250 फीट ऊंची पहाड़ी पर गुफा में विराजीं मां कालका, 500 साल पुराना है इतिहास,दूर दूर से मां के दर्शन करने पहुंचते है भक्त टीकमगढ़। शारदीय नवरात्र शुरू हो गए हैं और जिले के देवी मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ने लगा है। खरगापुर तहसील के देरी गांव में स्थित मां कालका का मंदिर अपनी अनूठी भौगोलिक स्थिति और प्राचीन इतिहास के लिए खास पहचान रखता है। यह मंदिर जमीन से करीब 250 फीट ऊंची पहाड़ी को चीरकर गुफानुमा आकार में बनाया गया है, जिसके अंदर मां कालका विराजमान हैं। मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को पहले करीब 370 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती थीं। *800 फीट लंबी पाइपलाइन से पहुंचता है पानी* मंदिर कमेटी के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह बुंदेला ने बताया कि मंदिर का इतिहास 500 साल से भी अधिक पुराना बताया जाता है, जो पूर्वजों से सुनते आ रहे हैं। पहाड़ी की ऊंचाई के कारण यहां पानी पहुंचाना भी चुनौती है, इसके लिए करीब 800 फीट लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है। *अब राह हुई आसान* हाल ही में पहाड़ी पर सीसी रोड का निर्माण होने से वाहनों की पहुंच ऊपर तक हो गई है। अब श्रद्धालुओं को केवल करीब 100 सीढ़ियां ही चढ़नी पड़ती हैं, जिससे बुजुर्गों और महिलाओं को बड़ी राहत मिली है। मां के दर्शन करने दूर दूर से भक्त मंदिर पहुंते है। ओर मंदिर में मत्था टेक कर अपनी मुराद मांगते हैं। मां सभी भक्तों की मुरादें पूरी करती है। *मन्नतें पूरी करती हैं मां कालका* मान्यता है कि मां कालका भक्तों की सभी मन्नतें पूरी करती हैं। इसी आस्था के चलते नवरात्र में यहां जवारे चढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। पंचमी, अष्टमी और नवमी पर मंदिर में विशेष भीड़ और मंदिर में विशाल मेले भी लगता है।
मध्य प्रदेश स्पेशल
250 फीट ऊंची पहाड़ी पर गुफा में विराजीं मां कालका, 500 साल पुराना है इतिहास,दूर दूर से मां के दर्शन करने पहुंचते है भक्त टीकमगढ़। शारदीय न
October 12, 2026 09:46 AM
1 min read
11 views
1/1
Reactions
Comments 0
Please log in to join the conversation and post a comment.
Continue With Google