भोपाल में सुबह की सैर पर निकले लोगों ने इस हफ्ते पहली बार हल्की सिहरन महसूस की। पर दोपहर में धूप फिर चुभती है और मालवा-निमाड़ में शाम को बादल घिर आते हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र के अनुसार आज कई जिलों में बिजली गिरने का खतरा है, इसलिए खुले मैदान और खेत में काम करने वाले खास ध्यान रखें।
एक नज़र में: MP का मौसम, 21 अक्टूबर 2026
| क्या | जानकारी | स्रोत |
|---|---|---|
| अलर्ट | 21 जिलों में यलो अलर्ट | मौसम केंद्र भोपाल |
| हवा की रफ्तार | 30 से 40 किमी/घंटा | मौसम केंद्र भोपाल |
| भोपाल का अनुमान | दिन 31 से 34°, रात करीब 20° | मौसम केंद्र भोपाल |
| हालिया सबसे गर्म | रतलाम 36.0° | IMD आँकड़े |
| हालिया सबसे ठंडा | पचमढ़ी 17.0° | IMD आँकड़े |
| अगले 5 दिन | न्यूनतम में करीब 2° गिरावट | IMD |
1. कहाँ बारिश, कहाँ धूप
मौसम केंद्र के अलर्ट में ज़्यादातर पश्चिमी और दक्षिणी जिले हैं: इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, रतलाम, मंदसौर, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा। यहाँ कहीं-कहीं हल्की बारिश और बिजली चमकने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर में बने कम दबाव के क्षेत्र से नमी आ रही है। पश्चिमी हिस्सों में ऐसा मौसम 23 अक्टूबर तक बने रहने की बात कही जा रही है।
2. पाँच बड़े शहरों का रुझान
- भोपाल: दिन में ज़्यादातर धूप, शाम को हल्की ठंडक। आसपास छिटपुट गरज-चमक संभव।
- इंदौर और उज्जैन: दोनों अलर्ट वाले जिलों में, बादल और हल्की बारिश के आसार।
- जबलपुर: अलर्ट सूची में नहीं, मौसम ज़्यादातर साफ रहने का अनुमान।
- ग्वालियर: अलर्ट सूची से बाहर, सुबह-रात उत्तरी हवा की ठंडक बढ़ सकती है।
3. ठंड कब तक जमेगी
अभी रातें सामान्य से गर्म हैं। IMD के आँकड़ों में भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर और सागर में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री ऊपर दर्ज हुआ। अनुमान है कि अगले पाँच दिन में न्यूनतम पारा करीब 2 डिग्री गिरेगा। असली ठंड के लिए थोड़ा इंतज़ार बाकी है।
4. किसानों के लिए सलाह
मौसम केंद्र की सलाह है कि बारिश या तेज़ हवा के दौरान सिंचाई और दवा का छिड़काव टाल दें, खेत में पानी निकलने का रास्ता रखें और ऊँची फसल को सहारा दें। कटी हुई उपज खुले में हो तो ढक दें।
आज ही कर लें ये 5 काम
- अपने जिले का अलर्ट mausam.imd.gov.in पर देखें।
- गरज के समय पेड़ और बिजली के खंभे से दूर रहें।
- कटी फसल को तिरपाल से ढकें।
- तेज़ हवा में छिड़काव और सिंचाई टालें।
- सुबह-शाम के लिए हल्का गर्म कपड़ा साथ रखें।
यह खबर 21 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। मौसम का अनुमान रोज़ बदलता है, अपने जिले की ताज़ा चेतावनी के लिए mausam.imd.gov.in या मौसम केंद्र भोपाल की सूचना देखें।
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