सलमान शेख, पेटलावद
पेटलावद शहर में इन दिनों मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर के कई हिस्सों में मच्छरों की भरमार से लोग परेशान हैं। इसके साथ ही मौसमी बीमारियों के मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया और वायरल जैसी बीमारियों को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही है। कुछ मामलों में मलेरिया जैसी बीमारी सामने आने की बात भी कही जा रही है। हालांकि बीमारी की पुष्टि जांच और स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के आधार पर ही होती है।
स्थिति यह है कि छोटे बच्चों से लेकर युवा और बुजुर्ग तक मच्छरों से परेशान हैं। शाम होते ही कई इलाकों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। इसके बावजूद मच्छरों की रोकथाम के लिए नगर परिषद की ओर से ठोस और नियमित इंतजाम नजर नहीं आने से लोगों में नाराजगी है।
निचले इलाकों में सबसे ज्यादा परेशानी:
शहर के निचले इलाकों में समस्या और अधिक गंभीर बताई जा रही है। शनि मंदिर से लेकर राजापुरा, तलावपाड़ा, राममोहल्ला, गांधी चौक, झंडा बाजार सहित आसपास के क्षेत्रों में गंदे पानी और नालों-नालियों की सफाई को लेकर रहवासी परेशान हैं। कई स्थानों पर नालों में गंदगी जमा है तो नालियों की भी नियमित सफाई नहीं हो रही है। पानी की निकासी ठीक नहीं होने के कारण गंदा पानी जमा रहने से मच्छरों के पनपने की स्थिति बन रही है। वहीं गंदगी के कारण आसपास बदबू भी फैल रही है।
बड़े नाले और नालियां बन रहे परेशानी का कारण:
शहर के कई वार्डों में बड़े नाले हैं, लेकिन इनकी नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी जमा होती रहती है। कई जगह नालियों की स्थिति भी ठीक नहीं है। जब नाले और नालियां समय पर साफ नहीं होंगे तथा पानी की निकासी सुचारू नहीं होगी तो मच्छरों की समस्या बढ़ना स्वाभाविक है। रहवासियों का कहना है कि नगर परिषद को केवल कचरा उठाने तक सीमित न रहते हुए नालों और नालियों की नियमित सफाई पर भी ध्यान देना चाहिए। जलभराव वाले स्थानों को चिन्हित कर तत्काल सफाई और पानी निकासी की व्यवस्था की जानी चाहिए।
न फागिंग की ठोस व्यवस्था, न दवा छिड़काव:
मच्छरों की रोकथाम के लिए फागिंग और दवा छिड़काव सबसे जरूरी उपायों में शामिल हैं, लेकिन लोगों का कहना है कि कई वार्डों में नियमित फागिंग मशीन का उपयोग दिखाई नहीं दे रहा है। वहीं नालियों और जलभराव वाले स्थानों पर दवा या पाउडर के छिड़काव को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है तो नगर परिषद को प्रत्येक वार्ड में विशेष अभियान चलाकर फागिंग, दवा छिड़काव और सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
बीमारी फैलने के बाद नहीं, पहले हो रोकथाम:
मच्छरों से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ने के बाद कार्रवाई करने के बजाय समय रहते रोकथाम करना जरूरी है। शहर में हर उम्र के लोग प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में नगर परिषद की जिम्मेदारी है कि वह मच्छरों के पनपने वाले स्थानों की पहचान कर नियमित सफाई और नियंत्रण की कार्रवाई करे।
जनता का सवाल—टैक्स लेते हैं तो सुविधाएं भी दें:
रहवासियों का कहना है कि नगर परिषद जनता से विभिन्न प्रकार के टैक्स और शुल्क लेती है। ऐसे में शहर की सफाई, नालों-नालियों की व्यवस्था और मच्छरों की रोकथाम जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी जरूरी है। लोगों का सवाल है कि अगर नगर परिषद जनता को मच्छरों से राहत देने के लिए फागिंग, दवा छिड़काव और नियमित सफाई जैसी व्यवस्था नहीं कर सकती, तो फिर जनता से टैक्स किस व्यवस्था के लिए लिया जा रहा है? शहरवासियों ने मांग की है कि नगर परिषद तत्काल सभी वार्डों में सफाई व्यवस्था की समीक्षा करे, बड़े नालों और नालियों की नियमित सफाई कराए तथा प्रभावित क्षेत्रों में फागिंग और दवा छिड़काव का अभियान चलाए। मच्छरों का बढ़ता प्रकोप अब केवल असुविधा का मामला नहीं रह गया है। बीमारी की आशंका के बीच लोगों की नजर नगर परिषद की अगली कार्रवाई पर है।
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