बालाघाट, मध्य प्रदेश: बालाघाट, सिवनी और मंडला जिले के शासकीय सेवकों के लिए सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) कार्यालय, मध्य प्रदेश, ग्वालियर के मार्गदर्शन में जिला स्तर पर 22 से 25 जून 2026 तक चार दिवसीय विशेष जीपीएफ शिविर का आयोजन किया गया है। यह शिविर बालाघाट स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय के प्रथम तल स्थित कक्ष क्रमांक 205 में संचालित हो रहा है।

शिविर का उद्देश्य और पहले दिन की स्थिति

इस विशेष शिविर का मुख्य उद्देश्य शासकीय कर्मचारियों के जीपीएफ खातों में दर्ज 'गुमशुदा कटौतियों' (Missing Credits) और 'अप्रविष्ट मदों' (Unposted Items) का त्वरित निराकरण करना है। शिविर के पहले दिन ही विभिन्न विभागों के 15 शासकीय सेवकों ने अपने आवेदन प्रस्तुत किए, जिनकी समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

शिविर का संचालन और तकनीकी दल

शिविर के सुचारू संचालन हेतु सहायक कोषालय अधिकारी श्री यशवंत मसकरे को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। समस्याओं के निराकरण के लिए महालेखाकार कार्यालय, ग्वालियर से विशेषज्ञों की एक टीम उपस्थित है, जिसमें शामिल हैं:

  • श्री अवधेश पाण्डेय: वरिष्ठ लेखा अधिकारी

  • श्री बाबूलाल मीणा: सहायक लेखा अधिकारी

  • श्री सुमित कुमार एवं श्री मुकेश सैनी: सहायक लेखा अधिकारी

कर्मचारियों के लिए आवश्यक निर्देश: क्या साथ लाएं?

शिविर में आने वाले शासकीय सेवकों को अपने दावों के निराकरण हेतु निम्नलिखित दस्तावेज अनिवार्य रूप से साथ लाने के निर्देश दिए गए हैं:

  1. सामान्य भविष्य निधि कटौती पत्रक (जीपीएफ डिडक्शन शेड्यूल)।

  2. संबंधित महीनों के वेतन देयक (सैलरी स्लिप्स)।

  3. चालान की प्रमाणित प्रति (यदि लागू हो)।

  4. कैशबुक एवं बिल रजिस्टर की प्रमाणित प्रतियां।

महालेखाकार कार्यालय द्वारा गुमशुदा कटौतियों, निष्क्रिय खातों एवं अप्रविष्ट मदों की एक चेकलिस्ट भी उपलब्ध कराई गई है। सभी संबंधित डीडीओ (DDO) और उनके कार्यालय के जीपीएफ रिकॉर्ड देखने वाले लिपिकों को निर्देशित किया गया है कि वे आवश्यक मूल अभिलेखों के साथ शिविर में उपस्थित हों।

अंतिम भुगतान और मार्गदर्शन

शिविर का दायरा केवल गुमशुदा कटौतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां जीपीएफ के 'अंतिम भुगतान' (Final Payment) प्रकरणों में बरती जाने वाली सावधानियों और आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में भी कर्मचारियों को मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।

जिला कोषालय बालाघाट, सिवनी एवं मंडला के अंतर्गत आने वाले सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (डीडीओ) से आग्रह किया गया है कि वे इस शिविर की जानकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों तक व्यापक रूप से पहुंचाएं। जिन कर्मचारियों के खातों में कटौतियां मिसिंग हैं, वे संबंधित लिपिक के साथ शिविर में पहुंचकर अपनी शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित करें।

Image Source: https://balaghat.mpinfo.org