भारतीय लोकतंत्र में निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता, पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना प्रशासनिक व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईव्हीएम की सुरक्षा को लेकर निर्वाचन आयोग के नियम अत्यंत कड़े और स्पष्ट हैं। इसी क्रम में, मध्य प्रदेश के संवेदनशील और महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिलों में शुमार बालाघाट जिले में जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। जिले के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री कुमार सत्यम ने प्रशासनिक सतर्कता का परिचय देते हुए सोमवार, 28 सितंबर को स्थानीय कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित ईव्हीएम स्ट्रांग रूम का औचक और गहन निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य स्ट्रांग रूम की त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था का भौतिक सत्यापन करना तथा निर्वाचन आयोग द्वारा तय किए गए सुरक्षा मानकों की मैदानी स्थिति की समीक्षा करना था।

कलेक्ट्रेट परिसर स्थित स्ट्रांग रूम का जायजा

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री कुमार सत्यम निर्धारित समयानुसार कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और सीधे ईव्हीएम स्ट्रांग रूम परिसर का रुख किया। उनके साथ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का दल भी मौजूद था। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री सत्यम ने स्ट्रांग रूम के मुख्य द्वार से लेकर अंदरूनी सुरक्षा घेरे तक की प्रत्येक व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली, लाइव मॉनिटरिंग रूम की स्थिति, अग्निशामक यंत्रों की उपलब्धता, और प्रवेश-निकास द्वारों पर तैनात सुरक्षा बलों की गतिविधियों का जायजा लिया। कलेक्टर ने वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों से ड्यूटी रोस्टर और सुरक्षा लॉगबुक की भी जानकारी ली, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि नियमों के अनुसार चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण निरीक्षण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासनिक अमले के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधि भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी राजनीतिक दलों की मौजूदगी में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया पर आमजन और राजनीतिक दलों का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके। इस अवसर पर कलेक्टर श्री कुमार सत्यम के साथ उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर कलेक्टर श्री डी.पी. बर्मन तथा निर्वाचन पर्यवेक्षक श्री सुबोध श्रीवास्तव भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इनके अलावा निर्वाचन शाखा से जुड़े अन्य संबंधित अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी भी पूरी मुस्तैदी के साथ उपस्थित रहे, जिन्होंने कलेक्टर के हर निर्देश को नोट किया और आवश्यक व्यवस्थाओं से उन्हें अवगत कराया।

कलेक्टर श्री सत्यम के कड़े निर्देश और सुरक्षा मानक

निरीक्षण के उपरांत कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री कुमार सत्यम ने उपस्थित सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देशित किया कि निर्वाचन प्रक्रिया में ईव्हीएम की सुरक्षा से जुड़ा मामला अत्यंत संवेदनशील होता है। इसमें किसी भी स्तर पर कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्ट्रांग रूम की सुरक्षा, संधारण और सतत निगरानी व्यवस्था में जरा सी भी चूक के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि निर्वाचन आयोग के तयशुदा सुरक्षा प्रोटोकॉल का अक्षरशः पालन किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने कैमरों की तकनीकी स्थिति की नियमित जांच करने और सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात जवानों को पूरी सतर्कता बरतने के लिए पाबंद करने के भी निर्देश दिए।

निर्वाचन तैयारियों की समीक्षा और आगामी कार्ययोजना

बालाघाट जिले में इस प्रकार के निरीक्षण अभियानों का मुख्य उद्देश्य आगामी सभी चुनावी गतिविधियों और प्रशासनिक तैयारियों को त्रुटिरहित बनाना है। कलेक्टर श्री कुमार सत्यम ने निरीक्षण के अंत में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक संक्षिप्त चर्चा भी की, जिसमें उन्होंने निर्देश दिए कि स्ट्रांग रूम परिसर के आसपास साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अनाधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम हमेशा सक्रिय रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का मुख्य ध्येय भयमुक्त, निष्पक्ष और पूरी तरह पारदर्शी निर्वाचन माहौल तैयार करना है। इस निरीक्षण ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बालाघाट जिला प्रशासन अपनी संवैधानिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को लेकर पूरी तरह गंभीर और तत्पर है, जिससे क्षेत्रीय जनता और राजनीतिक दलों के बीच व्यवस्था के प्रति अटूट विश्वास कायम होता है।

image source: https://balaghat.mpinfo.org