*छह महीने में ही फेल होने लगी करोड़ों की स्ट्रीट लाइटें, सजावटी एलईडी भी बंद; अंधेरे में डूब रहे मार्ग, जिम्मेदार बेखबर*
नगर परिषद मानपुर द्वारा जैम (GeM) पोर्टल के माध्यम से करोड़ों रुपये की लागत से कराई गई स्ट्रीट लाइट व्यवस्था छह महीने के भीतर ही दम तोड़ने लगी है। नगर के कई मुख्य मार्गों पर लगी एलईडी स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं, जबकि कुछ स्थानों पर लाइटें बार-बार जलने और बुझने से राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा कर रही हैं। स्थिति यह है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कई इलाके अंधेरे की चपेट में हैं और जिम्मेदार अमला मूकदर्शक बना हुआ है।
इतना ही नहीं, नगर की सुंदरता बढ़ाने के उद्देश्य से कुछ स्थानों पर बिजली के खंभों पर लगाई गई सजावटी एलईडी लाइटें भी अधिकांश जगहों पर बंद पड़ी हैं। जिन रंग-बिरंगी रोशनी के सहारे नगर को आकर्षक स्वरूप देने का दावा किया गया था, वे अब शोपीस बनकर रह गई हैं। इससे न केवल सरकारी धन के उपयोग पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि रखरखाव व्यवस्था की पोल भी खुल रही है।
*नियमों के मुताबिक रखरखाव नगर परिषद की जिम्मेदारी*
मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1961 के तहत नगर परिषद का दायित्व है कि सार्वजनिक मार्गों और नगर क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था को सुचारु बनाए रखे तथा उसका नियमित रखरखाव सुनिश्चित करे। वहीं, सामान्य वित्तीय नियम (GFR) और GeM पोर्टल के माध्यम से क्रय किए गए उपकरणों पर निर्धारित वारंटी अवधि के दौरान खराब सामग्री की मरम्मत या प्रतिस्थापन संबंधित एजेंसी से कराना अनिवार्य है।
ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब करोड़ों की लागत से लगाए गए उपकरण छह महीने में ही खराब होने लगे तो क्या गुणवत्ता की जांच हुई थी? क्या वारंटी और मेंटेनेंस की शर्तों का पालन कराया जा रहा है? और यदि वारंटी लागू है तो बंद पड़ी लाइटों को अब तक दुरुस्त क्यों नहीं कराया गया?
*अंधेरे में बढ़ रहा खतरा*
मुख्य मार्गों और सुनसान क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था प्रभावित होने से रात्रि में दुर्घटनाओं, चोरी और असामाजिक गतिविधियों की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी यदि जनता को अंधेरे में चलना पड़े तो विकास के दावों का औचित्य क्या रह जाता है।
*क्या कहते हैं जिम्मेदार*
इस संबंध में नगर परिषद मानपुर के लाइट प्रभारी अतिरिक्त प्रभार हरगोविंद चतुर्वेदी का कहना है कि बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों और सजावटी एलईडी को चिन्हित कर जल्द सुधार कार्य कराया जाएगा तथा वारंटी शर्तों के अनुसार संबंधित एजेंसी से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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