगली भैंसों के पुनर्स्थापन का दूसरा चरण पूरा किया। इस पहल के तहत 6 मादा और 2 नर जंगली भैंसों को छोटे बाड़े से बड़े बाड़े में स्थानांतरित किया गया। यह कदम प्रदेश में वन्यजीवों के इको सिस्टम को पुनर्स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
- मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बालाघाट के गढ़ी सुपखार में जंगली भैंसा को पुनर्स्थापित किया।
- 100 साल बाद प्रदेश में जंगली भैंसों की वापसी हुई है, जिन्हें असम से लाया गया था।
- पहले चरण में 8 जंगली भैंसों को छोटे बाड़े में रखा गया था।
- अब इन भैंसों को 17 हेक्टेयर के बड़े बाड़े में छोड़ा गया है।
- मुख्यमंत्री ने बालाघाट को नक्सल मुक्त करने और विकास के नए आयाम स्थापित करने की बात कही।
वन्यजीव संरक्षण: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में लुप्त हो रहे वन्य प्राणियों को पुनः स्थापित करने का प्रयास जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में लंबी छलांग लगाई है। बालाघाट क्षेत्र को नक्सलवाद से मुक्त कर विकास की ओर अग्रसर किया जा रहा है। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगी बल्कि प्रदेश के पर्यटन उद्योग को भी नई ऊंचाइयां प्रदान करेगी।
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