कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में 'सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार' एवं 'सेवा मेरा योगदान' की तैयारियों एवं प्रगति की उच्चस्तरीय वर्चुअल समीक्षा की। बैठक में उन्होंने नोडल अधिकारियों, सहायक नोडल अधिकारियों तथा संबंधित विभागीय प्रमुखों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ इस महत्वपूर्ण अभियान का सुचारू और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने वर्चुअल बैठक के दौरान अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें तत्काल शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
प्रशासनिक स्तर पर जनहित योजनाओं को सीधे धरातल पर उतारने और अंतिम छोर के व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यह समीक्षा बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन की सहूलियत का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि शिविरों में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जिला प्रशासन की व्यापक तैयारियां और ग्राम स्तर पर प्रचार-प्रसार
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने आगामी 3 अक्टूबर को विकासखंड स्तर पर तथा 4 अक्टूबर को नगरीय क्षेत्रों में आयोजित होने वाले सेवा सेतु शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि गांवों में मुनादी कराई जाए ताकि अधिक से अधिक नागरिकों को इन शिविरों के आयोजन, शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, सेवाओं और मिलने वाली सुविधाओं की समय पर सटीक जानकारी मिल सके।
इस दिशा में सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे ग्राम पंचायतों के माध्यम से जन-जन तक सूचना पहुंचाएं। इसके अलावा, सेवा सेतु अभियान के तहत चिन्हित योजनाओं के संभावित हितग्राहियों की सूची पहले से ही तैयार कर ली जाए। यह निर्देश सभी एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ और मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को दिए गए हैं ताकि शिविर स्थल पर पात्र हितग्राहियों का सत्यापन कर उन्हें तुरंत योजनाओं का लाभ मौके पर ही उपलब्ध कराया जा सके।
स्वास्थ्य परीक्षण, आयुष्मान कार्ड और कृषि योजनाओं का लाभ
कलेक्टर ने शिविर स्थलों पर स्वास्थ्य परीक्षण शिविर अनिवार्य रूप से आयोजित किए जाने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके तहत आम नागरिकों के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की आवश्यक स्वास्थ्य जांच भी पूरी तरह नि:शुल्क कराई जाएगी। यह जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दी गई है। इसके साथ ही, शिविर स्थल पर ही नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाने की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
राजस्व और कृषि से जुड़े मामलों के त्वरित निराकरण पर जोर देते हुए कलेक्टर ने नामांतरण, बंटवारा, और आधार से जुड़े अन्य आवेदनों का तत्परता से निपटारा करने को कहा ताकि नागरिकों को तुरंत राहत मिल सके। कृषि विभाग के अधिकारियों को किसान क्रेडिट कार्ड के वितरण सहित सभी विभागीय योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाने तथा उन्हें आधुनिक नैनो उर्वरक के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों की खाद्यान्न पात्रता पर्ची वितरण के लिए सूचियां तैयार करने को कहा गया है। वहीं, सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि शिविरों के माध्यम से पात्र दिव्यांगों एवं जरूरतमंद हितग्राहियों को आवश्यक सहायक उपकरण तुरंत वितरित किए जाएं।
नेत्र जांच, पौधारोपण और सम्मान कार्यक्रमों की समीक्षा
बैठक के दौरान कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने नेत्र जांच शिविरों के आयोजन, पौधारोपण महाअभियान, सैनिकों एवं उनके अभिभावकों के सम्मान तथा विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री के वितरण से जुड़े कार्यक्रमों की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अपर कलेक्टर को विशेष रूप से निर्देशित किया कि सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान के लिए गरिमामयी सूची समय पर तैयार कराई जाए।
इसके अतिरिक्त, आगामी 9 अक्टूबर को आयोजित होने वाले 'मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर' की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। पौधारोपण कार्यक्रम के संबंध में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि केवल पौधे लगाने की औपचारिकता न हो, बल्कि ऐसे स्थानों का चयन किया जाए जहां पौधों के संरक्षण के लिए जल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि उचित स्थल के चयन से पौधों का संरक्षण और संवर्धन बेहतर ढंग से होगा, जिससे पौधारोपण का वास्तविक पर्यावरणीय उद्देश्य सार्थक साबित हो पाएगा। इस पूरी प्रक्रिया से जिले के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
image source : https://betul.mpinfo.org
Continue With Google