टीकमगढ़: पंचायत में भ्रष्टाचार के आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

दित्यपाल राजपूत 

टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत देवखा में भ्रष्टाचार और सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आवेदक अशोक लोधी ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत टीकमगढ़ को एक शिकायती आवेदन दिया है जिसमें बताया गया है कि ग्राम पंचायत के सरपंच और उपयंत्री द्वारा मनरेगा योजना के तहत फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।

  • शिकायत के अनुसार, सरपंच रंजीत यादव और उपयंत्री प्रमोद सक्सेना द्वारा मजदूरों की गैरमौजूदगी में फर्जी फोटो के जरिए उपस्थिति दर्ज की गई है।
  • आरोप है कि काम मजदूरों के बजाय मशीनों से करवाया गया और फर्जी तरीके से कार्य पूर्ण दिखाया गया।
  • ग्रामीणों ने पंचायत भवन के निर्माण में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया है, जो हमेशा बंद रहता है।
  • गांव में अधूरी सड़कों, नालियों के अभाव में जलभराव, और बिजली की कमी के कारण समस्याएं बनी हुई हैं।
  • पेयजल समस्या के समाधान के लिए तालाब में तलैया निर्माण की मांग की गई है।

ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और आरोप सही पाए जाने पर सरपंच और सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत में दिए गए आरोपों के आधार पर, ग्रामीणों ने पंचायत के सभी निर्माण कार्यों और सरकारी योजनाओं के तहत खर्च की गई राशि की निष्पक्ष जांच की मांग की है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो उन्होंने सरपंच और सचिव के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की अपेक्षा की है।