मंत्रालय, भोपाल में 21 अक्टूबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कलेक्टर-कमिश्नर और एसपी-आईजी की समीक्षा बैठक लेते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव फोटो साभार Jansampark MP
मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत गांवों के मकान और प्लॉट की मुफ्त रजिस्ट्री का महा अभियान चल रहा है, लेकिन रफ्तार अभी धीमी है। 21 अक्टूबर 2026 की स्थिति में 49 लाख 48 हजार 980 प्लॉट के लक्ष्य के मुकाबले 1 लाख 60 हजार 230 मुफ्त रजिस्ट्री ही हो पाई हैं।
यानी लक्ष्य का करीब 3.24 प्रतिशत काम पूरा हुआ है और 47 लाख 88 हजार 750 प्लॉट की रजिस्ट्री अभी बाकी है। यह आंकड़ा बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कलेक्टर-कमिश्नर और एसपी-आईजी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई समीक्षा बैठक में रखा गया।
जनसंपर्क विभाग के मुताबिक प्रदेश के सभी 55 जिलों में ग्रामीणों को स्वामित्व के वैधानिक दस्तावेज दिए जा रहे हैं। जिलों की सूची में छिंदवाड़ा 8,530 रजिस्ट्री के साथ पहले नंबर पर है।
3 बड़ी बातें…
- लक्ष्य 49,48,980 प्लॉट, अब तक 1,60,230 मुफ्त रजिस्ट्री, यानी करीब 3.24 प्रतिशत
- छिंदवाड़ा 8,530, रीवा 7,563 और सागर 7,289 रजिस्ट्री के साथ टॉप 3 जिले
- रीवा, शहडोल और धार कलेक्टर को शून्य प्रगति वाले हल्कों में तुरंत काम शुरू कराने के निर्देश
ग्राफिक से समझिए, लक्ष्य के मुकाबले अब तक कितना काम हुआ…

छिंदवाड़ा 8,530 रजिस्ट्री के साथ प्रदेश में नंबर 1
छिंदवाड़ा के बाद रीवा में 7,563 और सागर में 7,289 रजिस्ट्री पूरी हुई हैं। राजगढ़, छतरपुर और नरसिंहपुर भी 6 हजार का आंकड़ा पार कर चुके हैं। टॉप 12 जिलों में कुल 70,368 रजिस्ट्री हुई हैं, जो प्रदेश के कुल आंकड़े का 40 प्रतिशत से ज्यादा है।
| रैंक | जिला | रजिस्ट्री |
|---|---|---|
| 1 | छिंदवाड़ा | 8,530 |
| 2 | रीवा | 7,563 |
| 3 | सागर | 7,289 |
| 4 | राजगढ़ | 6,285 |
| 5 | छतरपुर | 6,128 |
| 6 | नरसिंहपुर | 6,042 |
| 7 | सतना | 5,620 |
| 8 | शिवपुरी | 5,131 |
| 9 | विदिशा | 4,850 |
| 10 | सिवनी | 4,736 |
| 11 | जबलपुर | 4,269 |
| 12 | ग्वालियर | 3,925 |
मैप से समझें, किन जिलों में सबसे ज्यादा रजिस्ट्री हुईं…

बड़े शहरों वाले जिले सूची में पीछे
सबसे कम रजिस्ट्री वाले जिलों में पांढुर्णा 666, मऊगंज 689, आलीराजपुर 786, अनूपपुर 853 और इंदौर 883 के आंकड़े पर हैं। भोपाल में 967, उमरिया में 903 और रतलाम में 1,122 रजिस्ट्री दर्ज हुई हैं।
शून्य प्रगति वाले हल्कों पर CM सख्त
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शून्य प्रगति वाले हल्कों की जानकारी मिलने पर रीवा, शहडोल और धार जिला कलेक्टर को तत्काल प्रगति लाने के सख्त निर्देश दिए। रीवा जिला कुल रजिस्ट्री में दूसरे नंबर पर है, फिर भी वहां कुछ हल्कों में काम शुरू नहीं हुआ है।
मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने स्वामित्व योजना में न्यूनतम प्रगति वाले 10 जिलों के कलेक्टरों पर सख्त नाराजगी जताई और फौरन सुधार लाने को कहा। उन्होंने कहा कि जिन पटवारी हलकों में काम शुरू नहीं हुआ है, वहां तत्काल काम प्रारंभ कराएं। विज्ञप्ति में इन 10 जिलों के नाम नहीं दिए गए हैं।
