October 01, 2026 09:39 AM
1 min read
7 views
पाली में तेज रफ्तार का कहर: हिट एंड रन नहीं, लापरवाही की टक्कर, इलाज के नौ दिन बाद महेश विश्वकर्मा की मौत, चालक के लाइसेंस पर उठे सवाल
बिरसिंहपुर पाली --- उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में 16 सितंबर की सुबह हुई सड़क दुर्घटना ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। टक्कर में गंभीर रूप से घायल हुए टीवीएस सवार महेश विश्वकर्मा ने 25 सितंबर को जबलपुर मेडिकल अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। नौ दिन तक जीवन और मौत से जूझने के बाद महेश की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। वहीं, टक्कर मारने वाले वाहन चालक पंकज गुप्ता के ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर लोगों में संदेह गहरा रहा है। परिजनों और ग्रामीणों को आशंका है कि मामले की जांच में लीपा-पोती न हो जाए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 सितंबर 2026 को सुबह करीब 8 बजे महेश विश्वकर्मा पिता खुशीराम विश्वकर्मा वार्ड नंबर 12 अपनी टीवीएस बाइक (एमपी 54 जेडबी 1838) से किसी काम से उमरिया रोड की ओर से पाली बाजार की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान सामने से पाली बाजार की ओर से दफाई की तरफ जा रहे रसिया होटल के सामने (एमपी 21 जेडजे 1099) के चालक पंकज गुप्ता ने महेश विश्वकर्मा पिता खुशीराम विश्वकर्मा की बाइक को पैरदान के पास जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि महेश विश्वकर्मा बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने मानवता दिखाते हुए घायल महेश को दोपहिया वाहन से पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद करीब 11 बजे डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए उन्हें शहडोल रेफर कर दिया। शहडोल के अमृता अस्पताल में भर्ती कर दिनभर इलाज चला, लेकिन शाम करीब 7 बजे हालत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया।
जबलपुर के मेट्रो अस्पताल में महेश का इलाज चलता रहा। 24 सितंबर को मेट्रो अस्पताल से उन्हें मेडिकल अस्पताल जबलपुर रेफर किया गया। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद महेश जिंदगी की जंग हार गए। 25 सितंबर को रात लगभग 10 बजे मेडिकल अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। 26 सितंबर को पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शव घर पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। नगर में शोक की लहर दौड़ गई।
इस घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल गाड़ी चला रहे पंकज गुप्ता के ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर उठ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पंकज गुप्ता के पास जो लाइसेंस है, वह संदिग्ध है। लोगों को आशंका है कि असली चालक पर कार्रवाई से बचने के लिए किसी दूसरे व्यक्ति के लाइसेंस का इस्तेमाल कर मामले को दबाने की साजिश रची जा रही है। नगर के लोगो कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पाएगा।
परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो। दुर्घटना के समय गाड़ी कौन चला रहा था, इसका सही पता लगाया जाए और दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही घायल के इलाज में हुए भारी खर्च और परिवार के भरण-पोषण को देखते हुए उचित मुआवजे की मांग भी उठाई जा रही है।
गौरतलब है कि पाली-उमरिया मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर स्पीड ब्रेकर लगाने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने व रोड किनारे खड़ी गाड़िया हटाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े। अब सबकी निगाहें पुलिस की जांच पर टिकी हैं कि दोषी चालक पर कार्रवाई होती है या मामला लीपा-पोती की भेंट चढ़ जाता है।