पत्रकारिता के नाम पर कलंक: ट्रांसपोर्टरों से वसूली का ऑडियो हुआ वायरल!
## **पत्रकारिता की आड़ में ट्रांसपोर्टरों से करता वसूली**
### **सोशल मीडिया में ऑडियो हुई वायरल**
**पशु तस्कर ने भी लिया था नाम | अब ट्रांसपोर्टर से पैसे की मांग, नहीं तो पेपर की कटिंग भेजकर ब्लैकमेल**
**ऑडियो वायरल | क्या जिला प्रशासन करेगा निष्पक्ष कार्रवाई ?**
**शहडोल/अनूपपुर |**
जिले में पत्रकारिता की आड़ में अवैध वसूली का खेल जोरों पर है। अमलाई थाना क्षेत्र के ओपीएम का रहने वाला कथित शर्मा नामक पत्रकार इन दिनों सोशल मीडिया में खूब सुर्खियां बटोर रहा है। दूसरों को रेत माफिया और विभिन्न प्रकार के तस्करों से जोड़कर निरंतर मिमिक्री ऑडियो, या साथ बैठकर नशा करने की ऑडियो रिकॉर्ड कर क्षेत्र में भ्रामक खबरें फैलाकर बदनाम करने की साजिश चल रहा है।
वहीं दूसरी ओर अब जब खुद की ऑडियो ₹2000 में कुछ दिन के लिए "कवरेज" करने की बात को लेकर खुलेआम सोशल मीडिया में वायरल हुई, तो कथित पत्रकार बौखलाहट में खुद को पत्रकार बताने वाला तरह-तरह के पुराने ऑडियो और शब्दावली को वायरल कर रहा है। जबकि पशु तस्कर ने कोतमा में हुई कार्रवाई में पशु तस्कर बल्लू ने खुलेआम नाम लेते हुए फोनपे का ट्रांजैक्शन दिखाया था, उस पर भी पता नहीं यह तस्करों का संरक्षक कैसे बच गया?
क्षेत्र में खुलेआम चलने वाले वाहनों को रुकवाना, वसूली करना, नहीं तो फर्जी खबर चलाना — यह हाल हो चुका है। वसूली की बात खुद को पत्रकार खाने वाला की ऑडियो जैसे ही वायरल हुई, मानों किसी ने भी लिख खंभा नोचना शुरू कर दे। एक कर्मचारी ने एक वीडियो देकर बताया है कि गाड़ी रोककर ₹10,000 की मांग की गई, और 10,000 नहीं होने पर 5,000 में बात होते ही पेट्रोल टंकी में डीजल डलवाया गया।
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* **वायरल ऑडियो:** 0:48
* **PhonePe Transaction:** Money Received ₹ 2,000
* **पशु तस्कर ने लिया था नाम, दिखाई थी फोनपे की ट्रांजैक्शन जानकारी**
* **गाड़ी पर लिखा:** संभागीय ब्यूरो
* **कैप्शन:** कथित पत्रकार की गाड़ी, जिस पर 'संभागीय ब्यूरो' लिखा है। (फाइल फोटो)
* **पीले बॉक्स में टेक्स्ट:**
सुबह से 500, 1000, 1500 की चाय रखने वाला यह पत्रकार, चार पहिया वाहन से पूरे क्षेत्र में घूमकर कहां से लाता है पैसा ?
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### **ऐसे हुआ वसूली का खेल**
1. वाहन रोककर ₹10,000 की मांग
2. 10,000 नहीं तो 5,000 पर बात
3. पेट्रोल टंकी में डलवाया डीजल
4. सोशल मीडिया पर पुरानी ऑडियो वायरल
5. विरोध करने पर फर्जी खबर की धमकी
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### **पहले पशु तस्कर, अब ट्रांसपोर्टरों की बारी**
कोतमा में हुई कार्रवाई में पशु तस्कर बल्लू ने खुलेआम नाम लेते हुए फोनपे ट्रांजैक्शन दिखाया था। इसके बावजूद भी यह तस्करों का संरक्षक कैसे बच गया? अब वही खेल ट्रांसपोर्टरों के साथ भी दोहराया जा रहा है।
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### **व्यंग्य : सच कहने का साहस और सलीका नहीं...**
जिसे खुद को पत्रकार कहलाने का इतना शौक है, उसके पास चार पहिया वाहन, संभागीय ब्यूरो की प्लेट, रोज की चाय-पानी और बड़े-बड़े दावे... पर सवाल है — यह सब आता कहां से है? अगर ईमानदार है तो आय का स्रोत बताएं, वरना पत्रकारिता के नाम पर वसूली, ब्लैकमेल और तस्करों से रिश्तेदारी का यह खेल कब तक चलेगा? जिला प्रशासन जागे, वरना यह कथित पत्रकार जल्द ही सलाखों के पीछे नजर आएगा!
**जनता पूछ रही है — क्या जिला प्रशासन इस कथित पत्रकार की कार्यप्रणाली की जांच कराएगा? | सच छुप नहीं सकता...**
**STATE NEWS AI**
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