अब CM बिना सूचना पहुंचेंगे किसी भी जिले में
बैठक में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान की भी समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता वाले इस अभियान में सभी अधिकारियों को फील्ड में जाना ही है।
“सभी अधिकारी इस दिन फील्ड में रहकर अधिकतम जनसमस्याओं को मौके पर ही निराकृत करें।”
डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब वे बिना कोई सूचना दिए आकस्मिक रूप से किसी भी जिले में उतरकर वहां जन विश्वास अभियान में शामिल होंगे। जिन जिलों में जनसमस्याओं के प्रकरण लंबित हैं, वहां कलेक्टरों को विशेष प्रयास कर लंबित प्रकरण न्यूनतम स्थिति में लाने को कहा गया।
मुख्य सचिव बर्णवाल ने कहा कि अभियान में कुछ कलेक्टर पूरी गंभीरता से काम नहीं कर रहे हैं, यह बेहद आपत्तिजनक है।
3 तहसीलदार और 3 पटवारियों की तारीफ
रजिस्ट्रेशन के आधार पर मुख्यमंत्री ने बेहतर काम करने वालों को बधाई दी…
- टॉप 3 उप-पंजीयक, राजेश तिवारी (तहसीलदार रीवा), संजय मसराम (तहसीलदार छिंदवाड़ा) और रणजीत कुशवाह (तहसीलदार शिवपुरी)
- टॉप 3 पटवारी, जीतेंद्र शुक्ला (केवलारी, सिवनी), वीरेंद्र सिंह नरवरिया (मुंगावली, अशोकनगर) और रूप सिंह यादव (डबरा, ग्वालियर)
ड्रोन सर्वे से बनता है रिकॉर्ड, बैंक लोन में मदद
स्वामित्व योजना में गांव की आबादी भूमि पर बने मकानों और प्लॉट का ड्रोन तकनीक से सर्वे किया जाता है। इसी सर्वे के आधार पर संपत्ति के रिकॉर्ड तैयार होते हैं और पात्र ग्रामीणों को स्वामित्व के वैधानिक दस्तावेज दिए जाते हैं।
जनसंपर्क विभाग के मुताबिक इससे ग्रामीणों को अपनी संपत्ति का साफ कानूनी अधिकार मिलता है। यह दस्तावेज बैंक लोन सहित दूसरी वित्तीय सुविधाओं का फायदा लेने के लिए ठोस आधार बनता है।
ग्रामीणों को क्या मिलता है…
- ड्रोन सर्वे, मकान और प्लॉट का सटीक नाप
- कानूनी हक, संपत्ति पर अधिकार का प्रमाण पत्र
- बैंक लोन, दस्तावेज के आधार पर वित्तीय सुविधाएं
- मुफ्त रजिस्ट्री, अभियान में पात्र हितग्राहियों को
पंजीयन और सत्यापन के लिए 'सारा ऐप' और 'संपदा 2.0' जैसे डिजिटल माध्यमों का उपयोग हो रहा है, जिससे प्रक्रिया आसान हुई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
स्वामित्व योजना में मध्यप्रदेश में अब तक कितनी मुफ्त रजिस्ट्री हुई हैं?
21 अक्टूबर 2026 की स्थिति में 1,60,230 मुफ्त रजिस्ट्री हो चुकी हैं।
मुफ्त रजिस्ट्री का कुल लक्ष्य कितना है?
49,48,980 प्लॉट की मुफ्त रजिस्ट्री का लक्ष्य है। अब तक करीब 3.24 प्रतिशत काम पूरा हुआ है।
स्वामित्व रजिस्ट्री में कौन सा जिला सबसे आगे है?
छिंदवाड़ा 8,530 रजिस्ट्री के साथ पहले, रीवा 7,563 के साथ दूसरे और सागर 7,289 के साथ तीसरे नंबर पर है।
स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को क्या फायदा है?
ड्रोन सर्वे के आधार पर मकान और प्लॉट का कानूनी दस्तावेज मिलता है, जिससे बैंक लोन सहित वित्तीय सुविधाएं लेने में मदद मिलती है।
स्रोत जनसंपर्क विभाग
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