38 डिग्री की तपिश में दंडवत आस्था: हजारों श्रद्धालु पहुंचे बलखंडन खेर माता धाम

दमोह, तेंदूखेड़ा: चिलचिलाती धूप, 38 डिग्री तापमान और तपती पत्थरीली सड़क - लेकिन आस्था के आगे हर कठिनाई छोटी पड़ गई। दमोह जिले के तेंदूखेड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत दिनारी के दसोंदी माल गांव में स्थित प्रसिद्ध बलखंडन खेर माता धाम में चैत्र नवरात्रि की नवमी पर आस्था का अद्भुत और अलौकिक दृश्य देखने को मिला।

हजारों श्रद्धालु पत्थरीले मार्ग पर दंडवत करते हुए मां के दरबार तक पहुंचे। इस दौरान तपती जमीन पर नंगे पैर खड़ा होना भी मुश्किल था, लेकिन श्रद्धालु केवल एक तौलिया लपेटे हुए पूरे शरीर को धरती से स्पर्श करते हुए आगे बढ़ते रहे। हर ओर “जय माता दी” के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

आस्था और परंपरा

तपती जमीन पर दंडवत यात्रा करते श्रद्धालुओं के चेहरे पर थकान के बजाय मां के दर्शन की उत्कंठा साफ झलक रही थी। मान्यता है कि जिन भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, वे चैत्र नवरात्रि की नवमी पर दंडवत करते हुए माता के दरबार पहुंचते हैं। कई श्रद्धालु नौ दिनों का व्रत रखकर यहीं आकर व्रत खोलते हैं।

  • जवारों का विसर्जन: इस अवसर पर लगभग 25 से 30 गांवों से लाए गए जवारों का विसर्जन किया गया।
  • विशाल मेला: आयोजन एक विशाल मेले में तब्दील हो गया, जहां हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी।

सांप्रदायिक एकता की मिसाल

करीब 700 की आबादी वाले दसोंदी गांव में लगभग 80% मुस्लिम समाज के लोग निवास करते हैं, लेकिन यहां धार्मिक सौहार्द की अनूठी मिसाल देखने को मिलती है। मुस्लिम समुदाय के लोग भी पूरे उत्साह से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा और सहयोग में जुटे नजर आए।

ग्राम पंचायत दिनारी के सरपंच प्रतिनिधि भोजराज जैन ने बताया कि बलखंडन खेर माता धाम क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं और आने वाले समय में और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि दसोंदी खेर माता मंदिर वन विभाग क्षेत्र में होने के कारण यहां अपेक्षित स्तर पर विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं।

तपती धूप और कठिन रास्तों के बीच भी भक्तों की अटूट श्रद्धा ने यह साबित कर दिया कि सच्ची भक्ति के आगे हर बाधा छोटी पड़ जाती है।