बुरहानपुर जिले में आगामी त्योहारों के इस पावन और उल्लासपूर्ण माहौल के बीच आम जनता के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए जिला प्रशासन एवं खाद्य सुरक्षा विभाग ने अत्यंत कठोर और व्यापक कदम उठाए हैं। कलेक्टर श्री हर्ष सिंह के सख्त एवं स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में खाद्य सुरक्षा विभाग की विशेष टीमों ने जिले के शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण और मैदानी अंचलों में भी मिलावटखोरी के खिलाफ एक सघन, व्यापक और बिना किसी ढिलाई के जांच अभियान का शुभारंभ किया है। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पर्वतीय और त्योहारी सीजन के दौरान नागरिकों को बाजार में मिलने वाले समस्त खाद्य पदार्थ, विशेषकर दुग्ध उत्पाद, मिठाइयां और अन्य खाद्य वस्तुएं पूरी तरह से शुद्ध, उच्च गुणवत्तायुक्त और मानव उपभोग के लिए पूर्णतः सुरक्षित हों। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और खाद्य संरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीमों द्वारा लगातार विभिन्न प्रतिष्ठानों, होटलों, रेस्टोरेंटों और मिष्ठान भंडारों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है, जिससे मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है।
ग्रामीण अंचलों में खाद्य सुरक्षा विभाग की ताबड़तोड़ छापेमारी और सघन निरीक्षण
बुधवार, 26 अगस्त 2026 को बुरहानपुर जिले के विभिन्न ग्रामीण और कस्बायी क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सघन निरीक्षण अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान खाद्य पदार्थों की शुद्धता की परख करने के लिए कड़े कदम उठाए गए। विभाग की टीमों ने ग्रामीण इलाकों में स्थित प्रमुख होटलों, डेयरियों और मिष्ठान प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर वहां निर्मित एवं बेचे जा रहे खाद्य उत्पादों की बारीकी से जांच की। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर संदेह होने पर अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों, विशेषकर दूध, मावा, पनीर, घी और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों के विधिक नमूने (सैंपल्स) संग्रहित किए। इन सभी संग्रहित नमूनों को मुहरबंद कर मानक परीक्षण एवं रासायनिक विश्लेषण के लिए त्वरित गति से राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जा रहा है, ताकि यह वैज्ञानिक रूप से स्पष्ट हो सके कि खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार के हानिकारक केमिकल, सिंथेटिक पदार्थों या अधोमानक सामग्रियों का उपयोग तो नहीं किया गया है।
विभिन्न प्रतिष्ठानों पर की गई कार्रवाई का विस्तृत और क्रमानुसार विवरण
बुधवार को चलाए गए इस व्यापक और सघन जांच अभियान के दौरान बुरहानपुर जिले के विभिन्न प्रमुख व्यापारिक एवं ग्रामीण केंद्रों पर स्थित प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जिसका विस्तृत विवरण निम्नलिखित बिंदुओं के अंतर्गत प्रस्तुत है:
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1. संगम होटल, डोईफोडिया पर की गई कार्रवाई:
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बुधवार को बुरहानपुर जिले के अंतर्गत आने वाले डोईफोडिया क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध संगम होटल का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान होटल परिसर में भारी मात्रा में रखे गए खाद्य पदार्थों की गहनता से जांच की गई। जांच के क्रम में टीम ने संगम होटल से मावा, पनीर और शुद्ध घी के आधिकारिक एवं विधिक नमूने संकलित किए, जिन्हें परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, इस प्रतिष्ठान पर जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके चलते लगभग 32 हजार रुपये की अनुमानित कीमत का कुल 100 किलोग्राम संदेहास्पद एवं अमानक मावा मौके पर ही जब्त कर लिया गया। इतनी बड़ी मात्रा में मावा जप्ती की कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य मिलावटखोरों में गहरा भय व्याप्त हो गया है।
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2. भगवती बीकानेर स्वीट्स, खकनार में निरीक्षण:
इसी कड़ी में आगे बढ़ते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने खकनार क्षेत्र में स्थित प्रतिष्ठित मिष्ठान प्रतिष्ठान 'भगवती बीकानेर स्वीट्स' का औचक मुआयना किया। इस दुकान पर त्योहारी सीजन के मद्देनजर भारी मात्रा में मिठाइयों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था। टीम ने यहां की निर्माण इकाई और विक्रय काउंटर की जांच की तथा बिकने वाले मुख्य सामग्री यानी मावा का आधिकारिक नमूना विधिवत रूप से लिया, ताकि इसकी शुद्धता की वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित की जा सके।
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3. कैलाश होटल, खकनार की जांच और नमूना संग्रहण:
खकनार क्षेत्र में ही स्थित 'कैलाश होटल' पर भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा औचक छापा मारा गया। इस होटल एवं मिष्ठान प्रतिष्ठान पर विशेष रूप से तैयार किए जाने वाले 'मावा पेड़ा' की गुणवत्ता पर संदेह जताते हुए अधिकारियों ने मावा पेड़ा का विधिक नमूना लिया। त्योहारी दिनों में पेड़े की मांग अत्यधिक बढ़ जाती है, ऐसे में इस प्रकार की जांच से उपभोक्ताओं को मिलावटी खाद्य पदार्थों से बचाने में बहुत बड़ी मदद मिलती है।
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4. सदगुरु होटल पर खाद्य संरक्षा अधिकारियों की कार्रवाई:
जांच अभियान को आगे बढ़ाते हुए विभाग की टीम ने 'सदगुरु होटल' का भी सघन निरीक्षण किया। इस होटल में खाद्य सामग्री के भंडारण और रख-रखाव की स्थिति का जायजा लिया गया। मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) का पालन सुनिश्चित करने के लिए टीम ने यहां से भी मावा का एक महत्वपूर्ण नमूना प्राप्त किया, जिसे सील बंद कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई।
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5. श्री महाकाल होटल एवं रेस्टोरेंट, देड़तलाई की जांच:
ग्रामीण क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले देड़तलाई स्थित 'श्री महाकाल होटल एवं रेस्टोरेंट' पर भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम का शिकंजा कसा। इस प्रतिष्ठान पर विशेष रूप से तैयार किए जाने वाले 'मावा रोल' और विभिन्न प्रकार के 'नमकीन' उत्पादों के नमूनों को विधिवत रूप से एकत्र किया गया। देड़तलाई जैसे ग्रामीण व्यापारिक केंद्र पर इस प्रकार की सघन कार्रवाई से यह संदेश स्पष्ट हो गया है कि विभाग ग्रामीण उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के प्रति भी पूरी तरह सतर्क और संवेदनशील है।
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6. श्री खेतेश्वर बीकानेर स्वीट्स पर की गई कार्रवाई:
इस व्यापक जांच अभियान के अंतिम चरण में टीम ने 'श्री खेतेश्वर बीकानेर स्वीट्स' प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। यहां त्योहारों के मौसम में बड़े पैमाने पर मिठाइयों की बिक्री की जाती है। उपभोक्ताओं को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता के तहत विभाग ने इस प्रतिष्ठान से 'मिल्क केक' और 'मावा' के उच्च गुणवत्ता आधारित विधिक नमूने प्राप्त किए। इन सभी नमूनों को विधिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए प्रयोगशाला परीक्षण हेतु भेजा जा रहा है।
कानूनी प्रावधान और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की चेतावनी
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रयोगशाला से प्राप्त होने वाली जांच रिपोर्ट में संग्रहित किए गए नमूने अधोमानक (Substandard), असुरक्षित (Unsafe) या मिलावटी पाए जाते हैं, तो संबंधित समस्त प्रतिष्ठान संचालकों, निर्माताओं और विक्रेताओं के विरुद्ध बिना किसी विलंब के खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (Food Safety and Standards Act, 2006) तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक नियम, 2011 (Food Safety and Standards Rules, 2011) के सुसंगत एवं सख्त प्रावधानों के अंतर्गत माननीय न्यायालय के माध्यम से नियमानुसार कठोरतम विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। प्रशासन की इस दोूक और स्पष्ट नीति से खाद्य व्यापार से जुड़े व्यवसायियों में यह संदेश गया है कि जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
जनता से अपील और भविष्य की कार्ययोजना
बुरहानपुर जिला प्रशासन एवं खाद्य सुरक्षा विभाग ने समस्त नागरिकों, उपभोक्ताओं और आम जनता से भी यह अपील की है कि त्योहारों के इस पावन अवसर पर वे किसी भी प्रकार के संदिग्ध, अत्यधिक सस्ते या मिलावट की आशंका वाले खाद्य पदार्थों की खरीद से बचें। यदि किसी भी उपभोक्ता को स्थानीय स्तर पर किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान पर मिलावट या अमानक खाद्य पदार्थों के विक्रय की पुख्ता जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत इसकी सूचना जिला प्रशासन या खाद्य सुरक्षा विभाग के टोल-free नंबरों एवं आधिकारिक माध्यमों पर दें, ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें। विभाग द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि बुरहानपुर जिले में यह सघन जांच अभियान केवल पर्वों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि निरंतर रूप से आगे भी जारी रहेगा ताकि जिले के प्रत्येक नागरिक को शुद्ध, पौष्टिक और सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।
image source : https://burhanpur.mpinfo.org
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