सोयाबीन का खेत, प्रतीकात्मक फोटो फोटो साभार Wikimedia Commons / Albert Deccan, CC BY-SA 3.0

मध्यप्रदेश में भावांतर योजना के तहत सोयाबीन का पंजीयन कराने की बढ़ी हुई अवधि 24 अक्टूबर 2026 को पूरी हो गई। राज्य शासन ने ई-उपार्जन पोर्टल पर यह अवधि 17 अक्टूबर से बढ़ाकर 24 अक्टूबर की थी, ताकि छूटे हुए किसान भी पंजीयन करा सकें।

इसी के साथ रबी की बोनी का समय भी आ गया है। जनसंपर्क विभाग के मुताबिक प्रदेश में चना, मसूर, सरसों, अलसी, मटर, गेहूं और जौ का 37,51,994 क्विंटल बीज भंडारित है। विभाग ने किसानों को बीज खरीदते समय सावधानी बरतने की सलाह भी दी है।

आज जानेंगे कि-

  • पंजीयन कराने वाले सोयाबीन किसानों के लिए आगे क्या होगा?
  • भावांतर का पैसा किस आधार पर और कब मिलेगा?
  • रबी बीज खरीदते समय कौन सी 3 चीजें जरूर जांचें?

सोयाबीन भावांतर, पंजीयन के बाद अब सत्यापन

सवाल- भावांतर में सोयाबीन पंजीयन की मूल अवधि क्या थी?

जवाब- भारत सरकार की भावांतर योजना में खरीफ 2026 के लिए ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन 3 से 17 अक्टूबर तक तय था। राज्य शासन ने 16 अक्टूबर को इसे बढ़ाकर 24 अक्टूबर तक कर दिया।

सवाल- क्या 24 अक्टूबर के बाद भी पंजीयन हो सकता है?

जवाब- 16 अक्टूबर की सरकारी विज्ञप्ति में अंतिम तारीख 24 अक्टूबर ही है। अगर आगे कोई नई बढ़ोतरी होती है तो वह सरकारी आदेश से ही होगी। इसलिए किसान ई-उपार्जन पोर्टल या अपने जिले के कृषि कार्यालय से ताजा स्थिति पता कर लें।

सवाल- पंजीयन करा चुके किसानों के लिए आगे क्या होगा?

जवाब- सरकार ने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि पंजीकृत किसानों का सत्यापन भी इसी अवधि में पूरा कराया जाए। यानी आपके पंजीयन में दर्ज रकबा और फसल की जानकारी की जांच होगी।

किसान ये 3 काम कर लें…

  • पावती संभालें, पंजीयन की रसीद या नंबर सुरक्षित रखें।
  • जानकारी मिलाएं, पोर्टल पर दर्ज नाम, रकबा और बैंक खाते का ब्योरा जांच लें।
  • गलती दिखे तो, तुरंत तहसील या जिले के कृषि कार्यालय को बताएं।

सवाल- भावांतर में पैसा किस आधार पर मिलता है?

जवाब- केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) योजना में मूल्य अंतर भुगतान योजना (PDPS) शामिल है। PIB की 18 सितंबर 2024 की विज्ञप्ति के मुताबिक इसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और बिक्री या मॉडल भाव के अंतर की भरपाई की जाती है। केंद्र की ओर से यह भरपाई MSP के 15 प्रतिशत तक सीमित है।

सवाल- इस साल सोयाबीन का MSP कितना है?

जवाब- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 13 मई 2026 को खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के लिए पीली सोयाबीन का MSP ₹5,708 प्रति क्विंटल तय किया। यह पिछले साल के ₹5,328 से ₹380 ज्यादा है। सरकार ने सोयाबीन की उत्पादन लागत ₹3,805 प्रति क्विंटल आंकी है।

सवाल- भावांतर का भुगतान कब और कितनी दर से होगा?

