मध्य प्रदेश के वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए वन विभाग लगातार मुस्तैदी से कार्य कर रहा है। इसी क्रम में बालाघाट जिले के भैसानघाट परिक्षेत्र में वन विभाग की गश्ती टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वन क्षेत्र में वन्यजीवों के अवैध शिकार के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए विभाग द्वारा लगातार कॉम्बिंग गश्त और निगरानी की जा रही है। इसी सतर्कता का परिणाम है कि भैसानघाट परिक्षेत्र में वन विभाग की गश्ती टीम ने एक गंभीर मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई से वन्यजीव तस्करों और शिकारियों में हड़कंप मच गया है।

गश्त के दौरान संदिग्धों की घेराबंदी और गिरफ्तारी

प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, गत 04 अक्टूबर को वन विभाग का नियमित गश्ती दल भैसानघाट परिक्षेत्र के अंतर्गत अपने निर्धारित मार्ग पर गश्त कर रहा था। इसी दौरान गश्ती दल को जंगल के भीतर कुछ संदिग्ध गतिविधियों की आहट मिली। टीम ने बिना समय गंवाए तत्परता दिखाते हुए क्षेत्र की घेराबंदी की और दो संदिग्ध व्यक्तियों को धर दबोचा। पकड़े गए व्यक्तियों से जब कड़ाई से पूछताछ की गई और उनकी तलाशी ली गई, तो उनके पास से एक धारदार हथियार यानी फरसा बरामद हुआ, जिसे वन कर्मियों ने तत्काल अपने कब्जे में लेकर जब्त कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में ही आरोपियों के मंसूबे साफ हो गए और अवैध शिकार का यह सनसनीखेज मामला उजागर हुआ।

मादा सांभर का शव और हथियार बरामदगी

संदिग्धों से पूछताछ के दौरान मिली महत्वपूर्ण जानकारी और उनकी निशानदेही के आधार पर वन विभाग की टीम ने संबंधित वन क्षेत्र के भीतर सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान जंगल के एक हिस्से से अवैध रूप से शिकार की गई मादा सांभर का शव बरामद किया गया। वन अमले ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृत मादा सांभर के शव को विधिवत कब्जे में लेकर जब्त कर लिया। आरोपियों के पास से बरामद धारदार फरसे और मृत वन्यजीव के शव को मुख्य साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान वन विभाग के नियमों और प्रक्रियाओं का पूरी तरह से पालन करते हुए मौके पर ही जब्ती पंचनामा और अन्य आवश्यक कानूनी दस्तावेज तैयार किए गए, जिसके बाद एक प्राथमिक वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया।

चिकित्सकीय परीक्षण एवं वन्यजीव विशेषज्ञों की भूमिका

वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत पकड़े गए वन्यजीव के शव की वैज्ञानिक जांच और पोस्टमार्टम बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसी प्रक्रिया के तहत, मृत सांभर के शव का विस्तृत चिकित्सीय परीक्षण कान्हा टाइगर रिजर्व के अनुभवी वन्यप्राणी चिकित्सा अधिकारी द्वारा किया गया। परीक्षण के दौरान भविष्य की विधिक और वैज्ञानिक जांच के लिए शव के विभिन्न अंगों तथा उसकी चमड़ी के महत्वपूर्ण नमूनों को सुरक्षित रूप से संग्रहित कर लिया गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें। इस संपूर्ण और जटिल कार्रवाई को अंजाम देने में सहायक संचालक हॉलोन, परिक्षेत्र अधिकारी भैसानघाट सहित वन विभाग के अन्य समर्पित अधिकारी और कर्मचारी पूरी तन्मयता के साथ उपस्थित रहे।

न्यायिक हिरासत और आगामी वैधानिक कार्रवाई

वन विभाग द्वारा समस्त प्राथमिक और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के पश्चात, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय बैहर के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस अवैध शिकार के नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों का पता लगाने के लिए गहन छानबीन की जा रही है। प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी है और विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि वन्यजीवों की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले ऐसे अपराधियों को सख्त से सख्त सजा मिले।

image source : https://balaghat.mpinfo.org