माउंट कार्मेल पब्लिक स्कूल की मान्यता पर उठे सवाल: न फायर सेफ्टी, न खेल का मैदान, फिर कैसे मेहरबान हुआ शिक्षा विभाग?
मुरैना।
शहर के वनखंडी रोड स्थित माउंट कार्मेल पब्लिक स्कूल इन दिनों अपनी घोर अनियमितताओं और मनमानी के चलते विवादों में है। एक तरफ जहाँ शासन बच्चों की सुरक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए कड़े नियम बनाता है, वहीं मुरैना में माउंट कार्मेल जैसे कई स्कूल बिना बेसिक सुविधाओं के धड़ल्ले से चल रहे हैं। स्कूल में न तो बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई 'फायर सेफ्टी' के इंतजाम हैं और न ही खेलने के लिए कोई 'प्लेग्राउंड' मौजूद है। ऐसे में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर यह बड़ा सवाल खड़ा होता है कि आखिर बिना मापदंड पूरे किए इस स्कूल को मान्यता कैसे दे दी गई?
बात सिर्फ सुविधाओं के अभाव तक सीमित नहीं है। स्कूल के प्रमुख संजय गुप्ता के व्यवहार को लेकर भी गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। आरोप है कि उन्हें महिलाओं से बातचीत करने का सलीका तक नहीं आता। अभिभावकों का कहना है कि जिस स्कूल का मुखिया महिलाओं से सम्मानजनक ढंग से बात करना नहीं जानता, वहां पढ़ने वाले बच्चों को कैसे संस्कार और शिक्षा दी जा रही होगी?
अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल
इस पूरे मामले और स्कूल की मनमानी की लिखित शिकायत (आवेदन) मुरैना डीईओ (DEO), बीआरसी (BRC), मुरैना कलेक्टर और कोतवाली पुलिस को भी दी जा चुकी है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतने गंभीर विषय से अवगत कराए जाने के बावजूद अब तक किसी भी विभाग ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
प्रशासन की इस रहस्यमयी चुप्पी से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर शिक्षा विभाग और प्रशासन किसके दबाव में चुप है? बच्चों के भविष्य और उनकी सुरक्षा के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को मुरैना डीईओ कब तक नजरअंदाज करते रहेंगे? जागरूक नागरिकों और अभिभावकों ने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से स्कूल की जांच कर उसकी मान्यता रद्द करने की मांग की है।
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