रिपोर्टर नफीस खान सीहोर

मध्यप्रदेश सहित देशभर में दलहन की फसलों का रकबा और उत्पादन लगातार घट रहा है, जिसे लेकर सरकार भी चिंतित है. अब इसे लेकर मध्यप्रदेश में देश के अलग-अलग 9 राज्यों के कृषि मंत्री जुटने जा रहे हैं. सीहोर के अमलाहा स्थित गांव में 7 फरवरी को होने जा रहे इस राष्ट्रीय सम्मेलन का नेतृत्व केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे. इसमें कई राज्यों के कृषि विशेषज्ञ भी शामिल होंगे, जिसमें दलहन उत्पादन को बढ़ाने और इसकी खेती को लाभकारी बनाने पर मंथन होगा.

इन राज्यों के कृषि मंत्री होंगे शामिल

इस राष्ट्रीय सम्मेलन में मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों के कृषि मंत्री शामिल होंगे, जिसमें उड़ीसा के कनकवर्धन सिंह देव, पंजाब के गुरुमीत सिंह खुड़ियन, छत्तीसगढ़ के मंत्री रामविचार नेताम, बिहार के राम कृपाल यादव, गुजरात के रमेशभाई कटारा, उत्तर प्रदेश के सूर्य प्रताप साही, हरियाणा के श्याम सिंह राणा, पश्चिम बंगाल के कृषि मंत्री सोवानदेव चटोपाध्याय व केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी शामिल होंगे.

पल्सेस मिशन पोर्टल होगा लॉन्च

किसान कल्याण व कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने बताया, '' दलहन के उत्पादन को बढ़ाने, किसानों की आय बढ़ाने और नई तकनीकों के जरिए दलहन के उत्पादन में बढोत्तरी करने के लिए केन्द्रीय कृषि मंत्री के नेतृत्व में इस सम्मेलन में चर्चा की जाएगी. कार्यक्रम की शुरुआत में कृषि मंत्री शिवराज सिंह किसानों से चर्चा करेंगे. इसके बाद किसान प्रशिक्षण केन्द्र, पादप जीनोमिक्स, ऊतक संवर्धन, प्रजनन एवं रोग विज्ञान से जुड़ी आधुनिक प्रयोगशाला का उदघाटन भी किया जाएगा.''

कृषि मंत्री ने आगे कहा, '' इस सम्मेलन में पल्सेस मिशन पोर्टल भी लॉन्च होगा. सम्मेलन का उद्देश्य है कि कैसे किसानों तक नए शोध गुणवत्तापूर्ण बीज, आधुनिक खेती की पद्धतियों को पहुंचाया जाए, जिससे दलहन के क्षेत्र में वे आत्मनिर्भर हो सकें. सभी कृषि मंत्रियों के साथ मिलकर राष्ट्रीय स्तर पर दलहन विकास की रणनीति तैयार की जाएगी.''

 

शिवराज सिंह ने की तैयारियों की समीक्षा

इसस पहले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीसी के जरिए इस दलहन कॉन्फ्रेंस की तैयारियों की समीक्षा की. बैठक में उन्होंने कहा, '' सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों के दलहन उत्पान को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी और भविष्य की संभावनाओं और चुनौतियों पर विचार विमर्ष होगा. इस कॉन्फ्रेंस के आधार पर देशभर में दलहन उत्पादन का नया रोडमैप तैयार किया जाएगा.