मध्य प्रदेश शासन और शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न रचनात्मक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का निरंतर आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में किशोरावस्था के विद्यार्थियों में वैचारिक परिपक्वता लाने, उन्हें अपनी लोक कला और संस्कृति से जोड़े रखने तथा महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाती है।

इसी महत्वपूर्ण अनुक्रम में वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के अंतर्गत बालाघाट जिले के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट बालाघाट) में जिला स्तरीय लोक नृत्य प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती धनश्री जैन के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रतियोगिता ने न केवल विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान किया, बल्कि उन्हें जनसंख्या शिक्षा जैसे गंभीर और प्रासंगिक विषयों से भी अवगत कराया।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की सहभागिता और सहभागिता का दायरा

लोक नृत्य हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का एक अभिन्न हिस्सा है। जब पारंपरिक कला को शिक्षा के साथ जोड़ा जाता है, तो उसका प्रभाव विद्यार्थियों के मानसिक और बौद्धिक विकास पर सकारात्मक रूप से पड़ता है। डाइट बालाघाट में आयोजित इस जिला स्तरीय प्रतियोगिता में शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और माध्यमिक शालाओं के विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

इस प्रतियोगिता में विशेष रूप से कक्षा 8वीं और 9वीं में अध्ययनरत किशोरवय विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। इस आयोजन में जिले के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों की टीमों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं, जिनमें निम्नलिखित प्रमुख संस्थान शामिल रहे:

  • सांदीपनी विद्यालय बालाघाट की टीम

  • शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बालाघाट की टीम

  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका छात्रावास बैहर की टीम

  • बालक छात्रावास बालाघाट की टीम

इन सभी टीमों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा और लोक नृत्यों के माध्यम से दर्शकों और निर्णायकों का मन मोह लिया।

डाइट की बालिका शिक्षा प्रभारी के विचार और प्रतियोगिता के मुख्य उद्देश्य

डाइट बालाघाट की बालिका शिक्षा प्रभारी श्रीमती स्मिता तितिरमारे ने प्रतियोगिता के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस प्रकार के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य किशोरवय विद्यार्थियों के भीतर जनसंख्या शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की गहरी समझ विकसित करना है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में किशोरावस्था के दौरान आने वाले बदलावों और चुनौतियों को समझना और उनके प्रति जागरूक होना आवश्यक है।

श्रीमती तितिरमारे ने आगे बताया कि इस प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों में ऐसे व्यावहारिक कौशल विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे वे अपने भावी जीवन की विभिन्न चुनौतियों का सफलतापूर्वक और आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें। इसके अतिरिक्त, इस मंच के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी स्थानीय लोक कला, संस्कृति और परंपराओं को गहराई से पहचानने तथा उन्हें आधुनिक संदर्भों से जोड़कर समझने का अनमोल अवसर प्राप्त हुआ है।

प्रतिष्ठित निर्णायकों की उपस्थिति और निष्पक्ष मूल्यांकन

किसी भी प्रतियोगिता की सफलता और उसकी गरिमा इस बात पर निर्भर करती है कि उसका मूल्यांकन कितनी पारदर्शिता और विशेषज्ञता के साथ किया जा रहा है। बालाघाट में आयोजित इस जिला स्तरीय लोक नृत्य प्रतियोगिता में कला, संगीत और शिक्षा जगत के जाने-माने विशेषज्ञों को निर्णायक मंडल के रूप में आमंत्रित किया गया था।

निर्णायक के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रतिष्ठित व्यक्तित्व निम्नलिखित रहे:

  • श्री एन.पी. मलगाम (विशेषज्ञ निर्णायक)

  • श्री मनोज जैन (प्राचार्य, एम.एल.बी. बालाघाट)

  • श्रीमती ज्योति परिहार (नूतन कला निकेतन से)

इन सभी अनुभवी निर्णायकों ने प्रत्येक टीम की प्रस्तुति, ताल, लय, वेशभूषा और लोक संस्कृति की प्रस्तुति के स्तर को बारीकी से परखा और निष्पक्ष निर्णय प्रक्रिया में अपना योगदान दिया।

आयोजन को सफल बनाने में डाइट स्टाफ का योगदान

इस जिला स्तरीय आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने में डाइट बालाघाट के संपूर्ण स्टाफ ने अपनी जिम्मेदारियों का उत्कृष्ट तरीके से निर्वहन किया। प्रशासनिक व्यवस्थाओं से लेकर मंच संचालन और आतिथ्य तक, सभी ने अपनी भूमिका पूरी निष्ठा के साथ निभाई।

आयोजन के दौरान डाइट परिवार के निम्नलिखित सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे और व्यवस्थाओं की देखरेख की:

  • श्री एस.एन. पंडित

  • श्री के.डी. तितिरमारे

  • श्रीमती सरला भारद्वाज

  • सहनाज खान

  • सावित्री बिसेन

  • सजल मस्की (प्रशिक्षण सहायक)

  • सुधा लाडे

  • विशाखा चौधरी

  • शशिकला शेंडे

  • पुष्पा ओसले

इन सभी के सहयोग से यह कार्यक्रम अनुशासन और भव्यता के साथ संपन्न हुआ।

आगामी चरण: राज्य स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व

जिला स्तर पर कड़ी प्रतिस्पर्धा और रोमांचक मुकाबलों के बाद अब इस प्रतियोगिता के परिणामों की बारी है। जिला स्तरीय लोक नृत्य प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली विजेता टीम का चयन कर लिया गया है। यह विजेता टीम अब आगामी चरण में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेगी और प्रदेश स्तर पर बालाघाट जिले का गौरवशाली प्रतिनिधित्व करेगी। जिले के शिक्षा विभाग और डाइट परिवार ने विजेता टीम को राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दी हैं।

निष्कर्ष और भविष्य की रूपरेखा

बालाघाट जिले में आयोजित यह जिला स्तरीय लोक नृत्य प्रतियोगिता इस बात का प्रमाण है कि किताबी शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक और सहशैक्षणिक गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कितनी आवश्यक हैं। राष्ट्रीय जनसंख्या शिक्षा परियोजना के तहत इस प्रकार के आयोजन युवाओं को एक जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक ठोस कदम हैं। इस सफल आयोजन से न केवल ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों की छिपी हुई प्रतिभा बाहर आई है, बल्कि हमारी पारंपरिक लोक कला को भी एक नया मंच और संबल मिला है।

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