इंदौर का ऐतिहासिक राजवाड़ा, शहर में 23 और 24 अक्टूबर को सेमीकंडक्टर समिट हो रहा है (फाइल फोटो) फोटो साभार Wikimedia Commons / Bernard Gagnon, CC BY-SA 3.0

इंदौर में शुक्रवार से दो दिन की मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 शुरू हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 23 अक्टूबर को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में इसका शुभारंभ करेंगे।

जनसंपर्क विभाग के मुताबिक समिट में देश और विदेश की सेमीकंडक्टर कंपनियों के प्रतिनिधि, निवेशक, उद्योग विशेषज्ञ, शिक्षाविद और स्टार्टअप शामिल होंगे। 50 से ज्यादा कंपनियां प्रदर्शनी में अपनी तकनीक, उत्पाद और समाधान दिखाएंगी। समिट का आयोजन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPSeDC) कर रहे हैं।

राज्य सरकार इस आयोजन से तीन लक्ष्य साधना चाहती है…

समिट के 3 बड़े मकसद

  • निवेश, प्रदेश में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों की नई यूनिट लाना
  • नवाचार, चिप डिजाइन, रिसर्च और नई तकनीक को बढ़ावा देना
  • कुशल कार्यबल, उद्योग और शिक्षण संस्थानों को जोड़कर युवाओं को इस सेक्टर के लिए तैयार करना

उद्घाटन सत्र में CM रखेंगे सेमीकंडक्टर हब का विजन

उद्घाटन सत्र की थीम है मध्यप्रदेश को सेमीकंडक्टर हब बनाने का विजन। मुख्यमंत्री इस सत्र में प्रदेश की तैयारी और नीति का खाका रखेंगे। इसके बाद वे प्रदर्शनी देखेंगे और निवेशकों व कंपनियों के प्रतिनिधियों से वन टू वन बैठक करेंगे।

इन बैठकों में निवेश, तकनीकी सहयोग और उद्योग के विस्तार पर बात होगी। प्रदर्शनी में चिप डिजाइन, पैकेजिंग और टेस्टिंग, उपकरण, मटेरियल, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और उभरती तकनीकों से जुड़ी कंपनियां हिस्सा ले रही हैं।

ग्राफिक से समझिए…

दो दिन की समिट में प्रदर्शनी, पैनल चर्चा और राउंडटेबल बैठकें होंगी
दो दिन की समिट में प्रदर्शनी, पैनल चर्चा और राउंडटेबल बैठकें होंगी

पहले दिन पैकेजिंग, टेस्टिंग और फैबलेस पर फोकस

दोनों दिन मिलाकर 8 पैनल चर्चा और 5 राउंडटेबल बैठकें होंगी। पहले दिन प्रदेश को एडवांस्ड पैकेजिंग और टेस्टिंग का हब बनाने, फैबलेस इकोसिस्टम विकसित करने और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग व सप्लाई चेन को मजबूत करने पर चर्चा होगी।

पहले दिन की राउंडटेबल बैठकें AI इंफ्रास्ट्रक्चर, फैबलेस प्रोडक्ट और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी से जुड़ी कंपनियों के साथ होंगी। प्रमुख शिक्षण संस्थानों के निदेशकों और कुलपतियों के साथ भी अलग बैठक रखी गई है।

दूसरे दिन AI, क्वांटम और MSME की बात

24 अक्टूबर को चिप तकनीक, AI, इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइन सर्विसेज, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और टैलेंट डेवलपमेंट पर सत्र होंगे। फोटोनिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी और MSME सेक्टर से जुड़ी बैठकें भी इसी दिन होंगी।

समापन सत्र में मध्यप्रदेश सेमीकॉन स्टार्टअप प्रतियोगिता के अंतिम चरण के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। जनसंपर्क विभाग के मुताबिक समिट में 1,000 से ज्यादा प्रतिभागियों के आने की उम्मीद है।

