पूर्व कर्मों के दंड और मोक्ष का मार्ग बताया पंडित प्रदीप मिश्रा ने
संतों का सानिध्य सौभाग्य से मिलता है, डबरा की धरती गौरवान्वित महसूस कर रही है — नरोत्तम मिश्रा
डबरा, 12 फरवरी।
डबरा स्थित नवगृह शक्ति पीठ में आयोजित प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर चल रही शिवपुराण कथा के दूसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का विशेष वातावरण देखने को मिला। प्रसिद्ध शिवपुराण कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा (सीहोर वाले) ने अपने प्रवचन में पूर्व कर्मों के दंड, जीवन में आने वाले दुखों और उनसे मुक्ति के आध्यात्मिक उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडाल में उपस्थित रहे।
पूर्व जन्मों के कर्म बनते हैं वर्तमान दुखों का कारण
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि कई बार जीवन में सब कुछ सही होने के बावजूद व्यक्ति दुख, तनाव और परेशानियों से घिर जाता है। जब वर्तमान परिस्थितियाँ प्रतिकूल नहीं होतीं, तब इन कष्टों का कारण पूर्व जन्मों के कर्म होते हैं। उन्होंने कहा कि कर्मों का सिद्धांत अटल है और मनुष्य को अपने किए कर्मों का फल किसी न किसी रूप में अवश्य भोगना पड़ता है।
शिवकथा है आत्मशुद्धि की चक्की
कथा वाचक ने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे आटा पाने के लिए गेहूं को चक्की में ले जाना पड़ता है और बाल कटवाने के लिए नाई के पास जाना होता है, उसी प्रकार पूर्व जन्मों के कर्मों से मुक्ति पाने के लिए शिवपुराण कथा का श्रवण आवश्यक है। उन्होंने कहा — “शिवकथा वह आध्यात्मिक चक्की है, जहाँ पुराने कर्मों का बोझ धीरे-धीरे कटता चला जाता है।”
श्रद्धा और भाव ही सबसे बड़ा साधन
पंडित मिश्रा ने कहा कि कथा की अवधि से अधिक महत्वपूर्ण श्रद्धा और भाव हैं। चाहे कोई श्रद्धालु तीन दिन कथा सुने या सात दिन, यदि वह सच्चे मन से शिवनाम का स्मरण करता है तो बाबा महादेव की कृपा अवश्य बरसती है। उन्होंने कहा कि शिवपुराण केवल कथा नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और मोक्ष का मार्ग है।
संतों का सानिध्य सौभाग्य की बात: नरोत्तम मिश्रा
कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि “संतों का सानिध्य जीवन में सौभाग्य से ही मिलता है। आज डबरा की धरती धन्य है कि यहां पंडित प्रदीप मिश्रा जैसे संत महात्मा के श्रीमुख से शिवकथा का श्रवण हो रहा है। यह संपूर्ण क्षेत्र के लिए गौरव और पुण्य का अवसर है।” उन्होंने कहा कि ऐसी कथाएँ समाज में आध्यात्मिक ऊर्जा और संस्कारों के संवर्धन का माध्यम बनती हैं।
हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा पंडाल
कथा के दौरान पूरा पंडाल “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने कथा को अपने जीवन से जोड़ते हुए इसे आत्मिक शांति और कर्म सुधार का माध्यम बताया। प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के साथ चल रही यह शिवपुराण कथा डबरा क्षेत्र में भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बन गई है।
संत श्री दंदरौआ सरकार रामदास जी महाराज, संत श्री चूना खो सरकार सेबानंद जी महाराज, महामंडलेश्वर श्री सोमनाथ जी महाराज, संत श्री उदयानंद जी महाराज मद्दा खो उपस्थित रहे|
मंच पर पीठ का पूजन करने वालों में पूर्व सांसद विवेक नारायण सेजवलकर,डबरा विधायक सुरेश राजे, भाजपा के वरिष्ठ नेता वेद प्रकाश, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रघुनाथ तिवारी, जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र रावत आदि शामिल रहे| वही मध्य प्रदेश शासन के मंत्री एवं ग्वालियर के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट और चित्रकूट विधायक सुरेंद्र सिंह गहलवार विशेष रूप से उपस्थित रहे |
Continue With Google
Comments (0)