मंत्रालय भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कलेक्टर, कमिश्नर और एसपी-आईजी के साथ समीक्षा बैठक लेते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, 21 अक्टूबर 2026 फोटो साभार Jansampark MP
दीपावली से पहले मध्यप्रदेश सरकार ने कार्बाइड गन और कार्बाइड लैम्प के उपयोग पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ कहा है कि किसी जिले में कोई दुर्घटना या विषम स्थिति बनी तो कलेक्टर और एसपी जिम्मेदार माने जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बुधवार, 21 अक्टूबर को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी कलेक्टर, कमिश्नर और एसपी-आईजी की समीक्षा बैठक ली। इसमें पटाखों की अवैध बिक्री, दुकानों के लाइसेंस, आग से बचाव और खाने-पीने की चीजों में मिलावट पर भी निर्देश दिए गए।
आज जानेंगे कि-
- कार्बाइड गन क्यों खतरनाक मानी गई है?
- सरकार ने जिलों को क्या निर्देश दिए हैं?
- आम लोगों को किन बातों का ध्यान रखना है?
सवाल- सरकार ने कार्बाइड गन को लेकर क्या फैसला लिया है?
जवाब- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर और एसपी को निर्देश दिया है कि त्योहारों के दौरान कार्बाइड गन और कार्बाइड लैम्प का उपयोग न हो। जनसंपर्क विभाग के मुताबिक इनके उपयोग से होने वाली दुर्घटनाओं और संभावित जनहानि को देखते हुए इन पर सख्ती से रोक लगाने को कहा गया है।
“लोकल मेड कार्बाइड गन और कार्बाइड लैम्प मानवों के लिए बेहद खतरनाक होती हैं।”
डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश
सवाल- कार्बाइड गन खतरनाक क्यों है?
जवाब- जनसंपर्क विभाग की जानकारी के मुताबिक कार्बाइड गन में कैल्शियम कार्बाइड पानी के संपर्क में आता है तो एसीटिलीन गैस निकलती है। यह गैस अत्यधिक ज्वलनशील होती है और थोड़ी सी चिंगारी से भी विस्फोट कर सकती है। नीचे ग्राफिक में देखिए…

सवाल- विस्फोट से शरीर के किन हिस्सों को नुकसान होता है?
जवाब- विस्फोट में प्लास्टिक और धातु के छोटे-छोटे कण बाहर निकलते हैं। ये कण आंखों, चेहरे और त्वचा को गंभीर रूप से घायल कर देते हैं। एसीटिलीन गैस के जलने से त्वचा झुलसने या आग लगने का खतरा भी रहता है।
सवाल- क्या स्वास्थ्य विभाग ने पहले भी चेताया था?
जवाब- हां। जनसंपर्क विभाग के मुताबिक लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस संबंध में वर्ष 2025 में एक एडवाइजरी जारी की थी।
सवाल- हादसा होने पर जिम्मेदारी किसकी होगी?
जवाब- मुख्यमंत्री ने कहा कि कहीं भी किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति नहीं बननी चाहिए। उनका निर्देश है कि सभी कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक अपने जिलों में त्योहारों की सुरक्षा तैयारियों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करें।
“किसी जिले में यदि किसी भी प्रकार की विषम परिस्थिति निर्मित होगी, तो इसके लिए कलेक्टर और एसपी ही जिम्मेदार माने जायेंगे।”
डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश
सवाल- पटाखा दुकानों के लिए क्या नियम सख्त होंगे?
जवाब- मुख्यमंत्री ने पटाखों की अवैध बिक्री पर रोक लगाने को कहा है। जिलों को ये निर्देश मिले हैं…
पटाखा दुकानों पर सख्ती
- लाइसेंस शर्तें, लाइसेंस जारी करते समय सभी जरूरी शर्तों का कड़ाई से पालन
- जांच, विक्रेताओं की दुकानों का भौतिक सत्यापन और निरीक्षण
- अवैध भंडारण, विस्फोटक सामग्री का अवैध भंडारण मिलने पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई
- प्रतिबंधित पटाखे, खरीद, बिक्री, भंडारण और उपयोग पर प्रभावी रोक
सवाल- आग या हादसे से निपटने के लिए क्या इंतजाम होंगे?
जवाब- दीपावली के दौरान संवेदनशील स्थलों पर फायर ब्रिगेड के वाहन, अग्निशमन उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ तैनात रखने को कहा गया है। प्रमुख स्थानों पर एम्बुलेंस रहेंगी। पास के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को पहले से अलर्ट रखा जाएगा और डॉक्टरों की ड्यूटी तय होगी।
सवाल- आम लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
जवाब- सरकार की ओर से बताए गए खतरों के आधार पर ये सावधानियां जरूरी हैं…
- कार्बाइड गन और कार्बाइड लैम्प न खरीदें और न इस्तेमाल करें, सरकार ने इनके उपयोग पर सख्ती से रोक के निर्देश दिए हैं।
- बच्चों को कार्बाइड गन से दूर रखें, इसके विस्फोट से निकले कण आंख, चेहरे और त्वचा को गंभीर चोट पहुंचाते हैं।
- आंख या चेहरे पर चोट लगे तो तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र जाएं, इन्हें त्योहार के दौरान अलर्ट पर रखा गया है।
- सिर्फ लाइसेंसधारी दुकानों से ही पटाखे खरीदें, प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री और उपयोग पर रोक है।
सवाल- त्योहार में नकली मावा और पनीर पर क्या कार्रवाई हो रही है?
जवाब- मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि नकली या मिलावटी मावा, घी, पनीर और मिठाइयां न बिकने पाएं। विभाग ने बैठक में बताया कि मिलावट पाए जाने पर अब तक 17 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और 42 प्रकरणों में FIR दर्ज हुई है।

जिलों में विशेष दल बनाकर खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण अभियान चलेगा। शंका होने पर सीमित नमूने लिए जाएंगे और जरूरी होने पर ही खाद्य पदार्थ जब्त होंगे। कार्रवाई में किसी को अनावश्यक रूप से परेशान न करने को कहा गया है।
कुछ कॉमन सवाल जवाब
- कार्बाइड गन में कौन सी गैस बनती है? एसीटिलीन, जो अत्यधिक ज्वलनशील है।
- मिलावट पर अब तक कितने लाइसेंस निलंबित हुए? 17 लाइसेंस, साथ ही 42 प्रकरणों में FIR।
- दुर्घटना होने पर जिम्मेदार कौन होगा? संबंधित जिले के कलेक्टर और एसपी।
ग्राफिक- StateNews
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मध्यप्रदेश में कार्बाइड गन पर रोक क्यों लगाई गई?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुताबिक लोकल मेड कार्बाइड गन और कार्बाइड लैम्प मानवों के लिए बेहद खतरनाक हैं, इसलिए दुर्घटना और जनहानि की आशंका देखते हुए उपयोग पर सख्ती से रोक के निर्देश दिए गए।
कार्बाइड गन से कौन सी चोट लग सकती है?
विस्फोट में निकले प्लास्टिक और धातु के कण आंख, चेहरे और त्वचा को गंभीर रूप से घायल कर सकते हैं, और गैस जलने से झुलसने का खतरा रहता है।
दीपावली पर मिलावट के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है?
विभाग के मुताबिक अब तक 17 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और 42 प्रकरणों में FIR दर्ज की गई है।
स्रोत जनसंपर्क विभाग
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