डबरा...

 

डबरा नवग्रह शक्तिपीठ महोत्सव का आंठवा दिन, 

नवगृह शक्तिपीठ पहुंचे मंत्री एवं अभिनेता

 

डबरा नवग्रह मंदिर डबरा पर चल रहे महानुष्ठान के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल एवं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पहुंचे, जिनका स्वागत पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र ने किया। तो वहीं मंत्री एवं अभिनेता 

आशुतोष राणा ने नवग्रह शक्तिपीठ मंदिर का अवलोकन कर कहा कि नवग्रह शक्तिपीठ अद्भुत अकल्पनीय है और आने वाले समय में यह पर कई श्रद्धालु द्वारा अनुष्ठान किए जाएंगे। मंदिर परिसर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने डबरा में आयोजित हो रहे नवग्रह शक्तिपीठ के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के आंठवे दिन बुधवार को हनुमान कथा के दौरान व्यक्त किए। इस मौके पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, नगरीय प्रशसान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा, इंडिगो के हैड वरुण द्विवेदी प्रमुख रूप से शामिल होकर व्यासपीठ से आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के आयोजक  पूर्वग्रहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सभी अतिथियों का स्वागत सम्मान किया।

 

पं धीरेंद्र शास्त्री ने कथा पांडाल में मौजूद हजारों श्रद्धालुओं को संबोधित  करते हुए कहा कि डबरावासी सौभाग्यशाली हैं, जिन्हें घर बैठे देशभर के शीर्षस्थ संतों एवं विभूतियों के दर्शन घर बैठे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान की कथा बहुत भाग्य से मिलती है, इसलिए सिर्फ फोटो खिंचाने के लिए कथा में न आएं। रील के चक्कर रीयल को न खोएं। उन्होंने कहा कि कथा की एक बात भी यदि मन में उतार ली, तो अनेक बाबाओं के यहां चक्कर लगाने की जरूरत नहीं हैं।बहुत बाबाओं को साधने से भगवान की कृपा होने वाली नहीं हैं। आप स्वयं गुरू बनो, तभी भारत विश्वगुरू बनेगा। सिर्फ सत्संग में मत बैठो बल्कि सत्संग को अपने मन में बैठा लो। एचटूओ का फार्मूला जानने से प्यास नहीं बुझती है, बल्कि पीने से ही प्यास बुझती है। थोड़ी सी भी कथा सुनो,लेकिन उसे अपने मन में उतार लो। शास्त्री ने कहा कि सत्संग जलते हुए दीपक के समान हैं। सत्संग में जब बैठते हैं तो उससे मन का बुझा हुआ दिया जल जाता है, जिससे भगवान को पा लेते हैं और भगवान को पा लेने के बाद किसी और को पाने की जरूरत नहीं होती है। राम नाम की चाबी से हर ताला खुल जाता है और सारे बिगड़े काम बन जाते हैं।  उन्होंने कहा कि जिस तरह कम्प्यूटर में वायरस आ जाने पर एंटी वायरस डालना पड़ता है,तो वह बढिया काम करने लगता है, इसी तरह यदि संसार के  वायरस को मिटाने के लिए भगवान की कथा सुननी पड़ती है। जिस तरह किताबों के अध्ययन से संसार के बारे में जानकारी होती है, उसी तरह सत्संग से पता चलता है कि जीवन को जीना कैसे है। चरण के बल से आप मंदिर एवं आचरण के बल से भगवान तक पहुंच सकते हैं। कथा में यदि खाली होकर बैठेगो तो अच्छी बातें आपके मन मेें भरती चली जाएंगी। युवाओं से कहा मां-बाप की बात मानो..... युवाओं से आह्रवान करते हुए उन्होंने कहा कि हमें मानो या न मानो,लेकिन मां-बाप की जरूर मानो। विद्यार्थी यदि 18 से 25 वर्ष तक खुद को संभाले रखेंगे तो फिर वे कभी नहीं बिगड़ सकते हैं। कैसी भी माहौल में रहो,लेकिन खुद पर नियंत्रण में रखो। राम के राज्य में रहकर मंथरा सुधरी नहीं और रावण के राज्य में रहकर विभीषण बिगड़ा नहीं, तो आप को भी कुसंग बिगाड़ नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि हनुमानजी की भक्ति से हमें वो भी मिल जाता है, जो भाग्य में नहीं होता है, क्योंकि वे महादेव के अवतार हैं। जगत के लिए विषपान करने के कारण वे महादेव कहलाए। आप भी कोशिश करो कि संसार की कड़वी बातें पी जाओ। आप किसी का मुंह बंद नहीं कर सकते हैं लेकिन अपने कान तो बंद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि संसार के बंधन की वजह से पुरूष महिला एवं महिलाएं पुरूष के चक्कर में पड़ जाती हैं,लेकिन सौ बार हनुमान चालीसा का पाठ संसारी बंधन भी खोल देता है। हनुमानजी के  भजन से सारे सुख मिल जाते हैं। आराम चाहिए तो राम की शरण मेें जाओ और राम की शरण में जाने के लिए हनुमानजी की भक्ति करो।  जीवन में यदि राम आ गए तो आराम तो आ ही जाएगा। उन्होंने कहा कि तो या तो हनुमानजी को मानना छोड़ दो,या खुद को हनुमानजी पर छोड़ दो। 

 

 

 

आशुतोष राणा ने की डॉ नरोत्तम मिश्रा की तारीफ

 

इस मौके पर फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा ने अपने गुरू दद्दाजी का स्मरण करते हुए कहा कि नरोत्तम मिश्रा मेरे गुरू भाई हैं, जिन्होंने नवग्रह पीठ की स्थापना कराकर   ग्रहों का साधा है, जो उनको परलोक में साधेंगे। उन्होंने अलग-अलग प्रकृति के ग्रहों को एक साथ बैठाकर विकृति को दूर कर दिया है। भगवान का अनुग्रह हो जाए तो ग्रह स्वत: ही अनुकूल हो जाते हैं। गुरू को साध लो तो बुद्धि सुधर जाएगी। उससे मंगल होने लगेगा, तो शुक्र भी सुधर जाएगा और सारे ग्रहों की कृपा होने लगेगी। उन्होंने कहा कि सभी में हनुमान( वायु) है और जब तक शरीर में हनुमान( वायु) हैं,तब तक राम, यानि प्राण हैं। आज लगेगा हनुमानजी का दिव्य दरबार गुरूवार को बागेश्वर पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हनुमानजी का दिव्य दरबार लगाएंंगे, जिसमें भक्तों का पर्चा निकालाकर उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस दौरान सभी भक्त नारियल लेकर आएं। स्वप्न मेें यदि बंदर दिखाई दें,तो समझो हनुमानजी ने आपकी अर्जी स्वीकार कर ली है।