आमला/मोरखा। बैंक ऑफ महाराष्ट्र की मोरखा शाखा में खाताधारकों के साथ कथित वित्तीय धोखाधड़ी और करोड़ों रुपये की अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले को लेकर State News AI न्यूज़ ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित कर जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित किया था। खबर सामने आने के बाद मामले में पुलिस की कार्रवाई ने क्षेत्र में चर्चा तेज कर दी है।

पुलिस के अनुसार, बैंक की मोरखा शाखा में करीब 1.14 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। मामले में बैंक के सहायक प्रबंधक सहित अन्य लोगों की भूमिका सामने आने के बाद बोरदेही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि विरुद्ध बालक के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान छह मोबाइल फोन, सोना-चांदी और एक कार सहित लगभग 22 लाख 33 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। मामले में छह अलग-अलग अपराध दर्ज कर जांच की जा रही है।

खबर के बाद मामले ने पकड़ा जोर, पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

बैंक ऑफ महाराष्ट्र की मोरखा शाखा में खाताधारकों की रकम से कथित छेड़छाड़ और वित्तीय अनियमितताओं का मामला गंभीर माना जा रहा है। State News AI न्यूज़ ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद अब पुलिस की कार्रवाई सामने आई है। हालांकि, पुलिस की जांच और कार्रवाई का आधार शिकायतों तथा जुटाए गए साक्ष्यों को बताया गया है।

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में जनवरी 2026 से कथित अनियमितताएं किए जाने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि नेट बैंकिंग के माध्यम से खाताधारकों के पंजीकृत मोबाइल नंबर बदले गए और उनकी अनुमति के बिना खातों से राशि निकाली गई या दूसरे खातों में हस्तांतरित की गई।

जांच में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्रों के आधार पर सावधि जमा यानी एफडी तुड़वाने का मामला भी सामने आया है। पुलिस को आशंका है कि कथित धोखाधड़ी से प्राप्त राशि का उपयोग अन्य संपत्तियां खरीदने में किया गया। इन सभी पहलुओं की विस्तृत जांच जारी है।

सहायक प्रबंधक सहित दो आरोपी गिरफ्तार

पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेंद्र जैन के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे और एसडीओपी मुलताई शिवकुमार सिंह के निर्देशन में बोरदेही पुलिस ने कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार, 24 अक्टूबर 2026 को सहायक प्रबंधक लुकेश गोखे और गौरव सूर्यवंशी को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा एक विधि विरुद्ध बालक के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की गई है।

मामले में खाताधारकों की शिकायतों के आधार पर छह अलग-अलग अपराध दर्ज किए गए हैं। पुलिस बैंक खातों के लेनदेन, मोबाइल नंबरों में हुए बदलाव, एफडी से संबंधित दस्तावेजों और रकम के हस्तांतरण की जांच कर रही है।

22.33 लाख रुपये की संपत्ति जब्त

पुलिस ने जांच के दौरान आरोपियों से संबंधित स्थानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संपत्ति जब्त की है। इसमें छह मोबाइल फोन, सोना, चांदी और एक कार शामिल है।

जब्त संपत्ति का अनुमानित विवरण इस प्रकार है:

  • छह मोबाइल फोन — लगभग 65 हजार रुपये
  • सोना — लगभग 8 लाख 28 हजार रुपये
  • चांदी — लगभग 1 लाख 40 हजार रुपये
  • एक कार — लगभग 12 लाख रुपये

कुल जब्त संपत्ति की अनुमानित कीमत 22 लाख 33 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जब्त संपत्ति का कथित वित्तीय धोखाधड़ी से क्या संबंध है।

छह शिकायतों पर अलग-अलग मामले दर्ज

बोरदेही पुलिस के अनुसार, ज्योति रघुवंशी, फूलवंती सोनी, इंद्रेश रघुवंशी, भोजराज सोनी, रागिनी साहू और विवेक सोनी की शिकायतों के आधार पर छह अलग-अलग अपराध दर्ज किए गए हैं। शिकायतों में खातों से कथित अनधिकृत निकासी, फर्जी हस्तांतरण और अन्य बैंकिंग अनियमितताओं के आरोप शामिल हैं।

पुलिस संबंधित आरोपियों की भूमिका, बैंक खातों में हुए लेनदेन और कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों की जांच कर रही है। मामले में आगे और तथ्य सामने आने की संभावना है।

बोरदेही पुलिस और साइबर सेल की अहम भूमिका

इस कार्रवाई में एसडीओपी मुलताई शिवकुमार सिंह के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी निरीक्षक भैयालाल उईके के नेतृत्व में बोरदेही पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्रवाई में उपनिरीक्षक पंचमसिंह उईके, सहायक उपनिरीक्षक कमलसिंह मेहर, मिंतलाल धुर्वे और हरीराम डंढोरे, प्रधान आरक्षक नागेंद्र सिंह तथा अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। 

खाताधारकों से सतर्क रहने की अपील

पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने नागरिकों से अपने बैंक खातों, एफडी और ऑनलाइन बैंकिंग की नियमित निगरानी करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि खाते में संदिग्ध लेनदेन, मोबाइल नंबर में अनधिकृत बदलाव या बिना अनुमति राशि निकाले जाने की जानकारी मिलने पर तत्काल बैंक और पुलिस को सूचित करें।

पुलिस ने बैंकिंग पासवर्ड, ओटीपी और एटीएम पिन जैसी गोपनीय जानकारी किसी से साझा नहीं करने की सलाह दी है। ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील भी की गई है।

State News AI न्यूज़ की खबर के बाद इस मामले में पुलिस की कार्रवाई सामने आने से खाताधारकों के बीच उम्मीद जगी है कि कथित वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में पुलिस की विवेचना जारी है। आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी।