इंदौर में मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 के दौरान कंपनी प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव फोटो साभार Jansampark MP
इंदौर में शुरू हुए दो दिवसीय मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 के पहले दिन प्रदेश को लगभग ₹5,800 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुताबिक इनसे 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर बनेंगे।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में समिट के शुभारंभ सत्र को संबोधित किया। समिट में 1 हजार से अधिक प्रतिनिधि और जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान व स्वीडन के प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए। दो दिन में 8 पैनल चर्चाएं, 5 राउंडटेबल और 6 की-नोट उद्बोधन रखे गए हैं।
समिट के पहले दिन की 3 बड़ी बातें…
पहले दिन क्या मिला
- वन-टू-वन बैठकें. 12 से अधिक कंपनियों से लगभग ₹5,800 करोड़ के प्रस्ताव, 10 हजार से अधिक रोजगार
- जमीन के आशय पत्र. 5 कंपनियों को, ₹9,625 करोड़ का निवेश और 4,450 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार
- ऑफिस स्पेस. परदेशीपुरा इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स में 7 कंपनियों को, 1,280 से अधिक रोजगार
12 से अधिक कंपनियों से वन-टू-वन बैठक
मुख्यमंत्री ने सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, आईटी अवसंरचना, एवीजीसी-एक्सआर और हेल्थ-टेक क्षेत्र की कंपनियों से अलग-अलग चर्चा की। जनसंपर्क विभाग के मुताबिक इन बैठकों में मिले प्रस्तावों से 10 हजार से अधिक रोजगार प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को सिंगल-विंडो क्लीयरेंस, त्वरित स्वीकृति और 24x7 सस्ती बिजली का आश्वासन दिया।
ग्राफिक से समझिए, किस कंपनी ने कितने निवेश का प्रस्ताव रखा…

5 कंपनियों को ₹9,625 करोड़ की परियोजनाओं के लिए जमीन
समिट में 5 कंपनियों को औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन के आशय पत्र दिए गए। ये परियोजनाएं भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में लगेंगी। इनसे 4,450 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार प्रस्तावित हैं। सबसे बड़ा निवेश ग्वालियर के डेटा सेंटर में होगा।
| कंपनी | जगह | परियोजना | निवेश |
|---|---|---|---|
| साइटैक आरई | गंगा मालनपुर, ग्वालियर | 50 मेगावाट हाइपरस्केल डेटा सेंटर | ₹6,415 करोड़ |
| उना इको सिस्टम्स प्रा. लि. | ईएमसी-2, भोपाल | 1.5 GWh लिथियम सेल विनिर्माण इकाई | ₹2,000 करोड़ |
| औरिगा आईटी सॉल्यूशंस प्रा. लि. | सिंहासा आईटी पार्क, इंदौर | ग्लोबल कैपेबलिटी सेंटर, 3,500 रोजगार | ₹500 करोड़ |
| मीना सर्किट्स | जानकारी नहीं | ईएसडीएम विनिर्माण इकाई | ₹400 करोड़ |
| केन्स इलेक्ट्रॉनिक्स | बड़वई आईटी पार्क, भोपाल | इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण इकाई, लगभग 950 रोजगार | ₹310 करोड़ |
परदेशीपुरा में 7 कंपनियों को 44 हजार वर्गफुट जगह
मुख्यमंत्री ने इंदौर के परदेशीपुरा स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स में 7 कंपनियों को कार्यालयीन स्थान के आशय पत्र दिए। कंपनियों को कुल 44,815.67 वर्गफुट क्षेत्र लीज पर मिलेगा और 1,280 से अधिक रोजगार बनेंगे। सबसे बड़ी इकाई बेंगलुरु की एडीटी सेमीकंडक्टर्स की होगी, जिसे 16,508 वर्गफुट जगह मिलेगी।
- एडीटी सेमीकंडक्टर्स, बेंगलुरु. आरएंडडी डिजाइन सेंटर, 500 रोजगार
- स्पिंट्रॉनिक्स एआई सेमीकंडक्टर्स, हैदराबाद. सेमीकंडक्टर डिजाइन, 250 रोजगार
- इक्ष्वाकुमीडिया, इंदौर. जनरेटिव एआई कंटेंट स्टूडियो, 200 रोजगार
- एच-सेमी प्रोडक्ट्स, सिंगापुर. ओएसएटी इकाइयों के लिए आरएंडडी, 150 रोजगार
- ट्रूचिप सॉल्यूशंस, नई दिल्ली. डिजाइन सेवाएं, 100 रोजगार
- एसएफए टेक्नोलॉजीज, भोपाल. आईटी और आईटीईएस, 50 रोजगार
- किष्किंधा इंटरनेशनल, गाजियाबाद. चिप डिजाइन और टेस्टिंग, 30 रोजगार

2 नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेंगे
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की घोषणा की। इससे चिप डिजाइन, वीएलएसआई, अनुसंधान, प्रोटोटाइपिंग और कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा। फोटोनिक्स एवं क्वांटम टेक्नोलॉजीज सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी बनेगा। इंदौर-उज्जैन इकोनॉमिक कॉरिडोर में सेमीकंडक्टर और हाई-टेक उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
“एक बार जो मध्यप्रदेश आता है, वह हमेशा के लिए मध्यप्रदेश का हो जाता है।”
डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सहित प्रयासों से प्रदेश को लगभग ₹34 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से 30 प्रतिशत से अधिक धरातल पर उतरे हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति का जापानी, ताइवानी और कोरियाई भाषाओं में विमोचन भी किया।
5 संस्थानों से एमओयू, स्टार्टअप्स को ₹6 लाख
मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम ने 5 संस्थानों के साथ एमओयू किए। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया, सेमी इंडिया, सेमीकंडक्टर लेबोरेटरी मोहाली, इंटरनेशनल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री ग्रुप लंदन और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज मुंबई शामिल हैं। इनका मकसद प्रशिक्षण, चिप डिजाइन, निवेश प्रोत्साहन और एवीजीसी-एक्सआर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना है।
एमपी सेमीकॉन स्टार्टअप चैलेंज में 25 चयनित स्टार्टअप्स की पिचिंग के बाद 10 फाइनलिस्ट चुने गए। विजेताओं को कुल ₹6 लाख दिए गए, जिसमें पहला पुरस्कार ₹3 लाख, दूसरा ₹2 लाख और तीसरा ₹1 लाख है। चैलेंज आईआईटी इंदौर की दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन के सहयोग से हुआ।
प्रदर्शनी में 57 प्रदर्शक, 70 बूथ
एमपी पवेलियन में 57 प्रदर्शकों ने 70 बूथ और 3 बड़े स्टॉल लगाए। एससीएल मोहाली, सीएसआईआर-सीईईआरआई पिलानी, आरआरकैट और आईआईटी इंदौर ने स्वदेशी चिप्स और अनुसंधान से जुड़े काम दिखाए। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कहा कि नीति आयोग की निवेश अनुकूलता रिपोर्ट में प्रदेश को बड़े राज्यों में शीर्ष 5 में स्थान मिला है।
अब आगे क्या
समिट का दूसरा दिन 24 अक्टूबर को है, जिसमें सेमीकंडक्टर नीति पर हितधारक चर्चा भी होगी। मुख्यमंत्री ने उद्योग प्रतिनिधियों को आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आने का न्योता दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
MP सेमीकंडक्टर समिट-2026 कहां और कब हो रहा है?
यह दो दिवसीय समिट इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 23 अक्टूबर 2026 से हो रहा है।
समिट में कितने निवेश प्रस्ताव मिले?
मुख्यमंत्री की वन-टू-वन बैठकों में लगभग ₹5,800 करोड़ के प्रस्ताव मिले, जिनसे 10 हजार से अधिक रोजगार प्रस्तावित हैं।
किन कंपनियों को जमीन के आशय पत्र मिले?
साइटैक आरई, उना इको सिस्टम्स, औरिगा आईटी सॉल्यूशंस, मीना सर्किट्स और केन्स इलेक्ट्रॉनिक्स को, कुल ₹9,625 करोड़ के निवेश के लिए।
परदेशीपुरा इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स में कितनी नौकरियां बनेंगी?
7 कंपनियों को ऑफिस स्पेस के आशय पत्र दिए गए हैं, जिनसे 1,280 से अधिक रोजगार बनेंगे।
स्रोत जनसंपर्क विभाग
Continue With Google