खेती की दुनिया में पारंपरिक फसलों से हटकर कुछ नया करने का साहस हमेशा बड़े परिणाम लेकर आता है। खेत में खिले गेंदे के चमकीले फूल सिर्फ अपनी सुंदर छटा और मनमोहक खुशबू ही नहीं बिखेर रहे थे, बल्कि कटनी जिले के एक प्रगतिशील किसान के जीवन में अतिरिक्त आमदनी की एक नई और मजबूत उम्मीद भी लेकर आए थे। मध्य प्रदेश के कटनी जिले के अंतर्गत आने वाले विकासखंड बड़वारा के रहने वाले कृषक श्री अक्षय दुबे ने लीक से हटकर कदम उठाया। उन्होंने अपनी पारंपरिक खेती के तरीकों के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों (Horticultural Crops) को अपनाने का निर्णय लिया और गेंदे के फूलों की व्यावसायिक खेती शुरू की। इस अनोखे और साहसिक प्रयोग के जरिए उन्होंने पिछले वर्ष अपनी मेहनत के बल पर लगभग 50 से 60 हजार रुपये तक का शानदार शुद्ध लाभ अर्जित किया है, जो अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बन गया है।
मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) का मिला महत्वपूर्ण सहयोग
किसी भी नए कृषि प्रयोग को सफल बनाने के लिए सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का साथ होना बेहद जरूरी होता है। कृषक श्री अक्षय दुबे ने अपनी इस सफलता की कहानी की शुरुआत करते हुए 'मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर' (MIDH) के अंतर्गत पुष्प एवं विशेष रूप से गेंदे की खेती को अपनाया। बहुत ही कम क्षेत्रफल और सीमित संसाधनों में की गई इस पुष्प खेती से जो आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ, उसने श्री दुबे के आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा दिया। इस सफलता ने उन्हें यह पूरी तरह विश्वास दिला दिया कि यदि किसान अपनी खेती में फसल विविधीकरण (Crop Diversification) को अपनाते हैं, तो कम जमीन से भी आमदनी के नए और बेहतरीन अवसर आसानी से सृजित किए जा सकते हैं। उनके लिए यह केवल एक सामान्य फसल का उत्पादन मात्र नहीं था, बल्कि खेती के पारंपरिक तौर-तरीकों को देखने के उनके नजरिए में एक क्रांतिकारी और सकारात्मक बदलाव का अनूठा अनुभव साबित हुआ।
सफलता से उत्साहित होकर अब दूसरे किसानों को भी कर रहे हैं प्रेरित
उद्यानिकी फसलों से बंपर आर्थिक लाभ कमाने के बाद, कृषक अक्षय दुबे की जिम्मेदारी और उत्साह दोनों बढ़ गए हैं। अब वे केवल अपने खेतों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपने क्षेत्र के अन्य किसानों को भी बागवानी और पुष्प खेती जैसी लाभकारी गतिविधियों को अपनाने के लिए लगातार प्रेरित कर रहे हैं। श्री अक्षय दुबे का स्पष्ट रूप से यह कहना है कि आज के समय में किसानों को केवल अपनी पारंपरिक फसलों के भरोसे ही नहीं बैठना चाहिए, बल्कि बाजार की मांग के अनुरूप उद्यानिकी फसलों को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। यदि किसान भाई थोड़ी सी सूझबूझ दिखाएं, तो वे कम भूमि का उपयोग करके भी अपनी अतिरिक्त आय प्राप्त करने की संभावनाओं को कई गुना बढ़ा सकते हैं। इसी सकारात्मक सोच के साथ, वे अपने आसपास के सभी किसानों को उद्यानिकी विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की पूरी जानकारी प्राप्त करने और पुष्प सहित अन्य लाभकारी फसलों की खेती करने के लिए सक्रिय रूप से प्रोत्साहित कर रहे हैं।
शासकीय योजनाओं ने खेती में आगे बढ़ने के नए रास्तों को किया रोशन
कृषि क्षेत्र में लगातार आ रहे बदलावों और किसानों की आय दोगुनी करने के सरकार के संकल्प को धरातल पर उतारने में सरकारी योजनाओं की बड़ी भूमिका रही है। कृषक श्री अक्षय दुबे ने उद्यानिकी फसलों और पुष्प उत्पादन को प्रोत्साहित करने वाली विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। उन्होंने मीडिया और स्थानीय मंचों के माध्यम से साझा किया कि वर्तमान समय में शासन और प्रशासन की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की बदौलत किसानों को पारंपरिक खेती के दायरे से बाहर निकलकर नई और आधुनिक कृषि गतिविधियों को अपनाने का बड़ा अवसर मिल रहा है। इन योजनाओं के माध्यम से न सिर्फ किसानों का आर्थिक स्तर सुधर रहा है, बल्कि उन्हें अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज करने का स्वर्णिम अवसर भी प्राप्त हो रहा है, जिससे ग्रामीण अंचल में समृद्धि की नई इबारत लिखी जा रही है।
image source : https://katni.mpinfo.org
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