कलेक्टर के दौरे की खबर से हरकत में आया अमला, पनपथा में आनन-फानन में शुरू हुई साफ-सफाई
                             मानपुर उमरिया 

 उमरिया जिले के मानपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत पनपथा में कलेक्टर के प्रस्तावित क्षेत्रीय दौरे की सूचना मिलते ही स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक अमला सक्रिय नजर आया। फर्जी पैसा निकालने में माहिर है यह ग्राम पंचायतें इनके 15 में वित्त एवं पांचवें वित्त की होनी चाहिए जांच,  किस-किस मद का पैसा निकाले हैं और कितना निकाले हैं, और किसके-किसके फर्जी बिल वाउचर लगाए गए हैं, अधिकांशत यह देखा जाता की 15 अगस्त के दिन 5000 के बूंदी का बटवारा किया जाता है छात्र-छात्राओं में लेकिन 15000 से ₹20000 के बिल मिष्ठान दुकान के बिल लगाकर के 60 से ₹70000 निकल लिए जाते हैं,आगामी 9 अक्टूबर को पनपथा क्षेत्र में मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान से जुड़े कार्यक्रम में कलेक्टर के शामिल होने की खबर के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का काम तेज हो गया।
ग्राम पंचायत पनपथा,असोढ़ बम्हनगवां,कुदरी, इंदवार,पलझा चितरांव में जगह-जगह लगे कचरे के ढेर को जेसीबी मशीन के माध्यम से हटाते हुए सफाई कराई गई। अचानक शुरू हुई इस साफ-सफाई को लेकर ग्रामीणों में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कलेक्टर के दौरे की सूचना नहीं मिलती तो शायद गांव की गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर लंबे समय से पसरी गंदगी और कीचड़ की स्थिति जस की तस बनी रहती।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत स्तर पर नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था प्रभावी रूप से नहीं होने के कारण कई स्थानों पर गंदगी का आलम बना रहता है। उनका कहना है कि शासन द्वारा स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं के लिए राशि खर्च किए जाने के बावजूद यदि नियमित रूप से सफाई नहीं होती है तो इसका सीधा असर ग्रामीणों के स्वास्थ्य और गांव के वातावरण पर पड़ता है।
जल जीवन मिशन पर भी उठ रहे सवाल
वहीं ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत क्षेत्र में जल जीवन मिशन की व्यवस्था को लेकर भी अपनी परेशानी बताई। ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत के कई मोहल्लों  सहित कई स्थानों पर पाइपलाइन होने के बावजूद पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। कई परिवार आज भी पीने और घरेलू उपयोग के पानी के लिए परेशान हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि शासन की योजना का उद्देश्य प्रत्येक घर तक सुगमता से पानी पहुंचाना है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई स्थानों पर इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया जाए और जहां पाइपलाइन या जलापूर्ति में समस्या है, उसे तत्काल दूर कराया जाए।
*कलेक्टर से जांच और स्थायी व्यवस्था की मांग*
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था, जल जीवन मिशन तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएं। ग्रामीणों का कहना है कि केवल किसी अधिकारी के दौरे के समय साफ-सफाई कराने के बजाय पूरे वर्ष नियमित सफाई और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि ग्रामीणों को स्थायी रूप से राहत मिल सके।