आमला (बैतूल)। अनुविभागीय अधिकारी (रा.) आमला शैलेन्द्र बडौनियाँ ने 23 अप्रैल 2026 को तहसीलदार न्यायालय आमला एवं नायब तहसीलदार बोरदेही वृत्त का औचक निरीक्षण कर राजस्व तंत्र की कार्यप्रणाली की बारीकी से जांच की। निरीक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण खामियां सामने आईं, जिस पर एसडीएम ने तुरंत सख्त रुख अपनाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़े निर्देश जारी किए।

निरीक्षण में पाया गया कि वरिष्ठ न्यायालयों से प्राप्त प्रकरणों और अभिलेख दुरुस्ती से जुड़े मामलों को आरसीएमएस पोर्टल पर नियमित रूप से दर्ज नहीं किया जा रहा है। इस पर एसडीएम ने प्रवाचकों को निर्देशित किया कि सभी लंबित प्रकरणों की तत्काल ऑनलाइन प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए तथा न्यायालयीन पंजीयों को पूरी तरह अद्यतन रखा जाए।

इसके अलावा, न्यायालयों में प्रतिदिन की सुनवाई से संबंधित वाद सूची सूचना पटल पर प्रदर्शित नहीं की जा रही थी, जिससे पक्षकारों और अधिवक्ताओं को असुविधा हो रही थी। इस व्यवस्था को तत्काल सुधारने के निर्देश दिए गए, ताकि पारदर्शिता और सुगमता बनी रहे।

सबसे गंभीर मामला तब सामने आया जब कई पटवारियों द्वारा अपने-अपने ग्रामों के राजस्व अभिलेखों में न्यायालयीन आदेशों का पालन नहीं किया जाना पाया गया। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने तहसीलदार और नायब तहसीलदार को निर्देश दिए कि संबंधित पटवारियों से तत्काल आदेशों का पालन करवाया जाए और अद्यतन अभिलेख प्रकरणों में संलग्न किए जाएं।

लापरवाही के दायरे में आए पटवारियों में इमरान खान, ममता भारती, सोनाली सिकदार, धनराज इवने, ब्रजलाल भलावी, अक्षय कास्देकर, सुरेन्द्र मस्की, ऋषभ राठौर, नितेश पवार और ज्योति हारोड़े शामिल हैं। इन सभी के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने और अनुशासनात्मक कार्रवाई के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

एसडीएम बडौनियाँ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आमजन को समय पर न्याय और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।