एंकर/- बुंदेलखंड की धर्मनगरी हटा में सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात आस्था उत्साह और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री महाराज की सनातन हिंदू एकता रथयात्रा करीब सात घंटे की देरी से हटा पहुंची। लेकिन उनके दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। देर रात दो बजे तक हजारों की संख्या में लोग महाराज के स्वागत और दर्शन के लिए डटे रहे। जैसे ही बागेश्वर सरकार का रथ दद्दा कला मंच के समीप पहुंचा। पूरा क्षेत्र जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पलक-पावड़े बिछाकर उनका भव्य स्वागत किया।

आधी रात को भी सड़कों पर उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम..
बागेश्वर सरकार के आगमन को लेकर नगर में पहले से ही उत्साह का माहौल था। निर्धारित समय से लगभग सात घंटे की देरी के कारण रात काफी हो चुकी थी और पंडाल में मौजूद कई लोग इंतजार करते-करते सो गए थे। लेकिन जैसे ही महाराज के आगमन की खबर पहुंची श्रद्धालुओं में फिर उत्साह छा गया। दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उमड़ पड़े। जय श्रीराम और धार्मिक जयकारों के बीच बागेश्वर पीठाधीश्वर का रथ सीधे देव श्री गौरीशंकर मंदिर परिसर स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंचा। यहां संत-महात्माओं जनप्रतिनिधियों और आयोजन समिति ने उनका स्वागत किया।

जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई...
मंच से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री महाराज ने सनातन हिंदू एकता रथयात्रा के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने समाज से जातिगत भेदभाव मिटाने और हिंदू समाज को एकजुट करने का आह्वान किया। महाराज ने बार-बार संदेश दिया।जात-पात की करो विदाई हम सब हिंदू भाई-भाई। उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा राजनीतिक नहीं, बल्कि रामनैतिक यात्रा है। उनका उद्देश्य समाज को जागरूक करना और लोगों को एकता के सूत्र में बांधना है। उन्होंने बुंदेलखंड में जातिवाद के नाम पर बढ़ती सामाजिक दूरियों पर चिंता जताते हुए लोगों से आपसी मतभेद भुलाकर राष्ट्र और समाज के हित में एकजुट होने की अपील की। अपने संबोधन में उन्होंने हिंदू एकता गौ रक्षा लवजिहाद और नशामुक्ति जैसे विषयों पर भी विचार रखे। साथ ही लोगों से जात-पात से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। संबोधन के बाद बागेश्वर सरकार ने मंच से दिव्य दरबार लगाया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की अर्जियां सुनीं और अपने चिर परिचित अंदाज में कुछ लोगों को मंच पर बुलाकर उनकी समस्याओं के संबंध में पर्चे निकाले और समाधान बताए। दिव्य दरबार में रजपुरा, लुहारी, मगरोन, बटियागढ़,दमोह, कोलकाता सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालु पहुंचे। देर रात होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग दरबार में मौजूद रहे। यह सिलसिला सुबह करीब चार बजे तक चला। सात घंटे की देरी के बावजूद श्रद्धालुओं का इंतजार और उत्साह देखकर बागेश्वर सरकार ने भी प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि उपकाशी हटा चंडी माता की नगरी और भगवान गौरीशंकर महादेव की नगरी में आकर उन्हें बहुत आनंद की अनुभूति हो रही है।

पांच साल बाद हटा पहुंचे बागेश्वर सरकार

महाराज ने कहा कि करीब पांच साल बाद हटा आने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि भले ही दिन की रात हो गई। लेकिन श्रद्धालुओं के उत्साह को देखकर ऐसा लग रहा है। जैसे पांच साल पहले वाला ही दृश्य फिर से सामने आ गया हो। उन्होंने श्रद्धालुओं से जातिगत भेदभाव से ऊपर उठने हिंदू समाज की एकता और राष्ट्रवाद के लिए संकल्पित रहने की अपील की। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने यात्रा के सातों संकल्पों को दोहराते हुए लोगों से उनका पालन करने का आह्वान किया।

महाराज ने हटा बागेश्वर धाम शिष्य मंडल और हटा बालाजी सरकार के महंत श्याम दास महाराज को आयोजन की व्यवस्थाओं के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने पुष्पेंद्र हजारी की भी सराहना करते हुए कहा कि भगवान गौरीशंकर की उन पर बड़ी कृपा है। चार साल पहले भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और इस बार भी व्यापक स्तर पर सुंदर व्यवस्थाएं की हैं।

संत-महात्माओं और जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी...
सनातन हिंदू एकता रथयात्रा के साथ अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास महाराज, मलूकपीठ के गंगादास महाराज, हरिद्वार के मौनी महाराज, चित्रकूट धाम के राधेश्याम महाराज सहित विभिन्न संत-महात्मा हटा पहुंचे।कार्यक्रम में हटा बालाजी सरकार के महंत श्याम दास महाराज,रामगोपाल जी सरकार के महंत हरिराम दास महाराज सहित अन्य साधु-संत मौजूद रहे। वहीं हटा विधायक उमादेवी खटीक, लालचंद खटीक, पुष्पेंद्र हजारी और अनुराग वर्धन हजारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि मंच पर उपस्थित रहे।

सुबह गौरीशंकर मंदिर में दर्शन,पटेरा के लिए रवाना हुई यात्रा...
रातभर के कार्यक्रम के बाद मंगलवार सुबह यात्रा के अगले पड़ाव के लिए तैयारियां की गईं। यात्रा में देरी के चलते 13 अक्टूबर की सुबह निर्धारित कुछ कार्यक्रम निरस्त कर दिए गए। सुबह करीब आठ बजे पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री महाराज ने देव श्री गौरीशंकर मंदिर पहुंचकर भगवान गौरीशंकर के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। इस दौरान मंदिर के पुजारी पंडित रामसुजान पाठक मौजूद रहे। दर्शन के बाद बागेश्वर सरकार रथ पर सवार होकर हटा नगर के प्रमुख मार्गों से निकले। इस दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई। लोगों ने महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। नगर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए हटा एसडीओपी कृष्णपाल सिंह ,प्रिया सिंधी के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा। इसके बाद सनातन हिंदू एकता रथयात्रा हटा से अगले पड़ाव पटेरा की ओर रवाना हो गई। कुल मिलाकर सात घंटे की देरी आधी रात का समय और सुबह तक चला कार्यक्रम भी श्रद्धालुओं की आस्था को कम नहीं कर सका। हटा में उमड़ी भीड़ और सुबह चार बजे तक चले दिव्य दरबार ने यात्रा के इस पड़ाव को यादगार बना दिया।