जिला मुख्यालय बैतूल स्थित कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को नियमित जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई की अध्यक्षता जिला कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने की। प्रातः 11 बजे से शुरू हुए इस साप्ताहिक कार्यक्रम में जिले के दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी वार्डों से पहुंचे सैकड़ों नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याएं प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष रखीं। जनसुनवाई के दौरान मुख्य रूप से राजस्व विभाग, भूमि विवाद, पारिवारिक भरण-पोषण, वृद्धावस्था पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, विद्युत वितरण, पेयजल आपूर्ति और अन्य शासकीय योजनाओं से जुड़ी शिकायतें प्राप्त हुईं। कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने एक-एक कर सभी नागरिकों की पीड़ा को पूरी तन्मयता के साथ सुना और कई मामलों में मौके पर ही संबंधित विभाग के अधिकारियों से फोन पर चर्चा कर त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
प्रशासनिक संवेदनशीलता और प्राथमिकता
कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने जनसुनवाई के दौरान उपस्थित सभी जिला स्तरीय अधिकारियों, तहसीलदारों और विभागीय प्रमुखों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त होने वाला प्रत्येक आवेदन प्रशासनिक और मानवीय दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में निर्देशित किया कि आवेदनों पर किसी भी प्रकार की हीला-हवाली या पत्राचार में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नागरिकों की समस्याओं का समय-सीमा (टाइम-लििमट) के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण करना जिला प्रशासन की सर्वोपरि प्राथमिकता है। इस दिशा में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। अपर कलेक्टर श्रीमती वंदना जाट ने भी जनसुनवाई में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए बड़ी संख्या में आए नागरिकों की समस्याओं को सुना और उनके पंजीयन व निराकरण की प्रक्रिया की मॉनिटरिंग की। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
आमला तहसील के मामलों पर विशेष फोकस
जनसुनवाई के दौरान आमला तहसील से जुड़े कई गंभीर मामले प्रकाश में आए, जिन पर कलेक्टर ने तुरंत संज्ञान लिया। आमला तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम जमदेहीकला के निवासी किशन यादव ने एक लिखित शिकायत दर्ज कराई कि उनके अपने पुत्र द्वारा उनकी निजी भूमि पर जबरन कब्जा किया जा रहा है और उन्हें परेशान किया जा रहा है। इस पारिवारिक एवं भूमि विवाद के मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने आमला के अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को निर्देशित किया कि वे शिकायतकर्ता और उनके पुत्र दोनों पक्षों को व्यक्तिगत रूप से समक्ष में बुलाएं। दोनों पक्षों की काउंसलिंग कर और उनके दस्तावेजों की विधिवत जांच करके निष्पक्ष रूप से समस्या का स्थायी निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
अवैध कब्जा हटाने और भूमि विवाद के मामलों में कड़े निर्देश
जनसुनवाई में भूमि विवाद और अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायतों का अंबार लगा रहा, जिस पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए:
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ग्राम नजरपुर का मामला: आमला तहसील के ग्राम नजरपुर निवासी विजय सूर्यवंशी ने जनसुनवाई में आवेदन प्रस्तुत कर शिकायत की कि अनावेदकगणों द्वारा उनकी निजी भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया गया है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक और मानसिक क्षति उठानी पड़ रही है। कलेक्टर ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए आमला तहसीलदार को तुरंत मैदानी जांच करने और नियमानुसार आवेदक को उसकी निजी भूमि का कब्जा वापस दिलाने के सख्त निर्देश दिए।
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ग्राम अटारी का मामला: ग्राम अटारी निवासी पंजाबराव ने अपनी कृषि भूमि पर कुछ लोगों द्वारा जबरन कब्जा करने और माननीय न्यायालय के स्पष्ट आदेशों का भी पालन नहीं किए जाने की गंभीर शिकायत दर्ज कराई। इस पर कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने चिचोली तहसीलदार को तत्काल प्रभाव से मामले की जांच करने और न्यायालय के आदेशों का अक्षरशः पालन कराते हुए आवेदक को न्याय दिलाने के निर्देश दिए।
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बोरगांव का नामांतरण प्रकरण: बोरगांव निवासी ईलम सिंह ने अपने भूमि नामांतरण को अवैध रूप से निरस्त किए जाने के संबंध में न्याय की गुहार लगाई। प्राप्त आवेदन की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को निर्देशित किया कि वे पूरे राजस्व प्रकरण की फाइल तलब करें और नामांतरण निरस्त करने के कारणों की जांच कर त्वरित निराकरण करें।
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हमलापुर क्षेत्र में मार्ग अवरुद्ध करने की शिकायत: हमलापुर क्षेत्र के रहवासियों की ओर से सार्वजनिक रोड को जबरन बंद किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई। इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए कलेक्टर ने तहसीलदार बैतूल को निर्देशित किया कि वे मौके का निरीक्षण करें और रोड को बंद करने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई कर शीघ्र मार्ग को आमजन के आवागमन के लिए खुलवाएं।
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बैतूल बाजार का मार्ग विवाद: बैतूल बाजार निवासी सरस्वती ने प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई कि उनके मोहल्ले के प्रचलित और पुराने रास्ते को कुछ दबंगों द्वारा जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर की मदद से जानबूझकर खोदकर नष्ट कर दिया गया है, जिससे पूरा रास्ता अवरुद्ध हो गया है और लोगों का निकलना दूबर हो गया है। इस गंभीर शिकायत पर तुरंत एक्शन लेते हुए कलेक्टर ने बैतूल बाजार तहसीलदार को जांच के आदेश दिए और तत्काल प्रभाव से रास्ता बहाल करने के निर्देश दिए।
निष्कर्ष और आगामी कार्ययोजना
बैतूल जिले में आयोजित इस जनसुनवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जिला प्रशासन आम जनता की समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील और सक्रिय है। कलेक्टर डॉ. सोनवणे की इस त्वरित कार्यशैली से आम नागरिकों में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जनसुनवाई में आने वाला कोई भी नागरिक निराश न लौटे और हर पात्र व्यक्ति को समय पर न्याय और योजनाओं का लाभ मिल सके।
image source: https://betul.mpinfo.org
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