जवाब- भुगतान की तारीख और दर राज्य और केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार तय होंगी। अभी तक जारी विज्ञप्ति में इनका जिक्र नहीं है। किसान किसी अनधिकृत संदेश या व्यक्ति की बात पर भरोसा न करें।

रबी बोनी के लिए 37.5 लाख क्विंटल बीज

सवाल- प्रदेश में किसके पास कितना बीज है?

जवाब- जनसंपर्क विभाग की 15 अक्टूबर की विज्ञप्ति के मुताबिक कुल स्टॉक में से 25,48,843 क्विंटल बीज निजी बीज संस्थाओं के पास है। बाकी बीज सरकारी और सहकारी संस्थाओं के पास है। नीचे ग्राफिक में देखिए…

ग्राफिक से समझिए, रबी बीज का किस संस्था के पास कितना भंडार
ग्राफिक से समझिए, रबी बीज का किस संस्था के पास कितना भंडार
संस्थाबीज (क्विंटल)
बीज संघ6,52,739
राष्ट्रीय बीज निगम2,55,718
अन्य अधिकृत संस्थाएं1,90,839
MP राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम91,452
शासकीय कृषि प्रक्षेत्र12,403
निजी बीज संस्थाएं25,48,843
कुल37,51,994

सवाल- बीज कहां से खरीदें?

जवाब- कृषि विभाग ने कहा है कि किसान केवल अधिकृत विक्रय केंद्रों से ही बीज खरीदें। सड़क किनारे या बिना लाइसेंस वाले विक्रेता से बीज लेने पर नकली या घटिया बीज का खतरा रहता है।

सवाल- खरीदते समय क्या जांचें?

जवाब- विभाग की सलाह के मुताबिक बीज खरीदते समय ये 3 चीजें जरूर देखें…

बीज खरीदते समय जांचें

  • टैग, बीज के बैग पर लगा टैग देखें।
  • बिल, पक्का बिल लें और बोनी के बाद भी संभालकर रखें।
  • वैधता, बीज की वैधता अवधि खत्म तो नहीं हुई, यह जांचें।

सवाल- ज्यादा दाम वसूले जाएं तो क्या करें?

जवाब- अगर कोई विक्रेता तय से ज्यादा कीमत ले रहा है या कोई और गड़बड़ी दिखती है तो इसकी सूचना जिले के कृषि अधिकारियों को दें। विभाग ने किसानों से यही अपील की है।

सवाल- कीटनाशक को लेकर भी कोई नया आदेश आया है?

जवाब- हां, राज्य शासन ने पैराक्वेट डाइक्लोराइड के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। इसके विस्तृत नियम और लागू होने की तारीख जानने के लिए जिले के कृषि कार्यालय से संपर्क करें।

कुछ कॉमन सवाल जवाब

सवाल- सोयाबीन पंजीयन किस पोर्टल पर हुआ? जवाब- ई-उपार्जन पोर्टल पर।

सवाल- सत्यापन कौन कराएगा? जवाब- जिला कलेक्टर्स के निर्देशन में।

सवाल- बीज की शिकायत कहां करें? जवाब- जिले के कृषि अधिकारियों से।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सोयाबीन भावांतर पंजीयन की आखिरी तारीख क्या थी?

राज्य शासन ने ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन की अवधि 17 अक्टूबर से बढ़ाकर 24 अक्टूबर 2026 की थी।

खरीफ 2026-27 में सोयाबीन का MSP कितना है?

पीली सोयाबीन का MSP ₹5,708 प्रति क्विंटल है, जो पिछले साल से ₹380 ज्यादा है।

भावांतर का पैसा कब मिलेगा?

भुगतान की तारीख और दर सरकारी अधिसूचना के अनुसार तय होंगी।

MP में रबी बीज का कितना स्टॉक है?

जनसंपर्क विभाग के मुताबिक कुल 37,51,994 क्विंटल बीज उपलब्ध है।

बीज खरीदते समय क्या जांचें?

अधिकृत केंद्र से ही बीज लें और टैग, बिल व बीज की वैधता जांचें।

स्रोत जनसंपर्क विभाग, PIB, PIB