सेमीकंडक्टर वेफर, इसी पर हजारों चिप एक साथ बनती हैं (प्रतीकात्मक फोटो)
सेमीकंडक्टर वेफर, इसी पर हजारों चिप एक साथ बनती हैं (प्रतीकात्मक फोटो) फोटो साभार Wikimedia Commons / DrHughManning, CC BY-SA 4.0

निवेशकों के लिए सेमीकंडक्टर नीति 2025

राज्य मंत्रि-परिषद ने फरवरी 2025 में मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति 2025 को मंजूरी दी थी। इसका मकसद प्रदेश में निवेश बढ़ाना, औद्योगिक इकाइयां स्थापित कराना और तकनीकी गतिविधियों को प्रोत्साहन देना है। समिट में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग इस नीति की जानकारी निवेशकों के सामने रखेगा।

नीति के प्रावधानों के मुताबिक केंद्र सरकार की सहायता वाले प्रोजेक्ट को कुल निवेश का 25 प्रतिशत तक या केंद्रीय सहायता का 50 प्रतिशत, जो कम हो, पूंजीगत सहायता के रूप में मिल सकता है। बिजली पर पहले 10 साल ₹2 प्रति यूनिट का लाभ भी नीति में शामिल है। नीचे ग्राफिक में देखिए…

सेमीकंडक्टर नीति 2025 में निवेशकों के लिए तय प्रमुख रियायतें
सेमीकंडक्टर नीति 2025 में निवेशकों के लिए तय प्रमुख रियायतें

₹400 करोड़ से ज्यादा निवेश वाले बड़े प्रोजेक्ट के लिए कस्टमाइज्ड पैकेज का प्रावधान है। इसके अलावा रियायती दर पर जमीन, रिसर्च के लिए सहायता और तेज मंजूरी की व्यवस्था भी नीति का हिस्सा है।

इंदौर और प्रदेश के युवाओं के लिए क्या मायने

सरकार ने समिट के लक्ष्यों में कुशल कार्यबल तैयार करना और उद्योग व शिक्षा जगत का सहयोग शामिल किया है। दूसरे दिन टैलेंट डेवलपमेंट पर अलग सत्र है और पहले दिन कुलपतियों व संस्थान प्रमुखों के साथ राउंडटेबल बैठक होगी।

इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर साइंस के छात्रों के लिए चिप डिजाइन, टेस्टिंग और पैकेजिंग जैसे क्षेत्र नए विकल्प हैं। स्टार्टअप प्रतियोगिता से प्रदेश के युवा उद्यमियों को सीधे उद्योग और निवेशकों के सामने अपना काम रखने का मौका मिल रहा है।

समिट के बाद आगे क्या

मुख्यमंत्री ने पिछले हफ्ते भोपाल में समिट की तैयारियों की समीक्षा की थी। जनसंपर्क विभाग के मुताबिक समिट में नीति और निवेश प्रस्तुतियों के साथ MoU, LoI और निवेश घोषणाएं प्रस्तावित हैं।

समिट में केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, नीति आयोग के सदस्य और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के CEO के भी शामिल होने की जानकारी दी गई है। कौन से प्रस्ताव जमीन पर उतरेंगे, यह दो दिन की बैठकों के बाद आधिकारिक घोषणाओं से साफ होगा।

ग्राफिक- StateNews

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 कब और कहां हो रही है?

समिट 23 और 24 अक्टूबर 2026 को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में हो रही है।

समिट का शुभारंभ कौन करेगा?

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 23 अक्टूबर को समिट का शुभारंभ करेंगे।

समिट में कितनी कंपनियां हिस्सा ले रही हैं?

50 से ज्यादा कंपनियां प्रदर्शनी में अपनी तकनीक और उत्पाद दिखाएंगी।

मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति 2025 में बिजली पर क्या लाभ है?

नीति के प्रावधानों के मुताबिक पहले 10 साल बिजली पर ₹2 प्रति यूनिट का लाभ मिलता है।

समिट में रजिस्ट्रेशन कहां होता है?

समिट की आधिकारिक वेबसाइट semisummit.mp.gov.in है।

स्रोत जनसंपर्क विभाग, मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 (आधिकारिक वेबसाइट), मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन