कमलेश्वर पटेल ने बुलंद की लोकतंत्र की आवाज़ — “वोट पर पहरा, तो लोकतंत्र पर पहरा”
STATE NEWS AI JOURNALIST SURAJ KUMAR
मंझौली, जबलपुर।
मध्य प्रदेश शासन के पूर्व मंत्री एवं CWC सदस्य कमलेश्वर पटेल ने आज लोकतंत्र की हिफ़ाज़त और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के सवाल को लेकर सियासी हुंकार भरी।
जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण जबलपुर एवं कांग्रेस सेवादल द्वारा आयोजित “लोकतंत्र बचाओ सप्ताह” के अंतर्गत “वोट बचाओ, देश बचाओ” कार्यक्रम में शामिल होते हुए कमलेश्वर पटेल ने कहा कि वोट केवल मतपत्र पर दर्ज एक निशान नहीं, बल्कि संविधान द्वारा नागरिक को प्रदान की गई जनसत्ता की सबसे बड़ी ताक़त है।
उन्होंने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता और संस्थागत स्वायत्तता को लेकर उठ रहे सवालों का ज़िक्र करते हुए कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद को मज़बूत रखने के लिए संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता अक्षुण्ण रहना आवश्यक है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनके विरुद्ध मुकदमा चलाने और गिरफ्तारी की मांग को लेकर कांग्रेस के जारी आंदोलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही और मताधिकार की हिफ़ाज़त के सवाल से जुड़ा हुआ है।
कमलेश्वर पटेल ने कहा कि जब जनता के वोट की क़द्र कमज़ोर पड़ती है, तो लोकतंत्र की आवाज़ भी कमज़ोर होती है। इसलिए संविधान की शपथ, लोकतांत्रिक मर्यादा और नागरिक के मताधिकार की हिफ़ाज़त हर दौर में सर्वोपरि रहनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सत्ता आती-जाती रहती है, सरकारें बनती-बिगड़ती रहती हैं, मगर संविधान और लोकतंत्र राष्ट्र की स्थायी विरासत हैं। इस विरासत की हिफ़ाज़त के लिए कांग्रेस का संघर्ष पूरी मज़बूती, प्रतिबद्धता और लोकतांत्रिक तरीक़े से जारी रहेगा।
**“वोट की हिफ़ाज़त होगी, तभी लोकतंत्र की आवाज़ बुलंद होगी।
संविधान सुरक्षित रहेगा, तभी हिंदुस्तान की लोकतांत्रिक रूह महफ़ूज़ रहेगी।”**
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