गुना। जिले में कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और जनसुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक उच्च-स्तरीय संयुक्त समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता गुना जिला कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल और पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनौतियों, विशेषकर मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन और शहरी अतिक्रमण को नियंत्रित करने के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार करना था। कलेक्टर और एसपी ने स्पष्ट कर दिया है कि जनहित और सरकारी नियमों के उल्लंघन के मामलों में अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
बैठक की मुख्य विशेषताएं और प्रशासनिक निर्देश
1. मानसून और आपदा प्रबंधन: तैयारियों की सघन समीक्षा
बैठक का प्राथमिक चरण आगामी बारिश के मौसम और उससे उत्पन्न होने वाली संभावित बाढ़ की स्थिति पर केंद्रित रहा। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन के लिए तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
-
अधिकारियों की जवाबदेही: कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग (WRD) के कार्यपालन यंत्री के बैठक से अनुपस्थित रहने पर कड़ी नाराजगी जताई। इसे घोर लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से 'कारण बताओ नोटिस' जारी करने के कड़े निर्देश दिए गए।
-
सुरक्षा ऑडिट: लोक निर्माण विभाग (PWD) को निर्देशित किया गया है कि वे गुना जिले के अंतर्गत आने वाले सभी पुल-पुलियों का तत्काल तकनीकी निरीक्षण करें। यह सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य है कि कोई भी संरचना जर्जर न हो और सुरक्षा के मानक पूरे हों।
-
निकासी व्यवस्था: नगरीय निकायों को नालों और नालियों की समयबद्ध सफाई के निर्देश दिए गए हैं ताकि बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।
-
स्वयंसेवकों की भागीदारी: संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए स्थानीय स्तर पर वालंटियर्स की टीम तैयार करने को कहा गया है। इन स्वयंसेवकों की सूची जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के पास साझा की जाएगी ताकि आपात स्थिति में उनका बेहतर उपयोग किया जा सके।
2. अतिक्रमण हटाओ अभियान: जीरो टॉलरेंस की नीति
कलेक्टर ने बैठक के दूसरे चरण में गुना शहर के विभिन्न हिस्सों में हो रहे अवैध अतिक्रमणों पर गहरी चिंता व्यक्त की। मानसून से पूर्व अतिक्रमण मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
-
योजनाबद्ध कार्रवाई: राजस्व विभाग और पुलिस बल को संयुक्त रूप से एक 'एन्क्रोचमेंट ड्राइव' चलाने के लिए कहा गया है। इसके तहत संवेदनशील स्थानों, नदी-नालों के किनारे और यातायात को बाधित करने वाले अतिक्रमणों की सूची तैयार की जाएगी।
-
प्राथमिकता: प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर होगी ताकि आम नागरिकों को सुगम आवागमन और जल निकासी की सुविधा मिल सके।
3. मोबाइल कोर्ट और कानून-व्यवस्था की सख्ती
कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने अब मोबाइल कोर्ट की गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया है।
-
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति: मोबाइल कोर्ट की कार्रवाई के दौरान तहसीलदार एवं एसडीओपी स्तर के अधिकारियों की मौके पर मौजूदगी अनिवार्य कर दी गई है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि मौके पर ही प्रभावी निर्णय लिए जा सकें।
-
एफआईआर की चेतावनी: कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि कोई व्यक्ति नियमों की अवहेलना करता है या अतिक्रमण नहीं हटाता है, तो प्रशासन संकोच न करे। ऐसी स्थिति में संबंधित के खिलाफ तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी।
-
निरंतर मॉनिटरिंग: केवल कार्रवाई करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कार्रवाई के बाद उस स्थान की नियमित मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाएगी ताकि अतिक्रमण दोबारा न पनपे।
4. यातायात सुधार और सड़क सुरक्षा पहल
जिले में बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं और विशेषकर 'हिट एंड रन' के मामलों को देखते हुए पुलिस विभाग को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
-
सुरक्षा मित्र पहल: एसपी ने 'सुरक्षा मित्र' बनाने की पहल का सुझाव दिया है। यह समाज और पुलिस के बीच समन्वय का एक माध्यम बनेगा, जो दुर्घटनाओं की सूचना तुरंत देने और घायलों की मदद करने में सहायक होगा।
-
ट्रैफिक चालानी कार्रवाई: ट्रैफिक टीआई को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध सख्त चालानी कार्रवाई की जाए। इसमें हेलमेट न पहनने, ओवर-स्पीडिंग और गलत दिशा में वाहन चलाने जैसे उल्लंघन शामिल हैं।
-
एनएचएआई को निर्देश: राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को कार्य स्थलों पर पर्याप्त साइन बोर्ड लगाने के लिए कहा गया है। सड़क निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य दिया गया है ताकि यात्रियों को असुविधा न हो।
5. प्रशासन का स्पष्ट संदेश: लापरवाही असहनीय
बैठक के अंत में जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने एक स्वर में कहा कि जनसुरक्षा और कानून-व्यवस्था जिले की रीढ़ हैं। इसमें किसी भी स्तर की ढिलाई न तो बर्दाश्त की जाएगी और न ही उसे नजरअंदाज किया जाएगा। जिले के नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे सरकारी नियमों का पालन करें और अतिक्रमण जैसी गतिविधियों से बचें। आने वाले दिनों में गुना जिले भर में प्रशासनिक सक्रियता देखने को मिलेगी, जिसका उद्देश्य एक सुरक्षित और व्यवस्थित जिला सुनिश्चित करना है।
image source: https://guna.mpinfo.org

Continue With Google
Comments (0)