शरद पूर्णिमा पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, करीला धाम में मां जानकी के दर्शन
शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर करीला धाम में श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जमावड़ा देखा गया। हजारों श्रद्धालुओं ने करीला धाम पहुंचकर मां जानकी के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर कई श्रद्धालुओं ने अपनी मन्नत पूरी होने पर दरबार में नृत्यांगनाओं से बधाई भी करवाई।
- करीला धाम भगवान वाल्मीकि जी का पवित्र स्थान माना जाता है, जहां मां जानकी अपने पुत्रों लव-कुश के साथ विराजमान हैं।
- श्रद्धालुओं की मान्यता है कि मां जानकी राई नृत्य से अधिक प्रसन्न होती हैं।
- पूर्णिमा के दिन सुबह से ही करीला धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी।
- श्रद्धालु दो पहिया, चार पहिया वाहनों, बसों और ऑटो रिक्शा से धाम पहुंचे।
- कुछ श्रद्धालु मां जानकी की चुनरियां लेकर पैदल ही दरबार पहुंचे।
महत्वपूर्ण सूचना: करीला धाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे व्यवस्था बनाए रखें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। अपने साथ किसी भी प्रकार की अवांछनीय गतिविधि को बढ़ावा न दें।
शरद पूर्णिमा के इस धार्मिक पर्व ने करीला धाम को एक बार फिर जीवंत कर दिया। हजारों श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था और विश्वास के साथ मां जानकी के दरबार में हाजिरी लगाई। यह दिन श्रद्धालुओं के लिए एक अद्वितीय अनुभव साबित हुआ, जिसमें उन्होंने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी गहरा संबंध स्थापित किया।
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