राष्ट्रीय खेल दिवस एवं हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय जटाशंकर त्रिवेदी स्नातकोत्तर महाविद्यालय बालाघाट में “खेलो इंडिया संवाद – खेल की बात पीएम मोदी के साथ” शीर्षक से एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में जिले भर के विद्यार्थियों, युवा खिलाड़ियों, प्रमुख जनप्रतिनिधियों और उत्साही युवाओं ने अत्यंत उत्साह के साथ सहभागिता की। कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संस्कृति और परंपरा के पूर्ण अनुरूप मां सरस्वती तथा युवा प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित करके की गई।
गरिमामयी उपस्थिति और स्वागत समारोह
यह पूरा आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार मराठे के कुशल संरक्षण एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इसके साथ ही, राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. डुलेश्वरी टेंभरे एवं प्रो. सुखचंद्र ऐड़े के नेतृत्व में इस कार्यक्रम को मूर्त रूप दिया गया। इस अवसर पर बालाघाट-सिवनी लोकसभा क्षेत्र की लोकप्रिय सांसद श्रीमती भारती पारधी, मध्यप्रदेश शासन के अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य एवं पूर्व जनभागीदारी समिति अध्यक्ष मौसम बिसेन, तथा नगरपालिका बालाघाट के अध्यक्ष भारती सुरजीत सिंह ठाकुर सहित कई अन्य विशिष्ट जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने युवाओं का मनोबल बढ़ाया।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन
कार्यक्रम के दौरान देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से सीधे युवाओं के साथ संवाद किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में प्रधानमंत्री ने युवाओं को खेल और फिटनेस को अपनी दैनिक जीवनशैली का अहम हिस्सा बनाने का स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि खेल केवल कुछ पदक जीतने का सीमित माध्यम नहीं है, बल्कि यह एक बेहतर जीवन, अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वस्थ राष्ट्र निर्माण का सबसे मजबूत आधार स्तंभ है। उन्होंने “जो खेलेगा, वो खिलेगा” का बहुमूल्य मंत्र देते हुए देश के सभी युवाओं को खेलों से जुड़ने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
टैलेंट हंट अभियान और राष्ट्र निर्माण का संकल्प
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में 5 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की छिपी हुई प्रतिभा को सही समय पर पहचानने के लिए एक व्यापक टैलेंट हंट अभियान शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों की प्रतिभाओं को भी उचित प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के बेहतरीन अवसर मिल सकेंगे। इसके साथ ही, “नशा मुक्त युवा – विकसित भारत” के महान संकल्प को आगे बढ़ाने में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी सकारात्मक ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण के कार्यों में लगाएं। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर उन्होंने महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के जीवन को याद करते हुए युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने की सीख दी।
विद्यार्थियों के विचार और नशा मुक्ति की शपथ
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी खेलों के माध्यम से उज्ज्वल करियर निर्माण और युवा विकास पर अपने विचार सबके सामने रखे। विद्यार्थियों में सिद्धार्थ गेडाम, मोनाक्षी बिसेन एवं राखी शरणागत ने अपने ओजस्वी भाषणों से युवाओं को खेलों से जुड़ने और देश के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में सांसद श्रीमती भारती पारधी ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों और विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई तथा एक स्वस्थ, सशक्त एवं विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला।
गरिमामयी समापन और सहभागिता
इस गरिमामयी आयोजन में महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों, एनसीसी कैडेटों, ‘माय भारत’ और खेल विभाग के विद्यार्थियों के अलावा महाविद्यालय का समस्त प्राध्यापक वर्ग एवं कर्मचारीगण पूरी तन्मयता के साथ उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का गान किया गया, जिसके साथ ही इस प्रेरणादायक और सफल आयोजन का भव्य और गरिमापूर्ण समापन हुआ।
image source : https://balaghat.mpinfo.org
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