लोकेशन – धार, मध्य प्रदेश

डूब क्षेत्र में मेधा पाटकर के पहुंचने से जगी पुनर्वास की उम्मीद

एसडीएम आशीष पाटिल ने दूसरी बार किया प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण, पानी से घिरे घरों और मूलभूत सुविधाओं से वंचित परिवारों की समस्याएं सुनीं

विजुअल // धार जिले की कुक्षी तहसील के सरदार सरोवर बांध परियोजना के डूब प्रभावित क्षेत्र में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री मेधा पाटकर के प्रभावित क्षेत्र में पहुंचने से वर्षों से पुनर्वास की बाट जोह रहे परिवारों में नई उम्मीद जगी है। वहीं, कुक्षी एसडीएम आशीष पाटिल भी दूसरी बार डूब प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति जानने पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों की समस्याओं को करीब से देखा और उनकी परेशानियों की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान चिखल्दा के खेड़ा बस्ती, निसरपुर के डाक बंगला क्षेत्र और बयड़ीपुरा सहित पुराने गांवों एवं पुनर्वास स्थलों पर छूटे प्रभावित परिवारों की स्थिति का जायजा लिया गया। कई परिवारों के घरों और आंगन में बैक वाटर का पानी भरा होने, जबकि कुछ लोगों के पेड़ों के नीचे जीवन गुजारने की बात सामने आई। प्रभावितों ने बताया कि शासन के आदेशों के बावजूद उन्हें अब तक प्लॉट, मुआवजा और अनुदान राशि का लाभ नहीं मिल पाया है। ऐसे में वे जर्जर मकानों और कठिन परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं।
मेधा पाटकर ने प्रभावित परिवारों की समस्याओं को उठाते हुए कहा कि कई परिवार आज भी पुनर्वास के लाभ से वंचित हैं। उनके घरों और आंगन में पानी भरा है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें डूब प्रभावित मानकर पुनर्वास का लाभ नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बाजार दूर हो गए हैं और परिवारों को शासन की बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। पानी के रास्ते मगरमच्छ, सांप और अजगर तक घरों में पहुंचने का खतरा बना रहता है। उन्होंने ऐसी परिस्थितियों में दो लोगों की मौत होने की बात भी कही और प्रभावित परिवारों को तत्काल पुनर्वास का लाभ देने की मांग की। मेधा पाटकर ने कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो कलेक्टर से चर्चा की जाएगी।
इस दौरान निसरपुर के सरपंच अंतिम पटेल ने भी डाक बंगला क्षेत्र की गंभीर स्थिति की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि बैक वाटर का स्तर अचानक बढ़ने पर यहां रहने वाले परिवारों के बाहर निकलने के रास्ते बंद हो जाते हैं। मुख्य मार्ग पर भी पानी भर जाता है, जिससे लोगों का संपर्क प्रभावित होता है। ऐसी स्थिति में इन परिवारों को डूब क्षेत्र से बाहर मानना बड़ी लापरवाही है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित परिवारों की वास्तविक स्थिति के आधार पर तत्काल निराकरण करने की मांग की।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम आशीष पाटिल के साथ एसडीओ चौहान और सिंह साहब सुरेश प्रधान भगवान बर्फा सहित अन्य संबंधित लोग भी मौजूद रहे। अब देखना होगा कि वर्षों से पुनर्वास और मुआवजे की मांग कर रहे इन परिवारों को प्रशासन की इस पहल के बाद राहत मिलती है या उनकी समस्याएं एक बार फिर फाइलों तक सीमित रह जाती हैं।

बाइट मेधा पाटकर समाज सेवी
बाइट एसडीएम आशीष अशोक पाटील

ब्यूरो रिपोर्ट धार घनश्याम पाटीदार
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