विजयादशमी का पावन पर्व केवल अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का भव्य उत्सव मात्र नहीं है, बल्कि यह शक्ति के सदुपयोग, अपने कर्तव्यों के निष्ठापूर्वक निर्वहन और अन्याय के विरुद्ध डटकर खड़े होने के दृढ़ संकल्प का भी सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। इसी गौरवशाली भावधारा और पारंपरिक परंपरा के साथ मंगलवार, 20 अक्टूबर को कटनी जिले के झिंझरी स्थित पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन का एक भव्य और गरिमामयी आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर पूरा प्रांगण देशभक्ति, आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्साह से ओतप्रोत नजर आया, जहां शासन-प्रशासन के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने सम्मिलित रूप से शस्त्रों की आराधना की।

मंत्री लखन पटेल द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से शस्त्र पूजन

मध्य प्रदेश शासन के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), आनंद विभाग श्री लखन पटेल ने इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने पारंपरिक वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-अनुष्ठान और पूर्ण विधि-विधान के बीच पुलिस लाइन परिसर में रखे गए विभिन्न शस्त्रों का पूजन किया। राज्यमंत्री ने पूरे मनोयोग से अनुष्ठान संपन्न कराया और प्रदेश एवं जिले की सुख-समृद्धि की कामना की। उनके साथ अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भी शस्त्रों को नमन कर भारतीय संस्कृति के इस अनूठे विधान के प्रति अपनी गहरी आस्था प्रकट की।

जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस शस्त्र पूजन समारोह में कटनी जिले के तमाम शीर्ष प्रशासनिक और राजनीतिक नेतृत्व ने सहभागिता दर्ज की। कार्यक्रम के दौरान बड़वारा के लोकप्रिय विधायक श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह, कटनी जिले के ऊर्जावान कलेक्टर श्री आशीष तिवारी तथा पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा ने भी विधि-विधान के साथ शस्त्रों की आराधना की। इन सभी गणमान्य अतिथियों ने शस्त्र पूजन के माध्यम से जनसुरक्षा, अपनी कर्तव्यनिष्ठा और धर्म की रक्षा के प्रति कटिबद्ध रहने का दृढ़ संकल्प सार्वजनिक रूप से अभिव्यक्त किया।

शस्त्र: शक्ति के साथ मर्यादा और उत्तरदायित्व का प्रतीक

भारतीय सनातन परंपरा में विजयादशमी के पावन पर्व पर शस्त्र पूजन किए जाने का एक अत्यंत विशिष्ट और गहरा महत्व है। शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार, शस्त्र केवल बाहुबल, सामर्थ्य और पराक्रम के ही प्रतीक नहीं हैं, बल्कि ये धर्म की रक्षा करने, समाज में व्याप्त अन्याय का प्रतिकार करने और असहाय तथा निर्बलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के सबसे बड़े साधन माने गए हैं। शस्त्र पूजन का मूल भाव केवल शक्ति के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करना भर नहीं है, बल्कि उसके विवेकपूर्ण, न्यायसंगत और पूरी तरह से मर्यादित उपयोग का संकल्प लेना है। भगवान श्री राम द्वारा रावण पर विजय प्राप्त करने की ऐतिहासिक स्मृति से जुड़ा यह दशहरा पर्व हमें बार-बार यह संदेश देता है कि अंततः विजय हमेशा सत्य, न्याय और धर्म के मार्ग पर चलने वालों की ही होती है। यही उच्च भावना शस्त्र पूजन को आध्यात्मिक आस्था के साथ-साथ एक मजबूत सामाजिक उत्तरदायित्व से भी जोड़ती है।

राज्यमंत्री लखन पटेल द्वारा प्रदेशवासियों को विजयादशमी की आत्मीय शुभकामनाएं

शस्त्र पूजन के इस पवित्र अनुष्ठान के उपरांत, राज्यमंत्री श्री लखन पटेल ने दशहरा पर्व और शस्त्र पूजन की इस गौरवशाली सनातन परंपरा का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कटनी जिले सहित समस्त प्रदेशवासियों को विजयादशमी के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने इस प्राचीन परंपरा को भारतीय संस्कृति, राष्ट्र के शौर्य और व्यक्तिगत कर्तव्यबोध से जुड़ा हुआ एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी अवसर करार दिया, जो समाज को हमेशा सजग रहने की प्रेरणा देता है।

जनसुरक्षा के अटूट संकल्प के साथ पुलिस बल द्वारा शस्त्र आराधना

कटनी जिले की पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए विजयादशमी पर होने वाला यह शस्त्र पूजन विशेष महत्व रखता है। यह वार्षिक आयोजन पुलिस कर्मियों को समाज में कानून-व्यवस्था को पूरी तरह से सुदृढ़ बनाए रखने, हर एक नागरिक की जान-माल की मुस्तैदी से सुरक्षा करने और किसी भी संकट या आपात स्थिति के समय अपने कर्तव्य का सर्वोच्च निष्ठा के साथ निर्वहन करने की भारी जिम्मेदारी का स्मरण कराता है। इसी प्रेरणा के साथ विजयादशमी के अवसर पर कटनी पुलिस लाइन के मुख्य शस्त्रागार सहित जिले के तमाम अन्य विभिन्न थानों में भी अत्यंत विधि-विधान के साथ शस्त्रों का पूजन संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट गणमान्य नागरिक एवं अधिकारीगण

झिंझरी स्थित पुलिस लाइन में आयोजित इस भव्य शस्त्र पूजन समारोह में कटनी जिले के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराने पहुंचे। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जिला भाजपा अध्यक्ष श्री दीपक टंडन सोनी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमल मौर्य, अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) श्री जितेंद्र पटेल, श्री रामरतन पायल, श्री पीतांबर टोपनानी, तथा तहसीलदार श्री अजीत तिवारी सहित जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के अन्य कई वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस परंपरा को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।

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