गरबा के रंग में रंगा कट्ठीवाड़ा, गरबा पंडालों में उमड़ा जनसैलाब

तीन ताली, दो ताली और डांडिया की थाप पर झूमे युवक-युवतियां; ग्रामीण अंचलों से डूंगरी माता तक नवरात्रि की धूम

कट्ठीवाड़ा।प्रेम गुप्ता 

“गौरी राधा ने कालों श्याम, गरबे घूमे ने भूली भान…” की मधुर धुनों के बीच कट्ठीवाड़ा अंचल नवरात्रि के रंग में रंगा नजर आ रहा है। आकर्षक रोशनी, कर्णप्रिय संगीत और पारंपरिक गरबा गीतों की गूंज के बीच गरबा पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। युवक-युवतियां और बच्चे तीन ताली, दो ताली गरबा व डांडिया नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों से समां बांध रहे हैं।

धनार माता मंदिर पर हिन्द रक्षक संस्था के गरबा पंडाल में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। रंग-बिरंगी रोशनी और संगीत की धुनों पर देर रात तक गरबा खेलने वालों की चहल-पहल बनी हुई है। पारंपरिक वेशभूषा में सजे प्रतिभागी ताल और लय के साथ माता की आराधना कर रहे हैं। गुप्ता समाज के गरबा पंडाल में भी युवा गरबा के नए नए स्टाइल पर आकर्षक प्रस्तुति दे रहे है.

गांव-गांव में गरबे की धूम

अब गरबा का उत्साह नगर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण अंचलों में भी इसका क्रेज लगातार बढ़ रहा है। ग्राम ध्याना, वाव पंचायत के जेतपुर में आकर्षक गरबा पंडाल सजाए गए हैं, जहां श्रद्धालु माता रानी की आराधना में जुटे हैं। वहीं ग्राम आमखूंट में भी अंचलवासी पूरे भक्तिभाव के साथ नवरात्रि पर्व मना रहे हैं। गांवों में पारंपरिक गरबा गीतों और सामूहिक नृत्य से उत्सव का माहौल बना हुआ है।

डूंगरी माता के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

नवरात्रि के अवसर पर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल डूंगरी माता मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। अष्टमी और नवमी पर सुंदर, हरियाली से आच्छादित पहाड़ी पर विराजित माता के दर्शन के लिए दूर-दराज से भक्त पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं।

कट्ठीवाड़ा अंचल में गरबा, भक्ति और लोकसंस्कृति का यह संगम नवरात्रि की रौनक को और खास बना रहा है। नगर से लेकर गांवों तक माता की आराधना, संगीत की गूंज और गरबे की थिरकन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया है।