गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को मध्य प्रदेश के बैतूल जिले सहित पूरे प्रदेश के पोस्ट मैट्रिक पिछड़ा वर्ग छात्रावासों में विद्यार्थियों के लिए एक नई और बेहतर व्यवस्था का सूत्रपात हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के सभी पोस्ट मैट्रिक पिछड़ा वर्ग छात्रावासों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, पौष्टिक एवं व्यवस्थित भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस विशेष मेस व्यवस्था का वर्चुअली शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक कदम से छात्रावासों में रहने वाले हजारों विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उनके दैनिक जीवन और पठन-पाठन का स्तर और अधिक सुधरेगा।

 

कार्यक्रम की गरिमामयी उपस्थिति

इस राज्यस्तरीय वर्चुअल कार्यक्रम में राजधानी भोपाल से उच्च स्तर पर सहभागिता दर्ज की गई। इस अवसर पर मध्य प्रदेश शासन की पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर विशेष रूप से उपस्थित रहीं। साथ ही, विभागीय आयुक्त डॉ. सतेंद्र सिंह और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

 

तकनीकी माध्यमों का उपयोग करते हुए इस वर्चुअल कार्यक्रम से प्रदेश के सभी 55 जिलों के सहायक संचालक और विभिन्न छात्रावासों के छात्र-छात्राएं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े रहे। इस डिजिटल सहभागिता ने पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों और अधिकारियों को एक ही मंच पर जोड़ दिया, जिससे यह आयोजन अत्यंत व्यापक और प्रभावी बन गया।

 

विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केवल औपचारिकता पूरी नहीं की, बल्कि सीधे संवाद का मार्ग अपनाया। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उज्जैन, गुना, सतना सहित विभिन्न जिलों के छात्रावासी विद्यार्थियों से सीधे बातचीत की।

 

छात्रावासों में मेस व्यवस्था प्रारंभ होने पर विद्यार्थियों के चेहरों पर एक अलग ही प्रसन्नता और उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने खुलकर अपनी खुशी जाहिर की और मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के इन सकारात्मक प्रयासों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। इस संवाद ने यह सिद्ध कर दिया कि सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम जमीनी स्तर पर विद्यार्थियों के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं।

 

बैतूल जिले में भव्य आयोजन और स्थानीय सहभागिता

बैतूल जिले में भी इस योजना का अत्यंत उत्साह के साथ स्वागत किया गया। जिला मुख्यालय पर संचालित 50 सीटर पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास और 100 सीटर बालक छात्रावास में मेस व्यवस्था का विधिवत प्रारंभ किया गया।

 

जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम का आयोजन शिवाजी चौक के पास स्थित पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन और विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें निम्नलिखित नाम प्रमुख हैं:

 

  • श्री नरेंद्र कुमार गौतम - सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग

  • श्रीमती पूनम साहू - तहसीलदार, बैतूल

  • सुश्री पूनम वरकडे - जिला शिक्षा अधिकारी

  • श्रीमती रचना श्रीवास्तव - जिला सूचना विज्ञान अधिकारी

  • श्रीमती कीर्ति डहेरिया - अन्य प्रशासनिक प्रतिनिधि और छात्रावास अधीक्षिका

कार्यक्रम की शुरुआत में छात्रावास की छात्राओं द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना की गई, जिसमें सभी अतिथियों और छात्राओं ने उत्साहपूर्वक अपनी सहभागिता दर्ज की।

 

इस योजना के दूरगामी लाभ

पोस्ट मैट्रिक पिछड़ा वर्ग छात्रावासों में इस प्रकार की व्यवस्थित मेस व्यवस्था शुरू होने से विद्यार्थियों को कई प्रकार की सुविधाएं मिलेंगी:

 

  • संतुलित आहार: विद्यार्थियों को अब नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन मिल सकेगा, जिससे उनके स्वास्थ्य में सुधार होगा।

  • समय की बचत: मेस शुरू होने से विद्यार्थियों को खाने के लिए बाहर भटकना नहीं पड़ेगा, जिससे वे अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।

  • समानता का भाव: सभी विद्यार्थियों को एक ही छत के नीचे मानकीकृत भोजन मिलने से आपसी सौहार्द और समानता की भावना मजबूत होगी।

  • शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार: जब बुनियादी जरूरतें आसानी से पूरी होती हैं, तो विद्यार्थियों का मानसिक तनाव कम होता है और शैक्षणिक परिणाम बेहतर होते हैं।

यह पहल मध्य प्रदेश सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों के मेधावी तथा जरूरतमंद विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर आधारभूत सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। बैतूल जिले सहित संपूर्ण मध्य प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए यह दिन एक मील का पत्थर साबित होगा।

 

image source : https://betul.mpinfo.org