• वर्ष 2019 से लंबित पड़ी भर्तियों और नियुक्तियों को जल्द बहाल करने की मांग।

भिण्ड (15 अक्टूबर 2026)। ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा, सामाजिक-आर्थिक विकास और न्याय सुनिश्चित करने के लिए ओबीसी महासभा, जिला भिण्ड द्वारा एक विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान ओबीसी वर्ग की प्रमुख और न्यायसंगत मांगों को लेकर महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, महामहिम राज्यपाल, माननीय मुख्यमंत्री (मध्य प्रदेश) तथा भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त के नाम एक विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।

ओबीसी महासभा के जिला अध्यक्ष मनोज कुशवाह ने बताया कि पिछड़े वर्ग के युवाओं और नागरिकों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार के सामने प्रमुख रूप से 6 मांगें रखी गई हैं। इसमें मध्य प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण को तुरंत बहाल करने और इसके लिए सर्वोच्च न्यायालय में प्रभावी कानूनी पैरवी करने की मांग शामिल है। साथ ही, आरक्षण को स्थाई संवैधानिक संरक्षण देने के लिए इसे संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू करने की अपील की गई है।

महासभा ने युवाओं के रोजगार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्ष 2019 से प्रभावित और लंबित पड़ी सभी भर्ती परीक्षाओं के परिणाम एवं नियुक्तियों की स्थिति को तुरंत स्पष्ट किया जाए, ताकि ओबीसी अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा हो सके। इसके अलावा, आगामी जनगणना 2027 में ओबीसी वर्ग के लिए एक पृथक कॉलम निर्धारित कर पूरी पारदर्शिता के साथ जातिवार आंकड़े संकलित करने और उन्हें सार्वजनिक करने की पुरजोर मांग की गई है, ताकि आबादी के अनुपात में सबको सही प्रतिनिधित्व मिल सके।

हमारा संकल्प — सामाजिक न्याय, समान अधिकार और उचित भागीदारी!

इस महत्वपूर्ण अवसर पर ओबीसी महासभा के प्रदेश सचिव अजय कुशवाह, राजेश सिंह कुशवाह, अजीत कुशवाह, कुलदीप सिंह, पवन राठौड़, मुकेश सिंह, रामपाल कुशवाहा, दिलीप सिंह कुशवाहा (जिला अध्यक्ष, प्रांतीय कुशवाहा महासभा), विक्रम शाक्य, वीर सिंह अचलपुरा, महेश सरपंच, सुदामा, रामनिवास, राजेश सिंह शाक्य, चरण सिंह राठौड़, राहुल सरपंच, विकास, विनोद यादव, सुमित यादव, छोटे सिंह लोधी, सुनील राठौर, आशीष कुशवाह, संजू कुशवाह, शेर सिंह कुशवाह एवं बृजेंद्र सिंह कुशवाह सहित सैकड़ों की संख्या में समाज के जागरूक पदाधिकारी और नागरिक उपस्थित रहे।

संवाददाता रामपाल कुशवाह