जिला अस्पताल में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के मामले मे डाटा एंट्री ऑपरेटर की सेवा समाप्त, नोडल अधिकारी की जांच शुरू* *टीकमगढ़।* जिला अस्पताल में नवजात का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी करने का मामला सामने आया है। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के निर्देश पर जिला अस्पताल में पदस्थ डाटा एंट्री ऑपरेटर की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं, वहीं जन्म प्रमाण पत्र शाखा के नोडल अधिकारी के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। पूरे मामले की जांच एसडीएम संस्कृति लिटोरिया को सौंपी गई है। जानकारी के अनुसार खरगापुर निवासी काजल नायक को 8 अगस्त को प्रसव के लिए प्राइवेट नर्सिंग होम जीवन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहीं बच्चे का जन्म हुआ और 11 अगस्त को उन्हें छुट्टी दे दी गई। इसके बावजूद 13 अगस्त को बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र जिला अस्पताल के नाम से जारी कर दिया गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब आशा कार्यकर्ता संबंधित एंट्री कराने जिला अस्पताल पहुंची। रिकॉर्ड में पहले से प्रमाण पत्र जारी होना देख संदेह हुआ और मामला अधिकारियों तक पहुंचा। मामला संज्ञान में आते ही कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने सिविल सर्जन डॉ. अमित शुक्ला को तत्काल जांच के निर्देश दिए। प्रारंभिक जांच में प्राइवेट कंपनी के माध्यम से जिला अस्पताल में नियुक्त डाटा एंट्री ऑपरेटर अभिषेक चौधरी की लापरवाही व अनियमितता सामने आई। रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने उसकी सेवा समाप्त करने के आदेश जारी किए। साथ ही जन्म प्रमाण पत्र विभाग के नोडल अधिकारी की भूमिका को लेकर भी जांच के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।