मध्य प्रदेश शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का मैदानी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। इसी उद्देश्य के तहत शासन के शीर्ष अधिकारियों द्वारा लगातार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का औचक भ्रमण किया जा रहा है, ताकि शासकीय संस्थानों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाई जा सके और आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता को परखा जा सके।

इसी महत्वपूर्ण कड़ी में बुरहानपुर जिले के अंतर्गत आने वाले नेपानगर क्षेत्र में एक व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस सघन दौरे के दौरान जिले के मुखिया यानी कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से क्षेत्र के विभिन्न शासकीय संस्थानों का मैदानी जायजा लिया। इस उच्चस्तरीय निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की जमीनी हकीकत का आकलन करना तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।

नेपानगर नगर परिषद कार्यालय का अवलोकन और प्रशासनिक सक्रियता

दौरे की शुरुआत में प्रशासनिक अधिकारियों ने नगर परिषद नेपानगर के कार्यालय का रुख किया। स्थानीय स्तर पर शहरी विकास और नागरिकों को नगर निगम या नगर पालिका संबंधी सेवाएं सुचारू रूप से मिलती रहें, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होती है।

कार्यालय के विभिन्न कक्षों का बारीकी से अवलोकन करते हुए कलेक्टर श्री विवेक कुमार और पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष बागरी ने कामकाज की शैली का जायजा लिया। कार्यालयीन फाइलों, रिकॉर्ड्स और कर्मचारियों की उपस्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि जनता के कार्यों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली न हो। इस दौरान स्थानीय नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निराकरण पर भी विशेष जोर दिया गया।

पीएमश्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेपानगर में शिक्षा व्यवस्था की परखा

शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित पीएमश्री स्कूलों की कार्यप्रणाली का निरीक्षण इस दौरे का एक प्रमुख हिस्सा रहा। कलेक्टर श्री विवेक कुमार और पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष बागरी ने पीएमश्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेपानगर का औचक निरीक्षण किया।

  • स्मार्ट क्लास और पुस्तकालय का निरीक्षण: अधिकारियों ने विद्यालय की स्मार्ट क्लास का अवलोकन किया और यह देखा कि डिजिटल माध्यमों से बच्चों को किस प्रकार शिक्षा दी जा रही है। इसके पश्चात, वे विद्यालय के पुस्तकालय (लाइब्रेरी) में पहुंचे, जहां उन्होंने विद्यार्थियों के साथ कुछ समय बिताया और उनकी पढ़ाई का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।

  • विद्यार्थियों से सीधा संवाद: अधिकारियों ने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, विद्यालय में पढ़ाए जाने वाले विषयों, और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। बच्चों ने भी उत्साह के साथ अधिकारियों को अपने अनुभवों से अवगत कराया।

  • शिक्षण स्टाफ और सहशैक्षणिक गतिविधियां: कलेक्टर श्री कुमार ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक और शिक्षकों से चर्चा कर विषयों के शिक्षण स्तर, खेलकूद गतिविधियों, खेल सामग्री की उपलब्धता तथा छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित होने वाली काउंसलिंग के संबंध में पूरी जानकारी ली।

  • महत्वपूर्ण निर्देश: कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद और अन्य सहशैक्षणिक गतिविधियों के लिए भी बेहतरीन अवसर मिलने चाहिए। इसके अलावा, विद्यालय परिसर और कक्षाओं में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए गए।

इस विद्यालय के निरीक्षण के बाद, अधिकारियों की टीम ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अंबाड़ा का भी दौरा किया और वहां की शैक्षणिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नेपानगर में चिकित्सा सेवाओं का सघन निरीक्षण

शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी क्षेत्र के विकास का पैमाना होती हैं। नागरिकों को समय पर बेहतर इलाज और स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं, यह देखने के लिए कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नेपानगर का रुख किया।

  • विभिन्न कक्षों का अवलोकन: अधिकारियों ने स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग), एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र), और जनरल वार्ड सहित अस्पताल के विभिन्न कक्षों का बारीकी से निरीक्षण किया।

  • अभिलेखों और रजिस्टरों की जांच: अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या, उन्हें दी जाने वाली दवाइयों और उपचार के रिकॉर्ड की सत्यता जांचने के लिए विभिन्न रजिस्टरों का भी गहन अवलोकन किया गया।

  • चिकित्सकों और स्टाफ को निर्देश: कलेक्टर श्री विवेक कुमार ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक नागरिक को समय पर और उचित चिकित्सा सेवाएं मिलनी चाहिए। किसी भी मरीज को इलाज के लिए असुविधा नहीं होनी चाहिए।

  • सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा: पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष बागरी ने स्वास्थ्य अधिकारियों से चर्चा कर अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन स्थितियों से निपटने के प्रबंध तथा चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

ग्राम पंचायतों में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन अभियान की प्रगति

ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के अधिकारों को स्पष्ट करने और नागरिकों को उनकी जमीनों व मकानों का वैध अधिकार दिलाने के लिए शासन द्वारा महत्वपूर्ण अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा किया।

  • अंबाड़ा और डवालीखुर्द ग्राम पंचायत का दौरा: कलेक्टर श्री विवेक कुमार ने ग्राम पंचायत भवन अंबाड़ा तथा डवालीखुर्द का औचक अवलोकन किया। उन्होंने वहां चल रहे स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन अभियान के तहत हो रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। संबंधित कर्मचारियों से पंजीयन की प्रक्रिया, अब तक किए गए कार्यों और आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों के बारे में विस्तार से चर्चा की गई।

  • पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर: कलेक्टर ने निर्देश दिए कि स्वामित्व योजना के तहत तय की गई निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार ही कार्यों का निष्पादन किया जाए और पूरी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए ताकि किसी भी ग्रामीण को परेशानी न हो।

  • टिटगांव में पटवारी के कार्यों की समीक्षा: निरीक्षण के अगले क्रम में कलेक्टर श्री विवेक कुमार ग्राम पंचायत टिटगांव पहुंचे। वहां उन्होंने मौके पर पंजीयन का कार्य कर रहे पटवारी से मुलाकात की और अब तक की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने पंजीयन कार्यों में तेजी लाने और समयसीमा के भीतर सभी पात्र हितग्राहियों के दस्तावेज तैयार करने के सख्त निर्देश दिए।

इस संपूर्ण निरीक्षण के दौरान सीईओ जिला पंचायत और एडीएम श्री सृजन वर्मा सहित अन्य संबंधित विभागों के प्रमुख अधिकारीगण भी उपस्थित रहे, जिन्होंने मैदानी अमले को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निष्कर्ष और प्रशासनिक प्रतिबद्धता

बुरहानपुर जिले के नेपानगर क्षेत्र में कलेक्टर श्री विवेक कुमार और पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष बागरी द्वारा किया गया यह संयुक्त निरीक्षण इस बात का प्रतीक है कि जिला प्रशासन शासन की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए कितना गंभीर है। विद्यालय में बच्चों से संवाद कर उनकी शिक्षा का स्तर परखना, अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता जांचना और पंचायतों में स्वामित्व अभियान की प्रगति की समीक्षा करना यह साबित करता है कि प्रशासन जनता के प्रति पूरी तरह जवाबदेह है।

इस प्रकार के मैदानी दौरों से न केवल शासकीय कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्यकुशलता में सुधार होता है, बल्कि योजनाओं का सीधा लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना भी सुनिश्चित होता है। बुरहानपुर प्रशासन के इस सक्रिय रुख से नेपानगर क्षेत्र के नागरिकों में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।

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