धार जिले की कुक्षी तहसील के निसरपुर स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर प्रांगण में मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष और कैलाश विजयवर्गीय के आगमन पर आयोजित कार्यक्रम में अव्यवस्था और कार्यकर्ताओं की सुस्ती साफ दिखाई दी, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि प्रदेश में भाजपा की स्थिति एक डूबती नैय्या जैसी हो गई है। निसरपुर आगमन पर खेड़ापति हनुमान मंदिर प्रांगण में केवल चंद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ही उनका स्वागत किया। स्वागत के दौरान तीव्र गति से बजते ताशों की तीखी और कर्कश आवाज से असहज होकर प्रदेशाध्यक्ष झुंझला गए और उन्होंने अपने कान बंद कर लिए। उन्होंने हाथ जोड़कर इशारों से ताशे वालों को बजाना बंद करने का निवेदन किया, लेकिन इसके बावजूद ताशे बजते रहे। मंचासीन होने के पश्चात हनुमान चालीसा का पाठ शुरू हुआ और चालीसा समाप्त होते ही तुरंत प्रस्थान का ऐलान कर दिया गया। जैसे ही कलयुग के भगवान श्री हनुमान जी की चालीसा संपन्न हुई, उसके कुछ ही देर बाद राजनीतिक भगवानों को पुष्प माला पहनाकर औपचारिक स्वागत किया गया, परंतु स्थिति यह रही कि अधूरी हनुमान चालीसा के बीच ही नेता उठकर बड़वानी की ओर रवाना हो गए। निसरपुर में उनका यह आगमन और प्रस्थान महज 10 मिनट के भीतर ही सिमट कर रह गया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान आम जनता का कहीं कोई अता-पता नहीं था और जनसमूह की भारी कमी के कारण पांडाल में कुर्सियां पूरी तरह खाली पड़ी रहीं। केवल गिनती के गिने-चुने कार्यकर्ताओं के बीच ही प्रदेशाध्यक्ष और कैलाश विजयवर्गीय आए और तुरंत चले गए। इस दौरान ग्रामीण जिलाध्यक्ष चंचल पाटीदार साथ चलते रहे और जयदीप पटेल ने आगे बढ़कर उनका स्वागत किया। इतनी बड़ी पूर्व तैयारियों के बावजूद जब समय अवधि बेहद कम रही, कार्यकर्ताओं की संख्या नाममात्र की थी और इतने बड़े बड़े नेताओं को जनता की मौजूदगी तक नजर नहीं आई, तो ऐसे में उनका तुरंत प्रस्थान कर जाना पूरी तरह स्वाभाविक ही था।