शहडोल /धनपुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल स्थिति ने मरीजों और उनके परिजनों को मजबूर कर दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दोपहर के 12:30 बजे अस्पताल में डॉक्टर मौजूद ही नहीं हैं और मरीजों का इलाज घर पर बैठकर किया जा रहा है। इससे गंभीर हालत वाले रोगियों को जरूरी चिकित्सा सेवा नहीं मिल पा रही है और परिजन भटककर खून-पसीने एक करके इलाज की व्यवस्था करते नजर आ रहे हैं।
अस्पताल में कई आवश्यक दवाइयों और इंजेक्शनों की किल्लत लगातार बनी हुई है। रोगियों का कहना है कि यहां उपलब्ध दवाइयों की सूची बेहद सीमित है और जो दवाइयां मिलती हैं वे “विशेष रोगियों” के लिए आरक्षित बताकर अस्पताल द्वारा देने से मना कर दी जाती हैं। ऐसे में मरीजों को बाहर जाकर दवाइयां खरीदनी पड़ती हैं, जिसकी लागत और कष्ट दोनों ही बढ़ जाते हैं। एक परिजन ने बताया, "डॉक्टर कहते हैं दवा उपलब्ध नहीं, इंजेक्शन चाहिए तो बाहर से ले आओ
स्थानीय नेताओं और नागरिकों ने स्वास्थ्य केंद्र के प्रवर्तन और प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं। जहां यह केंद्र क्षेत्र के कई गांवों के लिए आशा और भरोसे का प्रतीक होना चाहिए था, वहीं मौजूदा हालत ने लोगों में असंतोष और भय पैदा कर दिया है। बच्चों व वृद्धों सहित आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोगों को मजबूरन निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है, जिससे उनका खर्च बढ़ रहा है और वे अक्सर जरूरी इलाज टालने पर मजबूर हो रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने जिला स्वास्थ्य अधिकारी और प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग की है — नियमित रूप से डॉक्टर ड्यूटी पर रखने, एम्बुलेंस तथा आवश्यक दवाइयों और इंजेक्शनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ व आपूर्ति श्रृंखला की समृद्धि के साथ निगरानी बढ़ाने की गुहार लगाई है। यदि प्रशासन तुरंत दखल नहीं देता तो लोगों का विश्वास सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था से और अधिक डिग सकता है।

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